नीदरलैंड में PM मोदी का भव्य स्वागत: कथक से गरबा तक, भारतीय समुदाय ने बाँधा समाँ

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नीदरलैंड में PM मोदी का भव्य स्वागत: कथक से गरबा तक, भारतीय समुदाय ने बाँधा समाँ

सारांश

नीदरलैंड में PM मोदी का स्वागत महज कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था — कथक से गरबा तक, 90,000 से अधिक प्रवासी भारतीयों ने सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया। 2017 के बाद यह दूसरा दौरा सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और रक्षा सहयोग को नई ऊँचाई देने के इरादे से हो रहा है।

मुख्य बातें

PM मोदी 16 मई 2025 को नीदरलैंड पहुँचे — यह 2017 के बाद उनका दूसरा दौरा है।
स्वागत समारोह में कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और गरबा की प्रस्तुतियाँ हुईं।
मोदी ने नीदरलैंड के PM रॉब जेटन , किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात की।
नीदरलैंड में 90,000 से अधिक NRI और भारतीय मूल के लोग तथा 2 लाख से अधिक सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के सदस्य रहते हैं।
दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, रक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग गहरा हुआ है।
दौरा 17 मई तक चला और यूरोप में भारत के व्यापक कूटनीतिक अभियान का हिस्सा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 16 मई को नीदरलैंड पहुँचे, जहाँ यूरोप के सबसे बड़े भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस स्वागत समारोह की झलकियाँ साझा करते हुए लिखा कि स्वागत में कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और गरबा की प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। यह उनका 2017 के बाद नीदरलैंड का दूसरा आधिकारिक दौरा है।

स्वागत समारोह की झलकियाँ

प्रधानमंत्री ने एक्स पर दो अलग-अलग पोस्ट में समारोह की तस्वीरें और विवरण साझा किए। उन्होंने लिखा, 'कल नीदरलैंड में भारतीय समुदाय का स्वागत शानदार था।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा, 'नीदरलैंड में भारतीय समुदाय के स्वागत की कुछ और झलकियाँ शेयर कर रहा हूँ।' भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली इन प्रस्तुतियों ने प्रवासी भारतीयों की जड़ों से जुड़ाव को उजागर किया।

द्विपक्षीय कार्यक्रम

शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके अलावा, उन्होंने किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री के भारतीय समुदाय को संबोधित करने और नीदरलैंड के प्रमुख व्यापारिक नेताओं से बातचीत करने की भी उम्मीद थी।

भारत-नीदरलैंड संबंधों का महत्व

विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने दौरे से पहले एक विशेष ब्रीफिंग में कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, पानी, खेती और स्वास्थ्य के पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र में भी सहयोग गहरा हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर लिखा कि यह दौरा भारत-नीदरलैंड की बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर है।

प्रवासी भारतीय समुदाय

नीदरलैंड में 90,000 से अधिक अनिवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इसके साथ ही, सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 2 लाख से अधिक सदस्य भी वहाँ बसे हैं। देश की विभिन्न विश्वविद्यालयों में फिलहाल करीब 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संबंधों की मजबूत नींव को दर्शाता है।

आगे की राह

यह दौरा 17 मई तक चला। यूरोप में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को विस्तार देने के व्यापक कूटनीतिक अभियान के तहत यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, सेमीकंडक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नीदरलैंड की तकनीकी श्रेष्ठता को देखते हुए यह साझेदारी भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा उन ठोस समझौतों में होगी जो सेमीकंडक्टर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में आकार लेंगे — क्योंकि नीदरलैंड ASML जैसी कंपनियों का घर है, जो भारत के चिप-निर्माण महत्वाकांक्षाओं के लिए निर्णायक हो सकती हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। प्रवासी भारतीयों का उत्साह कूटनीतिक संदेश को नरम शक्ति में बदलने का काम करता है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस बात को नज़रअंदाज़ करती है कि 2017 के दौरे के बाद से द्विपक्षीय व्यापार में वास्तविक वृद्धि कितनी हुई — यही वह पैमाना है जिससे इस यात्रा की सफलता आँकी जानी चाहिए।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी का नीदरलैंड दौरा 2025 में क्यों महत्वपूर्ण है?
यह 2017 के बाद मोदी का नीदरलैंड का दूसरा दौरा है और यह ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहते हैं। यह दौरा यूरोप में भारत के व्यापक कूटनीतिक अभियान का हिस्सा है।
नीदरलैंड में भारतीय समुदाय के स्वागत में क्या-क्या हुआ?
स्वागत समारोह में कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और गरबा की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। PM मोदी ने इन झलकियों को एक्स पर साझा किया।
नीदरलैंड में कितने भारतीय रहते हैं?
नीदरलैंड में 90,000 से अधिक अनिवासी भारतीय और भारतीय मूल के लोग रहते हैं। इसके अलावा, सूरीनाम हिंदुस्तानी समुदाय के 2 लाख से अधिक सदस्य और करीब 3,500 भारतीय छात्र भी वहाँ हैं।
PM मोदी ने नीदरलैंड में किन नेताओं से मुलाकात की?
मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इसके अलावा, उन्होंने किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी मुलाकात की।
भारत और नीदरलैंड के बीच किन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है। पारंपरिक क्षेत्रों में व्यापार, निवेश, पानी, खेती और स्वास्थ्य भी शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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