सोमालीलैंड के पहले राजदूत मोहम्मद हाजी ने यरुशलम में राष्ट्रपति हर्जोग को सौंपे राजनयिक प्रमाण-पत्र

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सोमालीलैंड के पहले राजदूत मोहम्मद हाजी ने यरुशलम में राष्ट्रपति हर्जोग को सौंपे राजनयिक प्रमाण-पत्र

सारांश

इजरायल और सोमालीलैंड के बीच कूटनीति अब केवल कागजों पर नहीं — यरुशलम में राजदूत मोहम्मद हाजी के प्रमाण-पत्र सौंपने के साथ यह रिश्ता औपचारिक हो गया। 1991 से मान्यता की प्रतीक्षा कर रहे सोमालीलैंड के लिए यह एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है, जिसे कई मुस्लिम देशों ने सोमालिया की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।

मुख्य बातें

सोमालीलैंड के पहले राजदूत मोहम्मद हाजी ने 18 मई 2026 को यरुशलम में राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को राजनयिक प्रमाण-पत्र सौंपे।
हाजी ने इजरायल-सोमालीलैंड संबंधों को 'रणनीतिक' बताया — विकास, सुरक्षा और लोगों के बीच सहयोग पर जोर।
इजरायल ने 26 दिसंबर 2025 को सोमालीलैंड को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी — 35 वर्षों की स्वतंत्रता के बाद।
इजरायली कैबिनेट ने 26 अप्रैल को माइकल लोटेम को सोमालीलैंड के लिए इजरायल का पहला राजदूत नियुक्त करने की मंजूरी दी।
सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों ने इजरायल के कदम को सोमालिया की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' बताया।

सोमालीलैंड के पहले राजदूत मोहम्मद हाजी ने 18 मई 2026 को यरुशलम में इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को अपने राजनयिक प्रमाण-पत्र सौंपे — एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण जो दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक संबंधों की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। हाजी ने इस अवसर पर कहा कि इजरायल और सोमालीलैंड के बीच संबंध 'रणनीतिक' प्रकृति के हैं।

राजदूत के शब्दों में संबंधों की परिभाषा

राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, हाजी ने कहा, 'हमने एक मजबूत संबंध बनाया है, जो रणनीतिक प्रकृति का है और विकास, राजनीतिक सहयोग, सुरक्षा सहयोग तथा लोगों के बीच संबंधों समेत कई क्षेत्रों में आगे का रास्ता खोलेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि यह रिश्ता केवल दो सरकारों तक सीमित नहीं, बल्कि दोनों देशों की जनता के बीच भी गहरा है — सोमालीलैंड के शहरों और ग्रामीण इलाकों में इजरायली झंडे लहराते देखे जाते हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 1960 से 2025 तक

हाजी ने इस अवसर पर याद दिलाया कि 1960 में इजरायल उन गिने-चुने देशों में शामिल था जिसने सोमालीलैंड को पहली बार मान्यता दी थी। इसके बाद 26 दिसंबर 2025 को इजरायल ने एक बार फिर सबसे पहले सोमालीलैंड को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की — स्वतंत्रता और संप्रभुता के 35 वर्षों बाद। गौरतलब है कि सोमालीलैंड ने 1991 में सोमालिया से अलग होकर खुद को स्वतंत्र देश घोषित किया था, लेकिन अब तक अधिकांश देशों ने उसे मान्यता नहीं दी है।

उस घोषणा के समय प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि इजरायल कृषि, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सोमालीलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना बना रहा है।

विदेश मंत्री सार की प्रतिक्रिया और एक्स पोस्ट

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी हाजी से मुलाकात की और सोमालीलैंड के स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें बधाई दी। सार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैं सोमालीलैंड के साथ संबंधों को और मजबूत करता रहूंगा।' इससे पहले 15 अप्रैल को सार ने माइकल लोटेम को सोमालीलैंड के लिए इजरायल का पहला राजदूत नियुक्त करने की घोषणा की थी, जिसे 26 अप्रैल को इजरायली कैबिनेट ने औपचारिक मंजूरी दी।

मुस्लिम देशों की निंदा और अंतरराष्ट्रीय विरोध

इजरायल के इस कदम की कई मुस्लिम-बहुल देशों ने कड़ी आलोचना की है। सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, बांग्लादेश, पाकिस्तान और इंडोनेशिया सहित कई देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इसे सोमालिया की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' बताया। यह ऐसे समय में आया है जब इजरायल पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक दबाव में है।

आगे क्या

दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की इस औपचारिक शुरुआत के बाद अब नजरें सहयोग के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर होंगी — खासकर सुरक्षा, कृषि और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में। सोमालीलैंड की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की राह अभी भी संकरी है, लेकिन इजरायल के साथ यह गठजोड़ उसके कूटनीतिक मानचित्र पर एक नई रेखा खींचता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ अदन की खाड़ी और लाल सागर का नियंत्रण वैश्विक महत्व रखता है। लेकिन यह कदम तब आया है जब इजरायल अंतरराष्ट्रीय अलगाव के दौर से गुजर रहा है — ऐसे में सोमालीलैंड जैसे गैर-मान्यता प्राप्त देश के साथ गठजोड़ प्रतीकात्मक से अधिक व्यावहारिक महत्व रखता है। मुस्लिम देशों की संयुक्त निंदा यह भी बताती है कि यह मुद्दा केवल सोमालिया की संप्रभुता का नहीं, बल्कि इजरायल के बढ़ते प्रभाव को लेकर व्यापक चिंता का प्रतिबिंब है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सोमालीलैंड के पहले राजदूत मोहम्मद हाजी ने इजरायल में क्या किया?
मोहम्मद हाजी ने 18 मई 2026 को यरुशलम में इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को अपने राजनयिक प्रमाण-पत्र सौंपे। यह सोमालीलैंड और इजरायल के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंधों की शुरुआत का प्रतीक है।
इजरायल ने सोमालीलैंड को मान्यता कब दी?
इजरायल ने 26 दिसंबर 2025 को सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की। सोमालीलैंड ने 1991 में सोमालिया से अलग होकर खुद को स्वतंत्र घोषित किया था, लेकिन अब तक अधिकांश देशों ने उसे मान्यता नहीं दी है।
मुस्लिम देशों ने इजरायल के इस कदम की निंदा क्यों की?
सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इंडोनेशिया सहित कई मुस्लिम-बहुल देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के इस कदम को सोमालिया की संप्रभुता का 'स्पष्ट उल्लंघन' बताया। उनका तर्क है कि सोमालीलैंड अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त देश नहीं है।
इजरायल ने सोमालीलैंड के लिए अपना पहला राजदूत किसे नियुक्त किया?
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने 15 अप्रैल को माइकल लोटेम के नाम की घोषणा की थी, और 26 अप्रैल को इजरायली कैबिनेट ने इसे औपचारिक मंजूरी दी।
इजरायल और सोमालीलैंड के बीच संबंधों का इतिहास क्या है?
राजदूत हाजी के अनुसार, इजरायल 1960 में उन गिने-चुने देशों में शामिल था जिसने सोमालीलैंड को पहली बार मान्यता दी थी। इसके बाद दिसंबर 2025 में इजरायल ने फिर सबसे पहले सोमालीलैंड को स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी — 35 वर्षों की स्वतंत्रता के बाद।
राष्ट्र प्रेस
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