यूएई दौरा सफल, PM मोदी नीदरलैंड रवाना; शेख मोहम्मद ने एयरपोर्ट पर दी गर्मजोशी से विदाई
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 मई 2026 को अबू धाबी में अपना दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया और इसके बाद अपने पाँच देशों के दौरे के अगले पड़ाव नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने स्वयं एयरपोर्ट पर उपस्थित होकर प्रधानमंत्री को गर्मजोशी से गले लगाकर विदाई दी — जो दोनों देशों के बीच गहरे व्यक्तिगत और कूटनीतिक संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है।
मोदी का एक्स पर संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यूएई की एक छोटी लेकिन बहुत ही सकारात्मक यात्रा पूरी की। मैंने अपने भाई शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भारत-यूएई के व्यापक रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के तरीकों पर विस्तार से बातचीत की। मुझे पूरा विश्वास है कि इस यात्रा के नतीजे हमारी दोस्ती को मजबूत करेंगे और विकास और समृद्धि में योगदान देंगे।'
विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी एक्स पर लिखा, 'कम समय, लेकिन अहम नतीजे।' उन्होंने पुष्टि की कि इस यात्रा से भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी और अधिक सुदृढ़ हुई है।
द्विपक्षीय वार्ता के प्रमुख क्षेत्र
अबू धाबी में हुई शिखर वार्ता में दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, ब्लू इकोनॉमी, फिनटेक, रक्षा और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे अहम क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) की सफलता को भी सराहा, जिसके तहत दोनों देशों के बीच व्यापार नई ऊंचाइयों पर पहुँचा है।
एमईए के आधिकारिक बयान के अनुसार, 'दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों के पूरे दायरे पर चर्चा की और कई क्षेत्रों में बढ़ती व्यापक रणनीतिक साझेदारी का स्वागत किया — जिसमें ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, फिनटेक, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।'
होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भारत का रुख
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की भारत की ओर से कड़ी निंदा दोहराई और यूएई के नेतृत्व व जनता के साथ भारत की एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही का समर्थन करता है, क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति, स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और अन्य वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
आगे का दौरा
यूएई से रवाना होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने पाँच देशों के दौरे के तहत नीदरलैंड पहुँचेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक कूटनीतिक मोर्चे पर अपनी सक्रिय भूमिका को और विस्तार दे रहा है। गौरतलब है कि भारत-यूएई संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से प्रगाढ़ हुए हैं और सीईपीए के लागू होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।