PM मोदी का ओस्लो में भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत, 43 साल बाद नॉर्वे पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री

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PM मोदी का ओस्लो में भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत, 43 साल बाद नॉर्वे पहुंचे भारतीय प्रधानमंत्री

सारांश

43 साल के लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे की धरती पर उतरा — और ओस्लो में प्रवासी भारतीयों ने तिरंगा थामे उनका भव्य स्वागत किया। नॉर्वेजियन-हिंदुस्तानी संगीत की जुगलबंदी और शास्त्रीय नृत्य के बीच मोदी की यह यात्रा भारत-नॉर्डिक कूटनीति के नए अध्याय की शुरुआत है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 18 मई 2025 को ओस्लो, नॉर्वे पहुँचे — यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है।
हवाईअड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
होटल में भारतीय समुदाय ने 'वंदे मातरम' और तिरंगे के साथ भव्य स्वागत किया; नॉर्वेजियन-हिंदुस्तानी कलाकारों की वायलिन, तबला और सितार जुगलबंदी प्रस्तुत हुई।
मोदी नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से मुलाकात करेंगे तथा PM स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
19 मई (मंगलवार) को मोदी तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 18 मई 2025 को ओस्लो पहुँचते ही भारतीय समुदाय के सैकड़ों लोग उनके स्वागत के लिए होटल के बाहर उमड़ पड़े। यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है, जो भारत-नॉर्वे संबंधों के लिहाज़ से एक ऐतिहासिक अवसर है।

उत्साहित भीड़ का भव्य स्वागत

होटल के बाहर से भीतर तक 'वंदे मातरम' और 'हर-हर मोदी' के नारों के बीच प्रवासी भारतीयों ने तिरंगा और पोस्टर लहराए। रंग-बिरंगे भारतीय परिधानों में सजे प्रवासी भारतीयों से प्रधानमंत्री मोदी सहज अंदाज़ में मिले और किसी को निराश नहीं किया।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी वैश्विक कूटनीतिक उपस्थिति को नॉर्डिक देशों तक सक्रिय रूप से विस्तारित कर रहा है।

संगीत और नृत्य की अनूठी प्रस्तुति

होटल परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम इस स्वागत का विशेष आकर्षण रहा। नॉर्वेजियन और हिंदुस्तानी कलाकारों ने मिलकर वायलिन की जुगलबंदी प्रस्तुत की, जिसके बाद तबले और सितार की मनमोहक धुनों ने समाँ बाँध दिया। नन्हीं बच्चियों की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति ने भी दर्शकों का मन मोह लिया।

प्रधानमंत्री मोदी पूरे प्रदर्शन के दौरान बड़े ध्यान से कलाकारों को देखते रहे और अंत में उनका अभिवादन स्वीकार किया।

हवाईअड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने किया स्वागत

ओस्लो हवाईअड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे नॉर्वे पहुँच गए हैं और प्रधानमंत्री स्टोरे के स्वागत के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि चार दशक से अधिक समय बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा है और उन्हें भरोसा है कि इससे भारत-नॉर्वे मित्रता को नई ऊर्जा मिलेगी।

राजकीय कार्यक्रम और शिखर सम्मेलन

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से मुलाकात करेंगे। सोमवार को वे प्रधानमंत्री स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे, जबकि 19 मई (मंगलवार) को वे तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। गौरतलब है कि यह शिखर सम्मेलन भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और तकनीकी सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की नॉर्वे यात्रा क्यों ऐतिहासिक है?
यह 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा है। इतने लंबे अंतराल के बाद हो रही यह यात्रा भारत-नॉर्वे और व्यापक भारत-नॉर्डिक संबंधों को नई दिशा देने के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ओस्लो में PM मोदी के स्वागत में क्या हुआ?
हवाईअड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे ने स्वागत किया। होटल में भारतीय समुदाय ने तिरंगा और पोस्टर लहराते हुए 'वंदे मातरम' के नारों के साथ स्वागत किया। नॉर्वेजियन और हिंदुस्तानी कलाकारों ने वायलिन, तबला और सितार की जुगलबंदी प्रस्तुत की तथा नन्हीं बच्चियों ने शास्त्रीय नृत्य किया।
PM मोदी नॉर्वे में किनसे मिलेंगे?
मोदी नॉर्वे के किंग हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और 19 मई को तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन क्या है?
यह भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और तकनीकी सहयोग पर केंद्रित एक बहुपक्षीय मंच है। 19 मई 2025 को ओस्लो में आयोजित यह इस श्रृंखला का तीसरा संस्करण है।
इससे पहले कौन से भारतीय PM नॉर्वे गए थे?
मोदी की इस यात्रा से पहले 43 वर्षों तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे नहीं गया था। स्वयं मोदी ने सोशल मीडिया पर इस लंबे अंतराल का उल्लेख करते हुए इस यात्रा को भारत-नॉर्वे मित्रता के लिए नई ऊर्जा का अवसर बताया।
राष्ट्र प्रेस
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