क्या अचानक गिर जाता है आपका बीपी? जानें ये आयुर्वेदिक उपाय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या अचानक गिर जाता है आपका बीपी? जानें ये आयुर्वेदिक उपाय

सारांश

यह लेख लो ब्लड प्रेशर की समस्याओं और उनके आयुर्वेदिक उपचारों पर रोशनी डालता है। जानें कैसे आप अपने बीपी को नियंत्रित कर सकते हैं और कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

मुख्य बातें

लो बीपी को गंभीरता से लेना चाहिए।
नमक वाला पानी और कॉफी प्रभावी उपाय हैं।
आयुर्वेदिक नुस्खे जैसे किशमिश और तुलसी फायदेमंद हैं।
समय पर डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
सामान्य रक्तचाप 120/80 होना चाहिए।

नई दिल्ली, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और तनाव के बीच लो ब्लड प्रेशर एक सामान्य लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। जबकि लोग हाई ब्लड प्रेशर को तुरंत गंभीरता से लेते हैं, वहीं लो बीपी को अक्सर अनदेखा किया जाता है, जबकि यह शरीर में छिपे कई गंभीर रोगों का संकेत हो सकता है।

सामान्यतः रक्तचाप 120/80 मिलीमीटर ऑफ मरकरी होना चाहिए, पर जब यह 90/60 मिलीमीटर ऑफ मरकरी से नीचे चला जाता है, तब इसे लो बीपी कहा जाता है। इस स्थिति में शरीर के अंगों को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, जिससे कमजोरी, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेराबेहोशी भी हो सकती है।

लो बीपी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें सबसे सामान्य डिहाइड्रेशन है। लगातार पसीना आना, पर्याप्त पानी न पीना या बीमारी के कारण फ्लूइड लॉस से रक्तचाप गिर सकता है। चोट या बीमारी से खून की कमी और पोषक तत्वों की कमी भी इसके महत्वपूर्ण कारण हैं। दिल की समस्या, गर्भावस्था, और हार्मोन के असंतुलन जैसे थायरॉयड या एड्रेनल ग्लैंड की गड़बड़ी भी लो बीपी को बढ़ा सकती है। इसके अलावा, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स, लंबे समय तक तनाव, थकान और कमजोरी भी रक्तचाप को अचानक कम कर सकते हैं।

लो बीपी के प्रमुख लक्षणों में बार-बार चक्कर आना, थकान, कमजोरी, पसीना आना, धड़कन का धीमा होना और बेहोशी शामिल हैं। यदि इन लक्षणों का अनुभव बार-बार किया जाए तो इसे हल्का नहीं लेना चाहिए। घर पर तुरंत राहत पाने के लिए कुछ आसान और प्रभावी नुस्खे अपनाए जा सकते हैं। नमक वाला पानी सबसे कारगर उपाय है क्योंकि सोडियम की कमी पूरी होते ही रक्तचाप तुरंत सामान्य हो जाता है। कॉफी या चाय में मौजूद कैफीन रक्त संचार को तेज कर तुरंत ऊर्जा देता है।

आयुर्वेदिक नुस्खों में किशमिश का सेवन, तुलसी के पत्ते, मुलेठी की चाय और अनार-गाजर का जूस बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। बादाम वाला दूध कमजोरी और थकान को कम करता है, जबकि तुलसी, अदरक और शहद का मिश्रण दिल को मजबूत और रक्त संचार को बेहतर बनाता है।

यदि अचानक बीपी गिर जाए तो तुरंत बैठ जाना या लेट जाना सबसे पहला कदम होना चाहिए ताकि गिरने से चोट न लगे। पैरों को थोड़ा ऊंचा करके लेटने से मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना, ड्राई फ्रूट्स या शहद लेना और धीरे-धीरे खड़े होना मददगार होता है। गहरी सांस लेकर 5-10 मिनट आराम करने से भी शरीर को स्थिरता मिलती है। हालांकि, यदि बार-बार लो बीपी की समस्या हो, सीने में दर्द, बेहोशी या चक्कर लगातार बने रहें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं यह कह सकता हूं कि लो ब्लड प्रेशर की समस्या को हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह न केवल स्वास्थ्य का संकेत है, बल्कि यह एक गंभीर स्थिति को भी दर्शा सकता है। आयुर्वेद की मदद से हम इसके सरल और प्राकृतिक उपायों का लाभ उठा सकते हैं।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लो बीपी के लक्षण क्या हैं?
लो बीपी के प्रमुख लक्षणों में चक्कर आना, थकान, कमजोरी और बेहोशी शामिल हैं।
लो बीपी के लिए क्या घरेलू उपाय हैं?
नमक वाला पानी, कॉफी, किशमिश, और तुलसी के पत्ते जैसे घरेलू उपाय प्रभावी हैं।
कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?
यदि बार-बार लो बीपी की समस्या हो, सीने में दर्द या बेहोशी बनी रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 5 महीने पहले