दिलीप घोष का बड़ा आरोप, टीएमसी के खिलाफ उठाई आवाज़
सारांश
Key Takeaways
- दिलीप घोष ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिशें हो रही हैं।
- मेट्रो परियोजना का उद्घाटन नहीं हो सका है।
- आगामी चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे।
- जनता को सोचना चाहिए कि क्या ऐसी सरकार को बनाए रखना चाहिए।
मेदिनीपुर, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच भाजपा नेता दिलीप घोष ने चुनाव प्रक्रिया और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास अब भी जारी हैं।
दिलीप घोष ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी जानबूझकर चुनाव में बाधा डाल रहे हैं और लोगों को अपने पास बुलाकर रख रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज के एक विशेष वर्ग को धमकाया जा रहा है कि उन्हें केवल टीएमसी के साथ रहना होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो निष्पक्ष चुनाव कैसे संभव होंगे।
भाजपा नेता ने कहा कि हर चुनाव में चुनाव आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान के लिए आवश्यकतानुसार अधिकारियों का तबादला करता है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए ऐसे कदम उठाना जरूरी है।
इसके अलावा, दिलीप घोष ने राज्य में विकास कार्यों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मेट्रो ट्रेन परियोजना पूरी हो चुकी है, लेकिन राज्य सरकार के सहयोग न करने के कारण इसका उद्घाटन अब तक नहीं हो पाया। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि जनता के पैसे से बने प्रोजेक्ट का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।
दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह विकास कार्यों में बाधा डाल रही हैं और कोर्ट का सहारा ले रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों किया जा रहा है और विकास को क्यों रोका जा रहा है।
उन्होंने ममता सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जनता को यह सोचने की आवश्यकता है कि क्या 'स्पीड ब्रेकर' जैसी सरकार को बनाए रखना चाहिए या नहीं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी और चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे।