ओस्लो में 'ओम जय जगदीश' की गूंज: PM मोदी बोले — 'साथ साथ' एकता का सुंदर प्रतीक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 मई 2025 को ओस्लो दौरे के दौरान भारतीय समुदाय द्वारा आयोजित स्वागत समारोह में देसी और विदेशी कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति ने उन्हें भाव-विभोर कर दिया। 'रिदम्स ऑफ इंडिया' के बैनर तले सजी इस सांस्कृतिक संध्या में भारतीय शास्त्रीय नृत्य से लेकर भारत-नॉर्वे की साझा संगीत परंपरा तक का अद्भुत संगम देखने को मिला।
सांस्कृतिक विविधता की झलक
समारोह में सत्त्रिया, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, ओडिसी, कथक और मोहिनीयट्टम — छह प्रमुख शास्त्रीय नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियाँ हुईं। प्रधानमंत्री ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'सत्त्रिया से भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी से ओडिसी, कथक से मोहिनीयट्टम तक — हर नृत्य शैली अपने साथ वर्षों की साधना, अनुशासन और उत्कृष्टता की परंपरा लेकर चलती है।' उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता की खूबसूरत झलक बताया।
नाट्यालय डांस स्कूल की तीन दशकों की विरासत
स्वागत समारोह में नाट्यालय डांस स्कूल के समूह ने भरतनाट्यम की पारंपरिक प्रस्तुति 'अलारिप्पु' पेश की, जिसमें छोटी बच्चियों ने भी हिस्सा लिया। मोदी ने इस संस्था की प्रशंसा करते हुए लिखा कि यह टीम लगभग तीन दशकों से नॉर्वे में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को लोकप्रिय बनाने का कार्य कर रही है। गौरतलब है कि प्रवासी भारतीय समुदाय द्वारा विदेशी धरती पर भारतीय संस्कृति के संरक्षण का यह प्रयास दशकों पुराना है।
'साथ साथ' — एकता का संगीतमय प्रतीक
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब देसी और विदेशी कलाकारों की मंडली ने मिलकर आरती 'ओम जय जगदीश' गाई। इस जुगलबंदी प्रस्तुति को 'साथ साथ' नाम दिया गया था। प्रधानमंत्री ने बैराट ड्यू म्यूजिक इंस्टीट्यूट की टीम का आभार व्यक्त करते हुए लिखा, 'भारतीय और पाश्चात्य शास्त्रीय परंपराओं के इस मधुर संगम के लिए बैराट ड्यू म्यूजिक इंस्टीट्यूट की टीम का आभार।' उन्होंने इसे संगीत, संस्कृति और साझा कलात्मक भावना के माध्यम से एकता का सुंदर प्रतीक बताया।
प्रवासी समुदाय पर गर्व
मोदी ने एक्स पर तीन अलग-अलग पोस्ट के ज़रिए अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'मुझे गर्व है कि हमारा प्रवासी भारतीय समुदाय भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत और सशक्त बनाए हुए है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार प्रवासी भारतीयों को 'सॉफ्ट पावर' के वाहक के रूप में सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।
द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा
सांस्कृतिक कार्यक्रम से इतर, प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री स्टोरे से मुलाकात की, जिन्होंने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। भारत-नॉर्वे द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर भी सहमति बनी। आने वाले दिनों में इस यात्रा के ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।