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क्या बोंडी बीच हमले के बाद पीएम अल्बनीज ने इजरायली राष्ट्रपति से बात की?

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क्या बोंडी बीच हमले के बाद पीएम अल्बनीज ने इजरायली राष्ट्रपति से बात की?

सारांश

बोंडी बीच पर हुए आतंकी हमले के बाद, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने इजरायली राष्ट्रपति को निमंत्रण दिया है। क्या यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करेगा? जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में।

मुख्य बातें

बोंडी बीच पर हमले के बाद, पीएम अल्बनीज ने इजरायली राष्ट्रपति से बात की।
गवर्नर जनरल द्वारा औपचारिक न्योता दिया जाएगा।
हर्जोग ने आतंकी हमले पर संवेदना व्यक्त की।
ऑस्ट्रेलिया हमेशा इजरायल के साथ खड़ा है।
कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कैनबरा, 23 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बोंडी बीच पर हुए आतंकी हमले के नौ दिन बाद, प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से फोन पर बातचीत की और उन्हें ऑस्ट्रेलिया आने का न्योता दिया। यह औपचारिक निमंत्रण देश के गवर्नर जनरल द्वारा दिया जाएगा।

दोनों नेताओं ने मंगलवार को आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति दिखाई।

अल्बनीज ने हर्जोग को बताया कि गवर्नर-जनरल सैम मोस्टिन जल्द ही प्रोटोकॉल के तहत इजरायली राष्ट्रपति को ऑस्ट्रेलिया आने का न्योता देंगे। हर्जोग ने पुष्टि की कि वे इस निमंत्रण को स्वीकार करेंगे। इसी तरह का एक निमंत्रण ऑस्ट्रेलिया के यहूदी फेडरेशन के प्रमुख द्वारा भी दिया गया था।

'द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड' के अनुसार, हर्जोग ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोध, उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने के लिए सभी कानूनी कदम उठाने के महत्व पर भी चर्चा की।

हमले के एक हफ्ते बाद, हर्जोग ने यरूशलम से यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों को कहा: “इजरायल के लोग आपके साथ हैं। हमारे बीच हजारों मील की दूरी होने के बावजूद, हम आपका दर्द महसूस करते हैं, आपकी हिम्मत देखते हैं, और आपके अकेलेपन, सदमे और डर को समझते हैं।”

भावुक संदेश में उन्होंने कहा, “यहां यरूशलम में, हमने आपके दिलों को टूटते हुए सुना है, और हमने अपने दिलों को भी दुख से भरा हुआ महसूस किया है। हम उन सभी के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, और सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”

14 दिसंबर को हमलों के तुरंत बाद, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि ये ऑस्ट्रेलिया की ढुलमुल नीतियों और फिलिस्तीन को मान्यता देने का परिणाम हैं।

'जायोनी फेडरेशन ऑफ ऑस्ट्रेलिया' के अध्यक्ष, जेरेमी लीबलर ने कहा कि वे आभारी हैं कि सरकार ने निमंत्रण दिया है। उनके अनुसार, यह दर्शाता है कि “ऑस्ट्रेलिया अपने यहूदी नागरिकों के साथ खड़ा है। ऑस्ट्रेलिया हमेशा आतंकवाद और नफरत के खिलाफ इजरायल के साथ खड़ा है।”

लीबलर ने अपने बयान में आशा जताई कि “राष्ट्रपति हर्जोग की उपस्थिति उन लोगों को सांत्वना देगी जो दुख में हैं और डर में जी रहे हैं, और यह पीड़ितों और उस दिन दिखाई गई हिम्मत का भी सम्मान करेगी।”

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दिखाया है कि ऑस्ट्रेलिया आतंकवाद के खिलाफ अपने समर्थन में दृढ़ है। इसे एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है जो दोनों देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दे सकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोंडी बीच पर हमला कब हुआ?
बोंडी बीच पर हमला 14 दिसंबर को हुआ।
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने किससे बात की?
प्रधानमंत्री अल्बनीज ने इजरायली राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से बात की।
क्या इजरायली राष्ट्रपति ने न्योता स्वीकार किया?
हाँ, इजरायली राष्ट्रपति ने न्योता स्वीकार करने की पुष्टि की।
हर्जोग ने ऑस्ट्रेलिया में किस विषय पर बात की?
हर्जोग ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी-विरोध, उग्रवाद और आतंकवाद से निपटने के विषय पर बात की।
राष्ट्र प्रेस
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