नीट पेपर लीक: मध्यप्रदेश कांग्रेस शनिवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी, 24 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल
सारांश
मुख्य बातें
नीट-यूजी 2026 में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में मध्यप्रदेश कांग्रेस शनिवार को राज्यव्यापी प्रदर्शन करेगी। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 16 मई को भोपाल स्थित राज्य कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। पटवारी ने आरोप लगाया कि 24 लाख से अधिक परीक्षार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र व राज्य सरकारें इस व्यवस्था की रक्षा करने में पूरी तरह नाकाम रही हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पटवारी ने नीट-यूजी 2026 को 'राष्ट्र के भविष्य और आत्मा से जुड़ा मुद्दा' बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली अनियमितताओं ने छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर से भरोसा बुरी तरह तोड़ दिया है। उनके अनुसार, इस बार भी पेपर लीक और धांधली के आरोपों ने लाखों परिवारों की वर्षों की मेहनत और उम्मीदों को एक झटके में बर्बाद कर दिया।
पार्टी शनिवार को एक और प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करेगी, जिसमें युवाओं, रोज़गार और शिक्षा पर आधारित एक विस्तृत अभियान की रूपरेखा पेश की जाएगी।
कांग्रेस के आरोप और व्यापम का संदर्भ
पटवारी ने मध्यप्रदेश व्यापम घोटाले का उदाहरण देते हुए कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती अनियमितताएं एक गहरी व्यवस्थागत विफलता की ओर संकेत करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा प्रणालियाँ लगातार भ्रष्टाचार और राजनीतिक दखलंदाजी की चपेट में आती जा रही हैं।
पटवारी ने कहा कि जब भी ऐसे घोटाले उजागर होते हैं, जवाबदेही केवल निचले स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों पर तय की जाती है, जबकि राजनीतिक रसूख वाले लोग कार्रवाई से बच निकलते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई परीक्षा घोटालों की जांच में ऐसे संगठित गिरोहों की भूमिका सामने आई है जो कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण में काम करते हैं।
आम जनता और छात्रों पर असर
पटवारी ने अभिभावकों की पीड़ा को रेखांकित करते हुए कहा कि परिवार अपने बच्चों को इन परीक्षाओं के लिए तैयार करने में वर्षों लगाते हैं — कर्ज़ लेते हैं, ज़मीन बेचते हैं और उन्हें कोटा तथा अन्य शहरों के कोचिंग सेंटरों में भेजते हैं। लेकिन एक पेपर लीक एक ही दिन में सालों की कुर्बानियों को बर्बाद कर देता है। उनके अनुसार, अगर 24 लाख परीक्षार्थियों का भविष्य सुरक्षित नहीं है, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है।
सरकार की प्रतिक्रिया
प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय तक भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। नीट-यूजी 2026 की परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से भी कोई स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया।
आगे क्या होगा
मध्यप्रदेश कांग्रेस का यह राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शनिवार को होना निर्धारित है। साथ ही पार्टी युवाओं और शिक्षा पर केंद्रित एक व्यापक अभियान भी शुरू करने की योजना बना रही है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह आंदोलन अन्य विपक्षी दलों को भी एकजुट कर पाता है और क्या केंद्र सरकार नीट प्रक्रिया में सुधार के संकेत देती है।