दिलीप घोष ने ममता सरकार पर हमला बोला, कहा- 15 साल में कुछ नहीं कर पाए, अब क्या कर लेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- दिलीप घोष का ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा हमला।
- पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए।
- पुलिस पर मतदाताओं को डराने के आरोप।
- अमित शाह ने अवैध निवासियों को बाहर करने का वादा किया।
- चुनावों में निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए।
कोलकाता, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो लोग 15 साल में कुछ नहीं कर पाए, वे अब क्या कर लेंगे।
खड़गपुर में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब भी चुनाव आयोग की सहायता नहीं कर रही है। कई पुलिस अधिकारी ऐसे हैं जो मतदाताओं को डराकर टीएमसी के पक्ष में वोट डालने के लिए दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही यह आशंका थी कि चुनाव में बम, बंदूक और पैसे का इस्तेमाल किया जाएगा। दिलीप घोष ने दावा किया कि अब यही डर हकीकत बनता दिख रहा है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर प्रश्न उठ रहे हैं।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में एक चुनावी रैली में भी राज्य सरकार और ममता बनर्जी पर निशाना साधा।
अमित शाह ने कहा कि बंगाल में अवैध रूप से रहने वाले लोगों को बाहर करने का काम सिर्फ भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर सभी अवैध लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें राज्य से बाहर किया जाएगा।
रैली के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता में लाने पर सिन्डिकेट चलाने वालों को उल्टा लटकाकर सीधा किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी की तुलना 'हीरक की रानी' से करते हुए कहा कि इस 'रानी' को 23 तारीख को हटाना आवश्यक है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को होगी और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 4 मई को होगी और चुनाव के नतीजे उसी दिन घोषित किए जाएंगे।