अनुराग कश्यप ने 'सूबेदार' को सिनेमाघरों में रिलीज करने की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'सूबेदार' को जोरदार प्रशंसा मिल रही है।
- अनुराग कश्यप ने इसे सिनेमाघरों में रिलीज करने की मांग की।
- फिल्म में पितृसत्तात्मक समाज की सच्चाई को दर्शाया गया है।
- अनिल कपूर का प्रदर्शन और एक्शन दृश्य अत्यंत प्रभावशाली हैं।
- फिल्म की फोटोग्राफी और एक्शन दृश्य वास्तविकता के बेहद करीब हैं।
मुंबई, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता अनिल कपूर की एक्शन थ्रिलर फिल्म सूबेदार को हर तरफ से जोरदार प्रशंसा मिल रही है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई इस फिल्म की कहानी, कलाकारों का अभिनय और विशेषतः अनिल कपूर के धमाकेदार एक्शन दृश्य लोगों का दिल जीत रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रसिद्ध निर्देशक अनुराग कश्यप ने फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने की अपील की।
उन्होंने शनिवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर अनिल की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "सूबेदार प्राइम वीडियो पर देखने के लिए बेहतरीन है, लेकिन मेरी राय में इसे सिनेमाघरों में रिलीज किया जाना चाहिए था। इसे सिनेमा में देखना और भी आनंददायक होता, क्योंकि फिल्म को बड़े स्क्रीन के लिए अनामॉर्फिक लेंस से शूट किया गया है, जो इसके अनुभव को और बढ़ाता है। थियेटर में दर्शकों के साथ देखने का अनुभव और भी आकर्षक होता।"
अनुराग ने फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की भी सराहना की, जिनकी कड़ी मेहनत से बुंदेलखंड और चंबल की दुनिया को गहराई और असली अंदाज में दर्शाया गया है। उन्होंने लिखा, "फिल्म में पितृसत्तात्मक समाज की सच्चाई को दर्शाया गया है, जहाँ कुछ महिलाएँ भी पुरुषों जैसी मजबूत होती हैं। ऐसी दुनिया में फूलन देवी जैसी महिलाएं पैदा हुई हैं। आज भी वहाँ के हालात नहीं बदले हैं, बल्कि और कठिन हो गए हैं।"
फिल्म की कहानी एक पूर्व सैनिक अर्जुन मौर्या की है, जो असभ्य नागरिक समाज में फंस जाता है। उन्होंने आगे कहा, "यह फिल्म पूरी तरह से काल्पनिक है, लेकिन इसमें तनाव, सन्नाटा, गति और यथार्थता बहुत अच्छे से दर्शाई गई है। मैंने इसे नॉइज़-कैंसलेशन हेडफोन पर देखा और मजा आया, लेकिन थियेटर में दर्शकों के साथ देखने का अनुभव और भी शानदार होता।"
इसके साथ ही, अनुराग ने फिल्म के सभी कलाकारों की भी तारीफ की। उन्होंने लिखा, "अनिल कपूर ने अंदर का गुस्सा और आग बेहतरीन तरीके से पर्दे पर दिखाई। फैसल मलिक, मोना सिंह, आदित्य रावल (विलेन) और राधिका मदान का अभिनय कमाल का था। आदित्य का विलेन रोल इतना असली लगता है कि नफरत हो जाए। राधिका जोशीली और संवेदनशील दोनों हैं। कल्लू मामा का एक्शन भी अद्भुत है।
फिल्म की फोटोग्राफी बेहद शानदार है। हाईवे पर की गई चेज बेहतरीन तरीके से दिखाई गई है और एक्शन भी असली लगता है। जब आजकल हर कोई ओवर-द-टॉप एक्शन कर रहा है, तब सभी कलाकारों और टीम को बधाई।