शरद पवार अस्पताल से डिस्चार्ज, डॉक्टरों ने घर पर आराम की दी सख्त सलाह
सारांश
Key Takeaways
- शरद पवार को 23 अप्रैल, गुरुवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया।
- मंगलवार, 22 अप्रैल को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था और दो दिन अस्पताल में रहे।
- डॉक्टरों ने पवार को घर पर पूर्ण विश्राम और किसी भी यात्रा से परहेज की सख्त सलाह दी है।
- परिवार के सदस्य रोहित पवार और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों को खारिज कर स्थिति स्पष्ट की।
- शरद पवार 1967 से लगातार बारामती में मतदान करते आए थे, लेकिन इस बार स्वास्थ्य कारणों से यह परंपरा टूट गई।
- एनसीपी (एसपी) प्रमुख की अस्वस्थता ने पार्टी के भविष्य के नेतृत्व और महाराष्ट्र की राजनीतिक रणनीति पर नई बहस छेड़ दी है।
मुंबई, 23 अप्रैल। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सर्वोच्च नेता शरद पवार को गुरुवार, 23 अप्रैल को मुंबई के प्रतिष्ठित ब्रीच कैंडी अस्पताल से औपचारिक रूप से डिस्चार्ज कर दिया गया। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था, जहां दो दिनों तक चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में उनके कई नैदानिक परीक्षण किए गए। डॉक्टरों ने उन्हें घर पर पूर्ण विश्राम की सख्त हिदायत दी है।
स्वास्थ्य स्थिति और अस्पताल से छुट्टी का विवरण
शरद पवार को 22 अप्रैल, मंगलवार की रात ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उनके रक्त, हृदय और अन्य जरूरी मेडिकल परीक्षण किए गए। 84 वर्षीय वरिष्ठ नेता की उम्र को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने उनकी स्थिति की बारीकी से निगरानी की।
चिकित्सकों ने पुष्टि की कि पवार साहब की स्थिति अब स्थिर है। उन्हें घर पर आराम करने और किसी भी प्रकार की लंबी यात्रा से परहेज करने की स्पष्ट चिकित्सीय सलाह दी गई है। वे फिलहाल मुंबई स्थित अपने आवास पर विश्राम कर रहे हैं।
परिवार और पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक और पवार परिवार के सदस्य रोहित पवार ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर पोस्ट कर स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों पर विराम लगाया। उन्होंने लिखा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों के फोन आ रहे थे, लेकिन पवार साहेब की तबीयत बिल्कुल ठीक है।
रोहित पवार ने बताया कि उन्होंने हाल ही में शरद पवार से कुछ कार्यों को लेकर सीधी बातचीत भी की। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे चिंता न करें और पवार साहेब के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करें।
वहीं, पूर्व मंत्री एवं एनसीपी (एसपी) विधायक जितेंद्र आव्हाड ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि शरदचंद्र पवार साहेब की स्थिति स्थिर है और वे अस्पताल से छुट्टी के बाद अपने घर पर विश्राम कर रहे हैं। उन्होंने सभी से उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करने की अपील की ताकि वे महाराष्ट्र की राजनीति में पुनः सक्रिय हो सकें।
बारामती में मतदान से चूके पवार — 1967 से अटूट परंपरा टूटी
इस पूरे प्रकरण का सबसे भावनात्मक पहलू यह रहा कि शरद पवार इस बार बारामती में मतदान नहीं कर सके। उन्होंने अस्पताल से ही बारामती के मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे 1967 से लगातार बारामती में अपना वोट डालते आए हैं — यह उनकी पांच दशकों से अधिक पुरानी परंपरा थी।
इस बार भी उनकी पूरी योजना बारामती जाकर मतदान करने की थी, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। चिकित्सकों ने उपचार और आराम के दौरान यात्रा न करने की सख्त मनाही की। यह पहला अवसर है जब पवार स्वास्थ्य कारणों से बारामती में मतदान नहीं कर सके।
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक निहितार्थ
शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। 2023 में एनसीपी में विभाजन के बाद से वे अपने गुट को संगठित करने में जुटे हैं। ऐसे में उनकी अस्वस्थता ने पार्टी कार्यकर्ताओं में स्वाभाविक चिंता उत्पन्न की।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और एनसीपी (एसपी) के लिए पवार की सक्रिय उपस्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने पर पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक दिशा काफी हद तक निर्भर करती है।
डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पवार कुछ दिनों तक विश्राम करेंगे। आने वाले सप्ताहों में उनकी राजनीतिक सक्रियता और महाराष्ट्र की बदलती सियासी परिस्थितियों पर सभी की नजर रहेगी।