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शवासन से हाई ब्लडप्रेशर में राहत: तनाव, थकान और नींद की समस्या में भी असरदार

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शवासन से हाई ब्लडप्रेशर में राहत: तनाव, थकान और नींद की समस्या में भी असरदार

सारांश

हाई ब्लडप्रेशर अब केवल बुजुर्गों की नहीं, युवाओं की भी समस्या है। आयुष मंत्रालय के अनुसार शवासन — योग का सबसे सरल आसन — तनाव हार्मोन घटाकर, तंत्रिका तंत्र को शांत कर और रक्त प्रवाह संतुलित कर रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद करता है।

मुख्य बातें

शवासन हाई ब्लडप्रेशर के मरीज़ों के लिए आयुष मंत्रालय द्वारा अनुशंसित एक प्रभावी योग आसन है।
तनाव में शरीर में तनाव हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज़ और रक्तचाप ऊँचा होता है — शवासन इस प्रक्रिया को शांत करता है।
शवासन की धीमी और गहरी सांसें ऑक्सीजन स्तर सुधारती हैं और रक्त वाहिकाओं को सामान्य रूप से काम करने में मदद करती हैं।
यह आसन नींद की गुणवत्ता , पाचन तंत्र, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।
हाई ब्लडप्रेशर अब युवा वर्ग को भी प्रभावित कर रहा है — खराब खानपान, नींद की कमी और शारीरिक निष्क्रियता प्रमुख कारण हैं।

शवासन — योग का यह सरल आसन — हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए एक प्रभावी गैर-दवाई उपाय माना जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित शवासन अभ्यास से शरीर का तंत्रिका तंत्र शांत होता है, तनाव हार्मोन का स्तर घटता है और रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। आधुनिक जीवनशैली में जहाँ हाई ब्लडप्रेशर अब केवल बुजुर्गों की नहीं, बल्कि युवाओं की भी समस्या बन चुका है, वहाँ यह आसन विशेष रूप से प्रासंगिक हो गया है।

हाई ब्लडप्रेशर क्यों बढ़ रहा है

लगातार मानसिक तनाव, खराब खानपान, नींद की कमी, घंटों बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों का अभाव — ये सभी हाई ब्लडप्रेशर के प्रमुख कारण माने जाते हैं। जब व्यक्ति तनाव में होता है, तो शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन तेज़ी से बढ़ जाते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज़ होती है और रक्तचाप बढ़ जाता है। पहले यह समस्या मुख्यतः बढ़ती उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहा है।

शवासन कैसे काम करता है

शवासन में व्यक्ति पीठ के बल लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देता है और सांसों पर ध्यान केंद्रित करता है। इस प्रक्रिया से दिमाग को शांति का संकेत मिलता है और शरीर का तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटने लगता है। शवासन के दौरान ली जाने वाली धीमी और गहरी सांसें शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर बनाती हैं, जिससे रक्त का प्रवाह संतुलित होता है और रक्त वाहिकाएं सामान्य रूप से काम करने लगती हैं।

अन्य स्वास्थ्य लाभ

हाई ब्लडप्रेशर के अलावा, शवासन मानसिक तनाव, चिंता और बेचैनी को कम करने में भी सहायक माना जाता है। नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और व्यक्ति खुद को मानसिक रूप से अधिक मज़बूत महसूस करता है। दिनभर की थकान के बाद मांसपेशियों को पूरा आराम देने से शरीर दोबारा ऊर्जावान हो जाता है।

नींद की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी यह आसन फ़ायदेमंद बताया जाता है — शवासन से दिमाग शांत होता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है। इसके साथ ही, तनाव कम होने से पाचन तंत्र भी सुचारु रूप से काम करने लगता है, जिससे कब्ज़, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

शवासन के नियमित अभ्यास से एकाग्रता और ध्यान लगाने की क्षमता में भी सुधार देखा जाता है। आयुष मंत्रालय इलाज के साथ-साथ योग को जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाने की सलाह देता है, और शवासन इस दिशा में सबसे सुलभ और प्रभावी आसनों में से एक है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हाई ब्लडप्रेशर के मरीज़ चिकित्सक की देखरेख में दवाओं के साथ-साथ शवासन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि योग दवाओं का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक उपाय है। हाई ब्लडप्रेशर एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है जिसमें केवल जीवनशैली बदलाव पर्याप्त नहीं हो सकते। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह नहीं बताती कि योग के लाभ तभी टिकाऊ हैं जब उन्हें नियमित चिकित्सा निगरानी के साथ अपनाया जाए। युवाओं में बढ़ते रक्तचाप की असली जड़ — काम का दबाव, शहरी जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी — पर नीतिगत ध्यान देना भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शवासन हाई ब्लडप्रेशर में कैसे मदद करता है?
शवासन शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ने और सांसों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया है, जिससे तंत्रिका तंत्र शांत होता है और तनाव हार्मोन का स्तर घटता है। इससे दिल की धड़कन सामान्य होती है और रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
शवासन कौन कर सकता है?
शवासन एक अत्यंत सरल आसन है जिसे किसी भी उम्र का व्यक्ति कर सकता है। हाई ब्लडप्रेशर के मरीज़ों को सलाह दी जाती है कि वे इसे अपने चिकित्सक की देखरेख में दवाओं के साथ-साथ अपनाएं।
शवासन के अन्य क्या फ़ायदे हैं?
शवासन से मानसिक तनाव, चिंता, बेचैनी, थकान और नींद की समस्या में राहत मिलती है। इसके अलावा पाचन तंत्र बेहतर होता है और एकाग्रता की क्षमता भी बढ़ती है।
क्या आयुष मंत्रालय ने शवासन की सिफारिश की है?
हाँ, आयुष मंत्रालय इलाज के साथ-साथ योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की सलाह देता है। शवासन को हाई ब्लडप्रेशर के मरीज़ों के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है।
युवाओं में हाई ब्लडप्रेशर क्यों बढ़ रहा है?
लगातार मानसिक तनाव, खराब खानपान, नींद की कमी, घंटों बैठकर काम करना और शारीरिक गतिविधियों का अभाव युवाओं में हाई ब्लडप्रेशर के प्रमुख कारण माने जाते हैं। पहले यह समस्या मुख्यतः बढ़ती उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब यह युवा वर्ग को भी प्रभावित कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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