क्या बात-बात पर बढ़ता है रक्तदाब? योग और संतुलित आहार से करें नियंत्रण
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के चलते गलत जीवनशैली, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा या तनाव के कारण उच्च रक्तदाब (हाइपरटेंशन) की समस्या बढ़ने लगी है। कई बार इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। सही जीवनशैली और कुछ आदतों में बदलाव करके इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
यदि आपका वजन अधिक है या आप अधिक नमक का सेवन करते हैं, धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं, या आपकी दिनचर्या में कोई शारीरिक गतिविधि नहीं है, तो रक्तदाब बढ़ने का खतरा ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा लगातार तनाव में रहना भी एक बड़ा कारण है। कई बार यह समस्या पारिवारिक इतिहास से भी जुड़ी होती है।
अक्सर उच्च रक्तदाब के प्रारंभिक लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जैसे सुबह-सुबह सिरदर्द, चक्कर आना, घबराहट, दिल की धड़कन का तेज होना या कभी-कभी नाक से खून आना। यदि ये लक्षण बार-बार प्रकट होते हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत रक्तदाब की जांच करवाएं।
इसमें योग और सही आहार आपकी सबसे बड़ी मदद कर सकते हैं। योग न केवल शरीर को बल्कि मन को भी शांत करता है। प्रतिदिन 20-30 मिनट योग करने से तनाव कम होता है और रक्तदाब नियंत्रित रहता है। कुछ सरल योगासन जैसे ताड़ासन, भुजंगासन, शशांकासन और शवासन बहुत लाभकारी होते हैं। इसके अलावा प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम (नाड़ी शोधन), भ्रामरी और शीतली करने से मन शांति पाता है और दिल की धड़कन सामान्य रहती है। योग का असर धीरे-धीरे लेकिन लंबे समय तक रहता है।
अब बात करते हैं आहार की। यदि आप रक्तदाब नियंत्रित करना चाहते हैं, तो सबसे पहले नमक की मात्रा कम करें। अधिक नमक रक्तदाब को सीधे प्रभावित करता है। इसके अलावा तली-भुनी और अधिक तेल वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं। अपनी थाली में हरी सब्जियां और फल अवश्य शामिल करें। लौकी, करेला, खीरा, गाजर, आंवला जैसे खाद्य पदार्थ बहुत फायदेमंद होते हैं। जौ, ज्वार और गेहूं जैसे अनाज भी अच्छे विकल्प हैं। साथ ही छाछ (बटरमिल्क) और हल्का भोजन पचाने में आसान होते हैं और शरीर को हल्का रखते हैं। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और कैफीन (चाय-कॉफी) का सेवन कम करें।
जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ा असर डालते हैं। जैसे प्रतिदिन तेज़ चलना (ब्रिस्क वॉक), समय पर सोना, देर रात तक जागने से बचना और खुद को मानसिक रूप से शांत रखना। कोशिश करें कि दिन में कुछ समय अपने लिए निकालें और ध्यान करें, संगीत सुनें या अपनी पसंदीदा गतिविधि करें।