3 जुलाई 2026
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मध्य पूर्व संकट के बीच ४ दिनों में १.७२ करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक: पेट्रोलियम मंत्रालय

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मध्य पूर्व संकट के बीच ४ दिनों में १.७२ करोड़ एलपीजी सिलेंडर डिलीवर, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक: पेट्रोलियम मंत्रालय

सारांश

मध्य पूर्व संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद भारत में एलपीजी आपूर्ति सामान्य है — चार दिनों में १.७२ करोड़ सिलेंडर डिलीवर, ६,९५० छापेमारी, ८० डिस्ट्रीब्यूटरशिप निलंबित। सरकार ने निर्यात शुल्क भी घटाए।

मुख्य बातें

पिछले चार दिनों में 1.72 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जबकि बुकिंग 1.69 करोड़ थी।
ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 99 प्रतिशत और DAC-आधारित डिलीवरी 95 प्रतिशत तक पहुँची।
जमाखोरी रोकने के लिए 6,950 से अधिक छापेमारी ; 428 डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना, 80 निलंबित ।
PNG कनेक्शन: मार्च 2026 से 7.37 लाख नए कनेक्शन सक्रिय; कुल संख्या 10.13 लाख ।
डीजल निर्यात शुल्क ₹23 से ₹16.50 , एटीएफ ₹33 से ₹16 प्रति लीटर किया गया।
सभी रिफाइनरियाँ उच्च क्षमता पर कार्यरत; देश भर के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त पेट्रोल-डीजल उपलब्ध।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 18 मई 2026 को जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के बावजूद देश भर में रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पिछले चार दिनों में लगभग 1.69 करोड़ बुकिंग के सापेक्ष 1.72 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की जा चुकी है। मंत्रालय ने नागरिकों से घबराहट में खरीदारी न करने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।

आपूर्ति की स्थिति और डिलीवरी आँकड़े

मंत्रालय के अनुसार किसी भी रिटेल डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर गैस की कमी की स्थिति सामने नहीं आई है। रविवार को ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग का स्तर उद्योग-स्तर पर बढ़कर लगभग 99 प्रतिशत तक पहुँच गया। कालाबाजारी रोकने के लिए उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी भी बढ़कर लगभग 95 प्रतिशत हो गई है।

पिछले चार दिनों में लगभग 1.90 लाख छोटे 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर भी बेचे गए, जिनका उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी मजदूर करते हैं। इसी अवधि में कुल 25,204 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री दर्ज की गई।

तीन कंपनियों की समिति और पीएनजी विस्तार

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के कार्यकारी निदेशकों की तीन सदस्यीय समिति राज्य सरकारों और उद्योग संगठनों के साथ मिलकर राज्यों और जम्मू-कश्मीर में कमर्शियल एलपीजी बिक्री की योजना तैयार कर रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब मार्च 2026 से अब तक लगभग 7.37 लाख पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 2.76 लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार किया गया है, जिससे कुल संख्या 10.13 लाख तक पहुँच गई है। साथ ही लगभग 7.76 लाख नए ग्राहकों का पंजीकरण भी किया गया है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

मंत्रालय के बयान के अनुसार एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देश भर में पिछले चार दिनों में 6,950 से अधिक छापेमारी की गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों के अधिकारियों ने करीब 2,800 पेट्रोल पंपों और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर औचक निरीक्षण किए। 428 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया गया है, जबकि रविवार तक 80 डिस्ट्रीब्यूटरशिप को निलंबित कर दिया गया।

निर्यात शुल्क में कटौती और रिफाइनरी क्षमता

केंद्र सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए डीजल पर निर्यात शुल्क ₹23 प्रति लीटर से घटाकर ₹16.50 प्रति लीटर और एटीएफ पर निर्यात शुल्क ₹33 प्रति लीटर से घटाकर ₹16 प्रति लीटर कर दिया है। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क ₹3 प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। मंत्रालय ने बताया कि सभी रिफाइनरियाँ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार उपलब्ध है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के कच्चे तेल आयात का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए घरेलू रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना और निर्यात शुल्क घटाना दोनों कदम एक साथ उठाए गए हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की बंदी अगर लंबी खिंची तो क्या घरेलू रिफाइनरी उत्पादन और वैकल्पिक आपूर्ति मार्ग उस अंतर को भर पाएँगे। ८० डिस्ट्रीब्यूटरशिप का निलंबन और ६,९५० से अधिक छापेमारी यह भी संकेत देती है कि संकट की आहट में जमाखोरी की प्रवृत्ति तेज हुई है — जो आपूर्ति से ज़्यादा मनोवैज्ञानिक दबाव की समस्या है। निर्यात शुल्क में कटौती घरेलू उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में सही कदम है, पर इससे सरकारी राजस्व पर पड़ने वाले असर का आकलन अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत में एलपीजी आपूर्ति सामान्य क्यों है?
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार घरेलू रिफाइनरियों में स्थानीय एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया है और सभी रिफाइनरियाँ उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। इसके अलावा IOCL, HPCL और BPCL की तीन सदस्यीय समिति राज्यों में वितरण की निगरानी कर रही है।
पिछले चार दिनों में कितने एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए?
मंत्रालय के बयान के अनुसार पिछले चार दिनों में लगभग १.६९ करोड़ बुकिंग के सापेक्ष १.७२ करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर डिलीवर किए गए। इसके अतिरिक्त १.९० लाख छोटे ५ किलोग्राम के सिलेंडर और २५,२०४ मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की भी बिक्री हुई।
एलपीजी कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
पिछले चार दिनों में देश भर में ६,९५० से अधिक छापेमारी की गई है। ४२८ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जुर्माना लगाया गया और ८० डिस्ट्रीब्यूटरशिप को निलंबित किया गया। DAC-आधारित डिलीवरी को ९५ प्रतिशत तक बढ़ाया गया है ताकि अनधिकृत वितरण रोका जा सके।
डीजल और पेट्रोल पर निर्यात शुल्क में क्या बदलाव किया गया है?
केंद्र सरकार ने डीजल पर निर्यात शुल्क ₹२३ प्रति लीटर से घटाकर ₹१६.५० प्रति लीटर और एटीएफ पर ₹३३ से ₹१६ प्रति लीटर कर दिया है। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क ₹३ प्रति लीटर निर्धारित किया गया है, जिससे घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।
क्या पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन भी बढ़ाए गए हैं?
हाँ, मार्च २०२६ से अब तक लगभग ७.३७ लाख PNG कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की गई है और अतिरिक्त २.७६ लाख कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढाँचा तैयार है, जिससे कुल संख्या १०.१३ लाख हो गई है। साथ ही ७.७६ लाख नए ग्राहकों का पंजीकरण भी किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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