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'वंदे मातरम' के विरोधियों को देश छोड़ने की सलाह, बोले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ

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'वंदे मातरम' के विरोधियों को देश छोड़ने की सलाह, बोले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ

सारांश

कोलकाता में एक चुनावी रैली में, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'वंदे मातरम' का विरोध करने वालों को देश छोड़ने की सलाह दी। उन्होंने इस पर ममता बनर्जी की चुप्पी की भी आलोचना की।

मुख्य बातें

वंदे मातरम का विरोध करने वालों को देश छोड़ने की सलाह।
ममता बनर्जी की चुप्पी की आलोचना।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद का उल्लेख।
अनुच्छेद 370 का हटाया जाना।
राज्य में हुई हिंसा की घटनाओं पर चिंता।

कोलकाता, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मिदनापुर जिले की नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक चुनावी रैली में कहा कि जो लोग ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते हैं, उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "मैं उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि से आया हूं, जहाँ भगवान राम, महादेव और कृष्ण की पूजा होती है। यहाँ का राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान है। जो लोग ‘वंदे मातरम’ का विरोध करते हैं, उनके लिए यह देश छोड़ने का समय है।"

सीएम योगी ने आगे बताया कि 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने संसद का विशेष सत्र बुलाया था। हमने उत्तर प्रदेश विधानसभा में भी एक विशेष सत्र आयोजित किया था। जिस बंगाल से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति ‘आनंदमठ’ के गीत ने आजादी का बिगुल फूंका, वहाँ ममता दीदी ने 'वंदे मातरम' पर कोई चर्चा नहीं करवाई। उन्हें डर था कि उनका वोट बैंक इसका विरोध करता है।

उन्होंने कहा, "भारत की धरती पर जो कोई 'वंदे मातरम' गाने से हिचकिचाता है, उसे उस स्थान पर जाना चाहिए, जहाँ उसे स्वीकृति मिले। यह तो हमारे राष्ट्र का वंदना गीत है, जिसे हर भारतीय को गाना चाहिए। अगर कोई इसका विरोध करता है, तो भारत उसे स्वीकार नहीं कर सकता।"

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कई प्रमुख बंगाली व्यक्तियों का उल्लेख किया, जैसे स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, और उनके राष्ट्रीय भावना पर प्रभाव के बारे में चर्चा की।

उन्होंने कहा, "डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कहा था कि एक देश में दो कानून नहीं हो सकते, और यह सपना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा हुआ है। अनुच्छेद 370 का हटाया जाना एक लंबे समय से वैचारिक लक्ष्य था, जो अब पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है।"

उन्होंने कहा, "यह वह भूमि है, जिसने कई वैज्ञानिकों और महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है, जिनमें रवींद्र नाथ टैगोर भी शामिल हैं। लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने इसे ध्रुवीकरण और अत्याचार की भूमि बना दिया है। तृणमूल की तुष्टीकरण की राजनीति की कोई सीमा नहीं है। यह चुनावी लाभ प्राप्त करने के लिए घुसपैठ को बढ़ावा दे रही है। टीएमसी सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के काम में सहयोग नहीं कर रही है ताकि घुसपैठियों को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।"

सीएम ने राज्य में हुए हिंसा की घटनाओं का भी जिक्र किया और विशेष रूप से आरजी कर मेडिकल कॉलेज में हुए रेप और हत्या मामले को लेकर टीएमसी सरकार की कड़ी आलोचना की।

उन्होंने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की भयावह घटना पर ममता दीदी चुप रहीं, क्योंकि इसमें टीएमसी के गुंडे किसी न किसी तरह शामिल थे। जब महिलाओं और हिंदुओं पर अत्याचार होता है तो वे चुप रहती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय गान और गीत के प्रति सम्मान की बात की है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि यह बयान समाज में विभाजन की भावना को बढ़ा सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने 'वंदे मातरम' के बारे में क्या कहा?
'वंदे मातरम' का विरोध करने वालों को देश छोड़ने की सलाह दी।
क्या यह बयान राजनीतिक विवाद पैदा कर सकता है?
हाँ, यह बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और विभाजन की भावना को बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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