डेयरी विकास योजना: MP के 26 हजार गांव जुड़ेंगे, CM मोहन यादव का बड़ा लक्ष्य

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डेयरी विकास योजना: MP के 26 हजार गांव जुड़ेंगे, CM मोहन यादव का बड़ा लक्ष्य

सारांश

मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने डेयरी विकास योजना के तहत 26 हजार गांव जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख किग्रा दुग्ध संकलन का लक्ष्य तय किया। 2025-26 में 1,752 नई दुग्ध समितियां बनीं, 701 निष्क्रिय समितियां पुनः सक्रिय हुईं और मोबाइल ऐप से दुग्ध संकलन शुरू होगा।

Key Takeaways

  • 26 हजार गांव मध्य प्रदेश की डेयरी विकास योजना से जोड़े जाएंगे।
  • प्रतिदिन दुग्ध संकलन का लक्ष्य 52 लाख किलोग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि अभी 9.67 लाख किग्रा प्रतिदिन संकलन हो रहा है।
  • वर्ष 2025-26 में 1,752 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित और 701 निष्क्रिय समितियां पुनः सक्रिय की गईं।
  • 153 नवीन बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं।
  • दुग्ध संकलन मोबाइल ऐप के जरिए किसानों को तत्काल दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी मिलेगी।
  • दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को प्रोत्साहन और डेयरी वैल्यू चेन का डिजिटलीकरण प्रमुख एजेंडे में शामिल।

भोपाल, 24 अप्रैल 2025। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए डेयरी विकास योजना के अंतर्गत प्रदेश के 26 हजार गांवों को जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। यह घोषणा मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक में की गई।

किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति

मुख्यमंत्री यादव ने बैठक में स्पष्ट किया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत राज्य सरकार डेयरी गतिविधियों को विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने में सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक हैं।

राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग से प्रदेश के दुग्ध संघों में दुग्ध संकलन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों को दूध के बेहतर मूल्य मिल रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम दुग्ध संकलन हो रहा है, जिसे आगामी वर्षों में 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

नई दुग्ध समितियों का गठन और डिजिटलीकरण

बैठक में बताया गया कि NDDB द्वारा एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के साथ कार्यानुबंध के बाद वर्ष 2025-26 में 1,752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इसके साथ ही 701 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को पुनः क्रियाशील किया गया है।

प्रदेश में 153 नवीन बल्क मिल्क कूलर स्थापित किए गए हैं। दूध और दुग्ध उत्पादों का क्रेडिट पर विक्रय पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। अब दुग्ध संकलन मोबाइल ऐप के माध्यम से दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल मिल सकेगी।

महिला सशक्तिकरण और ब्रांड विस्तार

मुख्यमंत्री यादव ने दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डेयरी सहकारी कवरेज के विस्तार, नई डेयरी प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना, पशु चारा संयंत्रों के आधुनिकीकरण और डेयरी वैल्यू चेन के डिजिटलीकरण के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।

दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए ब्रांड सुदृढ़ीकरण और नई पैकेजिंग डिजाइन पर भी ध्यान दिया जाएगा। NDDB के दुग्ध क्षेत्र के अनुभव का लाभ राजधानी से लेकर ग्राम स्तर तक सुनिश्चित किया जाएगा।

जिला स्तर पर कार्यक्रम और किसान सम्मान

मुख्यमंत्री यादव ने निर्देश दिए कि आदर्श पशुपालकों को सम्मानित करने, दूधारू पशुओं की प्रदर्शनी आयोजित करने और डेयरी संबंधी जानकारी के प्रसार के लिए जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। किसानों और युवाओं को डेयरी टेक्नोलॉजी की नवीनतम तकनीकों से परिचित कराना भी इस अभियान का हिस्सा होगा।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में श्वेत क्रांति की दिशा में यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब राज्य में पशुपालन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। आने वाले महीनों में इस योजना के क्रियान्वयन की प्रगति समीक्षा की जाएगी और लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष दल गठित किए जाएंगे।

Point of View

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि वर्तमान 9.67 लाख किग्रा से 52 लाख किग्रा प्रतिदिन तक पहुंचना यानी पांच गुना से अधिक की छलांग, जो बिना ठोस बुनियादी ढांचे और किसानों की वास्तविक भागीदारी के संभव नहीं। उल्लेखनीय है कि देश में गुजरात का अमूल मॉडल दशकों की मेहनत और सहकारी भावना का परिणाम है — MP उसी रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन समयसीमा और जवाबदेही तंत्र अभी स्पष्ट नहीं। डेयरी टेक्नोलॉजी और मोबाइल ऐप जैसे डिजिटल कदम सराहनीय हैं, पर ग्रामीण इंटरनेट कनेक्टिविटी की चुनौती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

मध्य प्रदेश की डेयरी विकास योजना में कितने गांव जोड़े जाएंगे?
मध्य प्रदेश की डेयरी विकास योजना के अंतर्गत 26 हजार गांवों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
मध्य प्रदेश में अभी प्रतिदिन कितना दूध संकलन हो रहा है?
वर्तमान में मध्य प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम दुग्ध संकलन किया जा रहा है। राज्य सरकार इसे बढ़ाकर 52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है।
MP में 2025-26 में कितनी नई दुग्ध सहकारी समितियां बनाई गई हैं?
NDDB के सहयोग से वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश में 1,752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इसके अलावा 701 निष्क्रिय समितियों को भी पुनः क्रियाशील किया गया है।
MP डेयरी विकास योजना से किसानों को क्या फायदा होगा?
इस योजना से किसानों को दूध के बेहतर दाम मिलेंगे और उनकी आय दोगुनी होने की संभावना है। मोबाइल ऐप के माध्यम से दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल मिलेगी।
मध्य प्रदेश डेयरी योजना में महिलाओं की क्या भूमिका होगी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को विशेष रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। महिला सशक्तिकरण इस डेयरी विकास अभियान का एक प्रमुख स्तंभ है।
Nation Press