गुजरात सरकार ने 72 IAS अधिकारियों के तबादले किए, अहमदाबाद-सूरत समेत कई जिलों के कलेक्टर बदले
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने मंगलवार, 13 मई की देर रात राज्य प्रशासन में व्यापक फेरबदल करते हुए 72 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना का असर अहमदाबाद, सूरत, कच्छ, भरूच, नवसारी, मोरबी, दाहोद और जूनागढ़ सहित राज्य के अनेक महत्वपूर्ण जिलों पर पड़ा है।
मुख्य घटनाक्रम
इस प्रशासनिक बदलाव का दायरा जिला प्रशासन, नगर निगमों, शहरी विकास निकायों और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों तक फैला हुआ है। गांधीनगर और प्रमुख शहरी निकायों में भी वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। सरकार इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में एक अहम कदम बता रही है।
प्रमुख नियुक्तियाँ और बदलाव
डीएन मोदी को जामनगर नगर निगम के नगर आयुक्त पद से हटाकर गांधीनगर में विकास आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही केएल बचानी के पास मौजूद अतिरिक्त प्रभार समाप्त कर दिया गया है।
आनंद बाबूलाल पटेल को कच्छ-भुज के कलेक्टर पद से हटाकर स्कूल आयुक्त बनाया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें पीएम-पोषण योजना (मिड-डे मील) के आयुक्त और गुजरात काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (GCERT) के निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यह जिम्मेदारी इससे पहले रचित राज के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में थी।
अहमदाबाद के कलेक्टर सुजीत कुमार का तबादला कर उन्हें राज्य कर विभाग में विशेष आयुक्त नियुक्त किया गया है। यह पद इससे पहले पी. भारती अतिरिक्त प्रभार के रूप में संभाल रही थीं।
अजय प्रकाश को गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी के निदेशक पद से हटाकर ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल विभाग में भेजा गया है। उन्हें वडोदरा स्थित गुजरात एनर्जी ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (GETCO) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया जाएगा।
सूरत के कलेक्टर डॉ. सौरभ पारधी को गांधीनगर में नागरिक आपूर्ति निदेशक और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग में पदेन अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। वे इस पद पर मयूर मेहता का स्थान लेंगे।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
गौरतलब है कि यह कोई अकेला प्रशासनिक फेरबदल नहीं है। इससे पहले मार्च में राज्य सरकार ने 37 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों के तबादले किए थे और अशोक कुमार यादव को नया आईबी चीफ नियुक्त किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में प्रशासनिक दक्षता और जिला-स्तरीय शासन को मजबूत करने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।
आम जनता पर असर
जिन जिलों में नए कलेक्टर नियुक्त किए गए हैं, वहाँ भूमि अभिलेख, राजस्व प्रशासन, आपदा प्रबंधन और जन-शिकायत निवारण जैसी सेवाओं पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। नए अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही इन क्षेत्रों में प्राथमिकताओं में बदलाव की संभावना है।
आगे की राह
सभी स्थानांतरित अधिकारियों से शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने की अपेक्षा की जा रही है। राज्य प्रशासन के जानकारों के अनुसार, इस स्तर का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल आमतौर पर नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव या आगामी प्रशासनिक चुनौतियों की तैयारी का संकेत देता है।