असम में ₹33,600 करोड़ के 15 औद्योगिक पार्क: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का 'विकसित भारत' मिशन
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 मई 2026 को घोषणा की कि राज्य सरकार केंद्र की 'भव्य' औद्योगिक पहल के तहत 15 प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर पार्क विकसित कर रही है, जिनमें ₹33,600 करोड़ के निवेश की संभावना है। सरमा ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ही 'विकसित भारत' के सपने की असली नींव है और असम इस राष्ट्रीय यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है।
मुख्य घोषणाएँ और योजना का खाका
मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मैन्युफैक्चरिंग ही विकसित भारत की कुंजी है और असम इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हम भारत सरकार की भव्य औद्योगिक दृष्टि के तहत 15 स्थलों का विकास कर रहे हैं, जहाँ प्लग-एंड-प्ले इंफ्रा पार्क बनाए जाएंगे, ताकि घरेलू विनिर्माण को गति मिले, आर्थिक विकास बढ़े और रोज़गार सृजित हों।' इनमें से आठ प्राथमिकता वाले औद्योगिक पार्कों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनमें अनुमानित ₹33,600 करोड़ का निवेश अपेक्षित है।
किन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता
प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, क्लीन एनर्जी, पेट्रोकेमिकल्स और सहायक उद्योगों को शामिल किए जाने की संभावना है। प्लग-एंड-प्ले मॉडल के तहत उद्योगों को सड़क, बिजली, पानी और साझा सुविधाओं सहित तैयार बुनियादी ढाँचा उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे परियोजनाओं को संचालन में लाने का समय उल्लेखनीय रूप से कम होगा।
असम की रणनीतिक स्थिति और निवेश अनुकूल माहौल
अधिकारियों के अनुसार, 'भव्य' पहल से असम के औद्योगिक इकोसिस्टम को मज़बूती मिलेगी — बुनियादी ढाँचे की तैयारी बेहतर होगी, कारोबार करने में आसानी बढ़ेगी और निवेशकों के लिए परियोजनाएँ तेज़ी से लागू हो सकेंगी। राज्य सरकार का दावा है कि पूर्वोत्तर में असम की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियाँ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बनाती हैं। गौरतलब है कि इसी वर्ष आयोजित 'एडवांटेज असम 2.0' निवेश शिखर सम्मेलन के बाद राज्य में निवेश गतिविधियों को और गति मिली है।
केंद्र-राज्य समन्वय और दीर्घकालिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर असम को पूर्वोत्तर क्षेत्र का प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार देश भर में मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को व्यापक रूप से विस्तार देने पर ज़ोर दे रही है और पूर्वोत्तर राज्यों को औद्योगिक मानचित्र पर लाने की कोशिश की जा रही है।
आगे क्या
प्लग-एंड-प्ले पार्कों के विकास की समयसीमा और पहले चरण की परियोजनाओं का विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। निवेशकों और उद्योग संगठनों की नज़र इस बात पर होगी कि ₹33,600 करोड़ की निवेश संभावना को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की रफ़्तार कितनी तेज़ रहती है।