क्या असम के मुख्यमंत्री ने चाय बागान श्रमिकों के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की?

Click to start listening
क्या असम के मुख्यमंत्री ने चाय बागान श्रमिकों के लिए वित्तीय सहायता योजना शुरू की?

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चाय बागान श्रमिकों के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। यह योजना श्रमिकों को 5,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा। जानिए इस योजना के खास पहलुओं के बारे में।

Key Takeaways

  • श्रमिकों को 5,000 रुपए की वित्तीय सहायता
  • 836 चाय बागानों में 6 लाख से अधिक श्रमिक लाभान्वित होंगे
  • चाय बागान श्रमिकों के लिए मोबाइल क्रेच और शौचालय सेवाएं
  • 3% आरक्षण ओबीसी श्रेणी के तहत
  • भूमि अधिकार जल्द मिलेंगे

गुवाहाटी, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम सरकार ने रविवार को चाय बागान श्रमिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने तिनसुकिया जिले के डूमडूमा में 'मुख्य मंत्रिर एति कोलि दुति पात' योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के अंतर्गत राज्य भर के छह लाख से अधिक श्रमिकों को एक बार में 5,000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने इस योजना को असम के 200 साल पुराने चाय उद्योग में चाय बागान श्रमिकों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के रूप में बताया है। इस कार्यक्रम के तहत 27 जिलों और 73 विधानसभा क्षेत्रों में फैले 836 चाय बागानों में कार्यरत 6,03,927 स्थायी और अस्थायी श्रमिकों को 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जाएगी।

शुभारंभ के मौके पर सरमा ने कहा कि यह पहल वर्तमान सरकार के एक और महत्वपूर्ण चुनावी वादे को पूरा करती है और चाय बागान श्रमिकों तथा आदिवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उन्होंने आगे कहा कि योजना के सफल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया अपने दिन की शुरुआत असम की चाय के एक कप से करती है, लेकिन खेतों में मेहनत करने वाले श्रमिक अक्सर अनदेखे रह जाते हैं। जिस प्रकार हमें असम की चाय पर गर्व है, उसी प्रकार हमें चाय बागान श्रमिकों पर भी गर्व होना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के चाय उद्योग ने ब्रिटिश काल में अपनी स्थापना के बाद से 200 वर्ष पूरे कर लिए हैं।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत, मुख्यमंत्री ने चाय बागान श्रमिकों के लिए बाल देखभाल, स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मोबाइल क्रेच और मोबाइल शौचालय सेवाओं का भी उद्घाटन किया।

कल्याणकारी उपायों की एक श्रृंखला पर प्रकाश डालते हुए सरमा ने कहा कि सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की सरकारी नौकरियों में ओबीसी श्रेणी के तहत चाय बागान जनजातियों और स्वदेशी समुदायों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।

उन्होंने घोषणा की कि चाय बागान श्रमिक क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को जल्द ही भूमि अधिकार प्रदान किए जाएंगे, जिसके लिए आवेदन पत्र फरवरी की शुरुआत से वितरित किए जाएंगे और उसके बाद भूमि पट्टे जारी किए जाएंगे।

Point of View

बल्कि श्रमिकों के अधिकारों को भी मान्यता देती है। ऐसे कदम ज़रूरी हैं ताकि श्रमिकों का जीवन स्तर सुधरे और उन्हें सम्मानित महसूस हो।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

इस योजना का लाभ कौन ले सकता है?
इस योजना का लाभ असम के 27 जिलों में स्थित चाय बागानों में काम करने वाले स्थायी और अस्थायी श्रमिकों को मिलेगा।
क्या इस योजना के अंतर्गत और भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी?
हाँ, इस योजना के तहत मोबाइल क्रेच और मोबाइल शौचालय सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी।
इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन पत्र फरवरी की शुरुआत से वितरित किए जाएंगे और इसके बाद भूमि पट्टे जारी किए जाएंगे।
Nation Press