सिक्किम के 50वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने दी शुभकामनाएं, बोले — 'वह अपनापन यादों में बसा रहेगा'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 मई 2026 को सिक्किम के 50वें राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि सिक्किम में उन्हें जो अपनापन मिला, वह उनकी यादों का स्थायी हिस्सा बन गया है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व ही प्रधानमंत्री स्वयं इन स्थापना दिवस समारोहों में भाग लेने के लिए सिक्किम गए थे।
प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मेरे बहनों और भाइयों को राज्य स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं। भारत के विकास में सिक्किम के योगदान को बहुत महत्व दिया जाता है।' उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार आने वाले समय में भी सिक्किम की विकास यात्रा में अपना सहयोग जारी रखेगी। यह संदेश ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब राज्य अपनी स्थापना के पाँच दशक पूरे कर रहा है।
अन्य नेताओं की शुभकामनाएं
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने एक्स पर लिखा कि कंचनजंगा की प्राकृतिक छटा, जैव विविधता से परिपूर्ण वातावरण और पूर्ण जैविक खेती वाले राज्य के रूप में सिक्किम ने देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने स्वच्छता, पर्यटन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध इस राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सिक्किम को अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आपसी भाईचारे का प्रतीक बताते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल खट्टर ने भी राज्य की विविध लोक-संस्कृति और परंपराओं का उल्लेख करते हुए सिक्किम के निरंतर विकास की कामना की।
सिक्किम की विशिष्ट पहचान
सिक्किम भारत का पहला पूर्णतः जैविक खेती वाला राज्य है, जो अपनी स्वच्छता, जैव विविधता और पर्यटन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है। कंचनजंगा की छाया में बसा यह राज्य सांस्कृतिक विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा संगम है। गौरतलब है कि 16 मई 1975 को सिक्किम औपचारिक रूप से भारतीय संघ का 22वाँ राज्य बना था।
केंद्र की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार सिक्किम के विकास में भागीदार बनी रहेगी। यह घोषणा उस दौरे के बाद आई है जब प्रधानमंत्री स्वयं स्थापना दिवस समारोहों में शामिल हुए — जो राज्य के प्रति केंद्र की प्राथमिकता को रेखांकित करती है। आने वाले वर्षों में सिक्किम के विकास की दिशा क्या होगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।