कर्नाटक में 'PM सूर्य घर योजना' के लिए LED वैन अभियान शुरू, 5 शहरों में 15 दिन चलेगा प्रचार
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव गौरव गुप्ता ने 20 मई 2026 को बेंगलुरु विद्युत आपूर्ति कंपनी (BESCOM) के मुख्यालय से राज्यव्यापी LED मोबाइल वैन जागरूकता अभियान को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान का मकसद प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना को जन-जन तक पहुँचाना है।
अभियान की रूपरेखा
यह 15 दिवसीय अभियान 'सौर ऊर्जा माह — मई 2026' के अंतर्गत चलाया जा रहा है। LED स्क्रीन से लैस मोबाइल वैन बेंगलुरु, मैसूर, मंगलुरु, हुबली-धारवाड़ और कलबुर्गी सहित राज्य के प्रमुख शहरों में घूमकर आम नागरिकों को योजना की जानकारी देंगी। अभियान में रूफटॉप सोलर सिस्टम, उपलब्ध सब्सिडी, पंजीकरण प्रक्रिया और दीर्घकालिक बचत के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कर्नाटक में योजना की मौजूदा स्थिति
गौरव गुप्ता के अनुसार, कर्नाटक में अब तक इस योजना के तहत 19,293 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी कुल संयुक्त क्षमता 77.5 मेगावाट है। केवल BESCOM के सेवा क्षेत्र में ही 7,992 सोलर सिस्टम चालू हो चुके हैं, जो मिलकर 35.57 मेगावाट बिजली उत्पन्न करते हैं।
गौरतलब है कि BESCOM को राज्य की नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है और उसे कर्नाटक के सभी विद्युत आपूर्ति कंपनी क्षेत्रों में योजना की जागरूकता, क्रियान्वयन और निगरानी का दायित्व सौंपा गया है।
उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार सब्सिडी दी जाती है। 1 किलोवाट के सिस्टम पर ₹30,000, 2 किलोवाट के सिस्टम पर ₹60,000 और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सिस्टम पर ₹78,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। यह सब्सिडी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा देशव्यापी स्तर पर लागू की जा रही है।
आम जनता पर असर
गुप्ता ने बताया कि यह योजना उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ देती है — बिजली बिल में कमी और अतिरिक्त बिजली को पावर ग्रिड में निर्यात करने पर विद्युत आपूर्ति कंपनियों से भुगतान प्राप्त करने की सुविधा। इस तरह रूफटॉप सोलर न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि घरेलू बजट के लिए भी फायदेमंद है।
आगे की राह
यह अभियान ऐसे समय में शुरू हुआ है जब देशभर में सौर ऊर्जा को अपनाने की गति तेज़ हो रही है। कर्नाटक सरकार का लक्ष्य इस जागरूकता अभियान के ज़रिये नए लाभार्थियों को योजना से जोड़ना और राज्य की स्थापित सौर क्षमता को और बढ़ाना है। नागरिकों को आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।