18 अगस्त 2026
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कान्स में 'बॉम्बे स्टोरीज' की धूम, अनुप्रिया गोयनका ने सौगंधी के किरदार और सेक्स वर्क पर कही बड़ी बात

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कान्स में 'बॉम्बे स्टोरीज' की धूम, अनुप्रिया गोयनका ने सौगंधी के किरदार और सेक्स वर्क पर कही बड़ी बात

सारांश

'बॉम्बे स्टोरीज' सिर्फ एक फिल्म नहीं — मंटो की 'हतक' का परदे पर पुनर्जन्म है। कान्स तक पहुँचकर अनुप्रिया गोयनका ने साबित किया कि इंडिपेंडेंट सिनेमा में भी वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। सौगंधी का किरदार समाज के उस सवाल को उठाता है जिसे अक्सर दबा दिया जाता है।

मुख्य बातें

अनुप्रिया गोयनका की पहली इंडिपेंडेंट फिल्म 'बॉम्बे स्टोरीज' कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में प्रदर्शित हो रही है।
फिल्म का निर्देशन राहत शाह काजमी ने किया है और यह सआदत हसन मंटो की कहानी 'हतक' से प्रेरित है।
अनुप्रिया सेक्स वर्कर 'सौगंधी' की भूमिका में हैं; मौनी रॉय और सुष्मिता सिंह भी अहम किरदारों में हैं।
अनुप्रिया ने कहा कि स्वेच्छा से चुना गया सेक्स वर्क किसी भी अन्य पेशे की तरह सम्मान का हकदार है, लेकिन जबरन धकेला जाना 'गलत और दुखद' है।
फिल्म की भारत में रिलीज़ तिथि अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है।

अभिनेत्री अनुप्रिया गोयनका की पहली इंडिपेंडेंट फिल्म 'बॉम्बे स्टोरीज' को कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में प्रदर्शित किया जा रहा है — जो किसी भी भारतीय कलाकार के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। फिल्म मशहूर उर्दू लेखक सआदत हसन मंटो की चर्चित कहानी 'हतक' से प्रेरित है और समाज के उस वर्ग की अनकही पीड़ा को परदे पर उतारती है, जिसके बारे में खुलकर बात करना आज भी वर्जित माना जाता है।

फिल्म की कहानी और निर्देशन

फिल्म का निर्देशन राहत शाह काजमी ने किया है। 'हतक' शब्द का अर्थ 'अपमान' है और फिल्म की पूरी कथा इसी भावनात्मक धुरी के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें सेक्स वर्कर्स के जीवन, उनके संघर्ष, समाज की नज़र और उनके भीतर दबी भावनाओं को संवेदनशीलता के साथ चित्रित करने का प्रयास किया गया है। फिल्म में अनुप्रिया गोयनका के साथ मौनी रॉय और सुष्मिता सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं।

अनुप्रिया का किरदार 'सौगंधी'

अनुप्रिया फिल्म में सौगंधी नाम की एक सेक्स वर्कर की भूमिका निभा रही हैं। अपने किरदार के बारे में उन्होंने कहा, 'मैं लंबे समय से इंडिपेंडेंट सिनेमा का हिस्सा बनना चाहती थी। मुझे इस बात की बेहद खुशी है कि मेरी पहली फिल्म मंटो की कहानी पर आधारित है। मेरा किरदार सौगंधी समाज की नज़रों और लोगों के फैसलों के बीच खुद को समझने की कोशिश करती है।'

उन्होंने आगे कहा, 'सौगंधी एक ऐसी महिला है जिसने अपनी जिंदगी को उसी रूप में स्वीकार कर लिया है, लेकिन उसके दिल में भी प्यार और सम्मान पाने की चाहत है। वह चाहती है कि कोई उसे सिर्फ शरीर की नज़र से न देखे, बल्कि उसे एक इंसान और एक महिला के रूप में महसूस करे। इस किरदार को निभाते हुए मैंने एक महिला के कई अलग-अलग पहलुओं को समझा और महसूस किया।'

