करमन कौर थांडी फ्रेंच ओपन क्वालीफाइंग ड्रॉ में, हार्मनी टैन से होगा पहला मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
करमन कौर थांडी ने फ्रेंच ओपन 2025 के सिंगल्स क्वालीफाइंग ड्रॉ में अपनी जगह पक्की कर ली है — और इसके साथ ही ग्रैंड स्लैम सिंगल्स में भारत की लंबी अनुपस्थिति का दौर समाप्त हो गया है। राउंडग्लास टेनिस एकेडमी की यह एथलीट पहले क्वालीफाइंग राउंड में फ्रांस की हार्मनी टैन से भिड़ेंगी; दोनों खिलाड़ी ड्रॉ में अनसीडेड हैं।
प्रोटेक्टेड रैंकिंग ने खोला रास्ता
करमन ने अपनी प्रोटेक्टेड रैंकिंग (PR) 238 के जरिए इस एलीट क्वालीफाइंग ड्रॉ में प्रवेश हासिल किया, जिसने उन्हें आधिकारिक एंट्री लिस्ट में 119वें स्थान पर पहुँचाया। प्रोटेक्टेड रैंकिंग सिस्टम उन खिलाड़ियों को राहत देता है जो चोट के कारण लंबे समय तक कोर्ट से दूर रहते हैं — यह व्यवस्था उन्हें उनकी पूर्व रैंकिंग के आधार पर टॉप-टियर टूर्नामेंट्स में वापसी का अवसर देती है।
गौरतलब है कि करमन भारत की पूर्व नंबर 1 महिला टेनिस खिलाड़ी रही हैं। चोट की बाधाओं को पार करते हुए उन्होंने इस रैंकिंग का प्रभावी उपयोग कर रोलैंड गैरोस के मंच तक पहुँचने का साहस दिखाया है।
भारतीय टेनिस के लिए ऐतिहासिक पल
ग्रैंड स्लैम सिंगल्स क्वालीफाइंग में करमन की इस वापसी को भारतीय महिला टेनिस के लिए एक अहम मील का पत्थर माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश में महिला टेनिस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व की सख्त जरूरत थी। पेरिस के प्रतिष्ठित रोलैंड गैरोस कोर्ट पर उनकी उपस्थिति भविष्य की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है।
करमन की अपनी जुबानी
ड्रॉ की घोषणा के बाद करमन ने कहा, "मेरे लिए रोलैंड गैरोस इस बात की याद दिलाता है कि असफलताएं आपको परिभाषित नहीं करतीं, बल्कि वापसी करने का साहस आपको परिभाषित करता है। मुझे इस खेल के सबसे बड़े मंचों में से एक पर भारत का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है। हर एथलीट ऐसे पलों का सपना देखता है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं रोलैंड गैरोस में एक मकसद, कृतज्ञता और इस विश्वास के साथ पहुंच रही हूं कि मुश्किल सफर ही मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाते हैं। वापसी का सफर आसान नहीं था — इसीलिए यहां खड़े होना और भी ज्यादा संतोषजनक लग रहा है।"
आगे क्या
करमन का लक्ष्य क्वालीफाइंग के तीन राउंड पार कर मुख्य ड्रॉ में जगह बनाना है। हार्मनी टैन के खिलाफ यह मुकाबला 19 मई 2025 को होना अपेक्षित है। यदि करमन मुख्य ड्रॉ में पहुँचती हैं, तो यह भारतीय महिला टेनिस के लिए हाल के वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।