चतुरंग दंडासन: ब्लड सर्कुलेशन तेज करने और सुस्ती दूर करने वाला शक्तिशाली योगासन

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चतुरंग दंडासन: ब्लड सर्कुलेशन तेज करने और सुस्ती दूर करने वाला शक्तिशाली योगासन

सारांश

चतुरंग दंडासन सिर्फ एक पुशअप जैसा आसन नहीं है — यह शरीर की कई मांसपेशियों को एक साथ सक्रिय करके ब्लड सर्कुलेशन तेज करता है, सुस्ती मिटाता है और पोश्चर सुधारता है। घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने वालों के लिए यह योगासन एक सरल लेकिन असरदार उपाय है।

Key Takeaways

  • चतुरंग दंडासन शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है और सुस्ती दूर करता है।
  • यह आसन हाथ, कंधे, पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है।
  • लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने वालों के लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है।
  • रीढ़ की हड्डी को मजबूत कर शरीर का पोश्चर सुधारने में मदद करता है।
  • सांसों पर ध्यान केंद्रित करने से मानसिक तनाव कम होता है और मन शांत रहता है।
  • शुरुआत में 10 से 20 सेकंड तक इस मुद्रा में रुकें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएँ।

चतुरंग दंडासन एक ऐसा योगासन है जो शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को तेज करता है, मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और सुस्ती को जड़ से दूर करता है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में घंटों कुर्सी पर बैठे रहने, खराब खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण थकान, जकड़न और रक्त प्रवाह से जुड़ी समस्याएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं — और योग विशेषज्ञों के अनुसार यह आसन इन सभी समस्याओं से राहत दिलाने में कारगर माना जाता है।

चतुरंग दंडासन क्या है और यह कैसे काम करता है

चतुरंग दंडासन देखने में पुशअप जैसा प्रतीत होता है, लेकिन यह उससे कहीं अधिक गहरा योगासन है। इस आसन में शरीर को सिर से पैर तक एकदम सीधा रखते हुए हाथों और पैरों की उंगलियों पर संतुलन बनाया जाता है। जब शरीर इस स्थिति में होता है, तो शरीर की कई मांसपेशियाँ एक साथ सक्रिय हो जाती हैं — जिससे रक्त का प्रवाह तेज़ होता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने लगता है। गौरतलब है कि यह आसन विशेष रूप से पैरों और शरीर के निचले हिस्से में रक्त प्रवाह को सुधारने में सहायक माना जाता है।

सुस्ती और थकान से राहत

जब शरीर का वजन हाथों और पैरों की उंगलियों पर आता है, तो खून तेज़ी से पूरे शरीर में प्रवाहित होने लगता है। इससे सुस्ती कम होती है और व्यक्ति खुद को अधिक तरोताज़ा महसूस करता है। जो लोग लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं — जैसे कि IT पेशेवर, लेखक या दफ्तर कर्मचारी — उनके लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब शहरी भारत में सेडेंटरी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

मांसपेशियों की मज़बूती और पोश्चर सुधार

चतुरंग दंडासन के नियमित अभ्यास से हाथ, कंधे, पीठ और पेट की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं। साथ ही पेट की मांसपेशियाँ भी टोन होने लगती हैं। आजकल लोग घंटों झुककर मोबाइल और लैपटॉप का उपयोग करते हैं, जिससे पीठ और गर्दन पर बुरा असर पड़ता है। यह आसन रीढ़ की हड्डी और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर शरीर का पोश्चर सुधारने में मदद करता है, जिससे शरीर को सीधा रखना आसान हो जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव

यह योगासन केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इस आसन को करते समय सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिससे मन धीरे-धीरे शांत होने लगता है और तनाव कम होता है। नियमित अभ्यास से मन अधिक शांत और फोकस्ड रह सकता है — जो आधुनिक जीवन की चुनौतियों से निपटने में सहायक है।

चतुरंग दंडासन करने का सही तरीका

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले दोनों हाथों को कंधों के पास ज़मीन पर रखें। इसके बाद पैरों की उंगलियों को ज़मीन पर टिकाएँ और धीरे-धीरे शरीर को ऊपर उठाएँ। ध्यान रखें कि शरीर सिर से लेकर पैर तक बिल्कुल सीधा रहे और शरीर का वजन हाथों तथा पैरों की उंगलियों पर संतुलित हो। शुरुआत में इस मुद्रा में 10 से 20 सेकंड तक रुक सकते हैं। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ने पर समय भी बढ़ाया जा सकता है। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संचार बना रहेगा और सेहत बेहतर होती जाएगी।

Point of View

मोटापा और मानसिक तनाव — तेज़ी से बढ़ रही हैं। योग को अक्सर एक सॉफ्ट विकल्प के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस तरह के आसन वैज्ञानिक दृष्टि से भी रक्त प्रवाह और मांसपेशियों की सक्रियता पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि किसी भी योगासन को बिना उचित मार्गदर्शन के शुरू करना — विशेषकर कंधे या कलाई की चोट वाले लोगों के लिए — जोखिम भरा हो सकता है। मुख्यधारा की स्वास्थ्य कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है।
NationPress
28/04/2026

Frequently Asked Questions

चतुरंग दंडासन क्या है और इसे क्यों करना चाहिए?
चतुरंग दंडासन एक योगासन है जिसमें शरीर को हाथों और पैरों की उंगलियों पर सीधा संतुलित किया जाता है। यह ब्लड सर्कुलेशन सुधारने, मांसपेशियों को मजबूत बनाने और सुस्ती दूर करने में सहायक माना जाता है।
चतुरंग दंडासन से ब्लड सर्कुलेशन कैसे बेहतर होता है?
जब शरीर का वजन हाथों और पैरों की उंगलियों पर आता है और कई मांसपेशियाँ एक साथ सक्रिय होती हैं, तो रक्त का प्रवाह पूरे शरीर में तेज़ हो जाता है। यह विशेष रूप से पैरों और शरीर के निचले हिस्से में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है।
चतुरंग दंडासन कौन कर सकता है?
यह आसन आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों के लिए उपयुक्त माना जाता है, विशेषकर उनके लिए जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। कंधे, कलाई या पीठ में चोट वाले व्यक्तियों को इसे करने से पहले किसी योग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
चतुरंग दंडासन करने का सही तरीका क्या है?
दोनों हाथों को कंधों के पास ज़मीन पर रखें, पैरों की उंगलियों को ज़मीन पर टिकाएँ और शरीर को सिर से पैर तक सीधा रखते हुए ऊपर उठाएँ। शुरुआत में 10 से 20 सेकंड इस मुद्रा में रुकें और अभ्यास बढ़ने पर समय बढ़ाएँ।
क्या चतुरंग दंडासन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है?
हाँ, इस आसन को करते समय सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है, जिससे मन शांत होता है और तनाव कम होता है। नियमित अभ्यास से मानसिक फोकस और शांति में सुधार हो सकता है।
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