सेंसेक्स 74,553 और निफ्टी 23,390 पर सपाट खुला, मेटल-डिफेंस में तेजी; कच्चे तेल में गिरावट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार बुधवार, 13 मई को कारोबारी सत्र की शुरुआत में सपाट रहा। सुबह 9 बजकर 21 मिनट पर बीएसई सेंसेक्स मात्र 6 अंक की गिरावट के साथ 74,553 और निफ्टी 50 10 अंक की मामूली बढ़त के साथ 23,390 पर था। मिश्रित वैश्विक संकेतों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमजोरी के बीच मुंबई के बाजारों में शुरुआती कारोबार दिशाहीन रहा।
किन सेक्टरों में रही तेजी और किसमें दबाव
शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल और निफ्टी इंडिया डिफेंस शीर्ष गेनर इंडेक्स रहे। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी फार्मा, निफ्टी कमोडिटीज, निफ्टी पीएसई, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी एनर्जी भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, निफ्टी आईटी, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी पीएसयू बैंक दबाव में रहे।
सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक में एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, बीईएल, कोटक महिंद्रा, एलएंडटी, आईटीसी, सन फार्मा, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, टीसीएस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल और टेक महिंद्रा शीर्ष बढ़त वाले शेयरों में शामिल थे। वहीं, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, इटरनल, एनटीपीसी, इन्फोसिस, एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एमएंडएम शीर्ष गिरावट वाले शेयरों में रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में मजबूती
व्यापक बाजार में तुलनात्मक रूप से बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 228 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,932 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 76 अंक यानी 0.43 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18,015 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि बड़े शेयरों की तुलना में छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की रुचि अपेक्षाकृत अधिक रही।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में अधिकांश में तेजी देखी गई। टोक्यो, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और शंघाई हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता लाल निशान में कारोबार कर रहा था। अमेरिकी बाजारों में मंगलवार को मिला-जुला कारोबार रहा — डाउ जोन्स 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ और नैस्डैक 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
एफआईआई की बिकवाली, डीआईआई का सहारा
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने इक्विटी में ₹1,959.39 करोड़ की बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने ₹7,990.32 करोड़ का निवेश कर बाजार को सहारा दिया। गौरतलब है कि डीआईआई की यह खरीदारी हाल के सत्रों में एफआईआई की बिकवाली के बीच बाजार को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभा रही है। कच्चे तेल की बात करें तो डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 100.99 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.15 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 106.53 डॉलर प्रति बैरल पर था। तेल की कीमतों में यह नरमी ऑयल एंड गैस और एनर्जी सेक्टर के लिए मिला-जुला संकेत है। आगे के कारोबारी सत्रों में वैश्विक मैक्रो संकेत और एफआईआई की गतिविधि बाजार की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।