एलपीजी सप्लाई सामान्य: अप्रैल में 17.83 लाख छोटे सिलेंडर बिके, जमाखोरों पर 1.5 लाख छापे
सारांश
Key Takeaways
- 17.83 लाख छोटे 5 किलो एलपीजी सिलेंडर अप्रैल 2025 में अब तक बिक चुके हैं।
- देशभर में एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सामान्य, कहीं भी 'ड्राई-आउट' की स्थिति नहीं।
- जमाखोरी के खिलाफ 1.5 लाख छापे, 66,000 सिलेंडर जब्त, 255 गिरफ्तारियां और 1,100+ एफआईआर।
- 298 वितरकों पर जुर्माना, 70 डिस्ट्रीब्यूटर्स के लाइसेंस निलंबित।
- ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 98%25 और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन 94%25 तक पहुंचा।
- 7.87 लाख पीएनजी कनेक्शन सक्रिय, 5.97 लाख नए उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2025। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से स्पष्ट किया कि देशभर में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और अप्रैल 2025 में अब तक 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की कुल 17.83 लाख इकाइयां बेची जा चुकी हैं। मंत्रालय ने नागरिकों से घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करने की अपील की है।
बिक्री और वितरण के ताज़ा आंकड़े
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में एक ही दिन में 81,000 से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे गए, जो मांग और आपूर्ति दोनों के सुचारू होने का प्रमाण है। देश में कहीं भी गैस खत्म होने यानी 'ड्राई-आउट' की कोई स्थिति सामने नहीं आई है।
कमर्शियल एलपीजी सेगमेंट में बुधवार को 8,483 मीट्रिक टन यानी लगभग 4.46 लाख 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर बिके। इस तरह अप्रैल में कुल कमर्शियल बिक्री 1,40,362 मीट्रिक टन (करीब 73.87 लाख सिलेंडर) तक पहुंच गई है।
पीएनजी कनेक्शन में तेज़ विस्तार
मंत्रालय ने बताया कि देशभर में 5.27 लाख पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 2.60 लाख और कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार हो चुका है, जिससे कुल कनेक्शन संख्या 7.87 लाख हो गई है।
करीब 5.97 लाख नए उपभोक्ताओं ने गैस कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है। वहीं, 42,000 से अधिक पीएनजी उपभोक्ताओं ने mypngd.in वेबसाइट के माध्यम से अपने एलपीजी कनेक्शन स्वेच्छा से सरेंडर कर दिए हैं, जो पाइप्ड गैस की बढ़ती स्वीकार्यता दर्शाता है।
डिजिटल बुकिंग और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन में उछाल
ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो प्रणाली की पारदर्शिता और डिजिटलीकरण की सफलता को दर्शाती है। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी-आधारित डिलीवरी ऑथेंटिकेशन लगभग 94 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जिससे गड़बड़ी और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकी है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 1.5 लाख से अधिक छापे मारे जा चुके हैं और 66,000 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
इस दौरान 1,100 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और 255 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकारी तेल कंपनियों ने 298 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया है और 70 डिस्ट्रीब्यूटर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
होर्मुज संकट के बीच घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता
मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की संभावित स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
घरेलू मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरी स्तर पर एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार सुनिश्चित किया गया है। मंत्रालय ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।
यह उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत ने अपनी घरेलू ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने में सफलता पाई है। आने वाले हफ्तों में पीएनजी विस्तार और डिजिटल बुकिंग के आंकड़े और बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे एलपीजी वितरण प्रणाली और अधिक पारदर्शी बनेगी।