सेक्स वर्क पर अनुप्रिया का बेबाक नज़रिया

अनुप्रिया गोयनका ने सेक्स वर्क के सामाजिक पहलू पर भी खुलकर राय रखी। उनके अनुसार, 'अगर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से यह काम चुनता है, तो यह उसका अधिकार और उसका फैसला है। इसे किसी दूसरे पेशे की तरह ही देखा जाना चाहिए। लेकिन जब किसी महिला को मजबूरी में इस काम में धकेला जाता है, उसके अधिकार छीन लिए जाते हैं या उसे इंसान की तरह सम्मान नहीं मिलता — तब यह गलत और दुखद बन जाता है।'

उन्होंने यह भी जोड़ा, 'समाज में सेक्स वर्कर्स को अक्सर सिर्फ एक वस्तु की तरह देखा जाता है, जबकि उनके भी सपने और भावनाएँ हैं और उन्हें भी सम्मान की ज़रूरत होती है। जब तक किसी को उसकी इच्छा के खिलाफ इस काम में मजबूर नहीं किया जाता, तब तक समाज को उसे जज करने का अधिकार नहीं होना चाहिए।'

कान्स में भारतीय इंडिपेंडेंट सिनेमा की उपस्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय इंडिपेंडेंट फिल्में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान मज़बूत कर रही हैं। कान्स जैसे प्रतिष्ठित महोत्सव में 'बॉम्बे स्टोरीज' का चुना जाना न केवल फिल्म निर्माताओं के लिए, बल्कि भारतीय समानांतर सिनेमा के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। गौरतलब है कि मंटो की रचनाएँ दशकों से विवाद और प्रशंसा दोनों को एक साथ आमंत्रित करती रही हैं — और 'बॉम्बे स्टोरीज' उसी परंपरा को आगे बढ़ाती दिखती है।

फिल्म की रिलीज़ तिथि अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है, लेकिन कान्स में इसकी स्क्रीनिंग के बाद भारतीय दर्शकों में इसे लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह फिल्म मंटो की 'हतक' की उस कच्ची, असुविधाजनक सच्चाई को बरकरार रख पाती है जो दशकों बाद भी प्रासंगिक है। अनुप्रिया का बेबाक बयान समाज में एक ज़रूरी बहस छेड़ता है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर किरदार की 'साहसिकता' पर अटक जाती है और उस नीतिगत शून्य को नज़रअंदाज़ करती है जिसमें सेक्स वर्कर्स आज भी जी रहे हैं। फिल्म की वास्तविक परीक्षा कान्स की तालियों में नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमाघरों में दर्शकों की प्रतिक्रिया में होगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'बॉम्बे स्टोरीज' फिल्म किस पर आधारित है?
यह फिल्म उर्दू के मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो की चर्चित कहानी 'हतक' से प्रेरित है, जो एक सेक्स वर्कर की भावनात्मक और सामाजिक संघर्ष की कहानी है। 'हतक' शब्द का अर्थ 'अपमान' होता है और फिल्म की पूरी कथा इसी भावना के इर्द-गिर्द बुनी गई है।
अनुप्रिया गोयनका 'बॉम्बे स्टोरीज' में क्या भूमिका निभा रही हैं?
अनुप्रिया गोयनका फिल्म में 'सौगंधी' नाम की एक सेक्स वर्कर की भूमिका में हैं। उनके अनुसार यह किरदार एक ऐसी महिला की कहानी है जो समाज की नज़रों के बीच प्यार और सम्मान की तलाश में है।
कान्स फिल्म फेस्टिवल में 'बॉम्बे स्टोरीज' का प्रदर्शन क्यों खास है?
यह अनुप्रिया गोयनका की पहली इंडिपेंडेंट फिल्म है और कान्स जैसे विश्व के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म महोत्सव में इसका चुना जाना भारतीय समानांतर सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
फिल्म में अनुप्रिया के साथ और कौन-कौन से कलाकार हैं?
फिल्म में अनुप्रिया गोयनका के साथ मौनी रॉय और सुष्मिता सिंह भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन राहत शाह काजमी ने किया है।
अनुप्रिया गोयनका ने सेक्स वर्क को लेकर क्या कहा?
अनुप्रिया ने कहा कि यदि कोई स्वेच्छा से यह पेशा चुनता है तो उसे किसी भी अन्य काम की तरह सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन जब किसी को मजबूरी में इस काम में धकेला जाए और उसके अधिकार छीन लिए जाएँ, तो यह गलत और दुखद है।
राष्ट्र प्रेस
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