PM मोदी का बड़ा फैसला: काफिले में 50% कटौती का निर्देश, SPG को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के आदेश

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PM मोदी का बड़ा फैसला: काफिले में 50% कटौती का निर्देश, SPG को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के आदेश

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी ने SPG को अपने काफिले में 50% कटौती का निर्देश दिया है और बिना नई खरीद के इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने की इच्छा जताई है। यह कदम मंत्रियों और अधिकारियों के लिए भी संसाधन-उपयोग का स्पष्ट संदेश है, और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पहले ही इसी राह पर चल चुकी है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SPG को आधिकारिक काफिले में करीब 50 प्रतिशत कटौती का निर्देश दिया है।
काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाए जाएंगे, लेकिन इस उद्देश्य के लिए कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी ।
सुरक्षा में कोई कमी नहीं — ब्लू बुक के मानकों का सख्ती से पालन जारी रहेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंत्रियों के काफिले में 50% कटौती का निर्देश दे चुके हैं।
योगी सरकार ने वर्क फ्रॉम होम , मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने की अपील भी की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी व्यय में कमी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने आधिकारिक काफिले का आकार करीब 50 प्रतिशत तक घटाने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार, यह निर्देश उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले विशेष सुरक्षा दल (SPG) को दिया गया है, जिसके बाद एजेंसी ने क्रियान्वयन शुरू कर दिया है। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब केंद्र सरकार प्रशासनिक सुधार, हरित ऊर्जा और सार्वजनिक धन के विवेकपूर्ण उपयोग पर लगातार जोर दे रही है।

काफिले में क्या बदलाव होंगे

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने केवल वाहनों की संख्या घटाने तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की इच्छा भी जताई है। उल्लेखनीय यह है कि इस उद्देश्य के लिए कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी — मौजूदा बेड़े का ही बेहतर और अधिक कुशल उपयोग किया जाएगा, ताकि सरकारी खजाने पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न पड़े।

सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं

हाल के दिनों में नई दिल्ली से बाहर की प्रधानमंत्री की यात्राओं के दौरान काफिले का आकार पहले की तुलना में छोटा देखा गया है। सुरक्षा एजेंसियाँ यह सुनिश्चित कर रही हैं कि वाहनों की संख्या घटने के बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी न आए। इसके लिए ब्लू बुक में निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

मंत्रियों और अधिकारियों को भी संदेश

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह कदम केवल खर्च कम करने तक सीमित नहीं है — यह मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट संदेश भी है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग जरूरत के अनुसार और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी इसी तरह मितव्ययिता और पर्यावरण-अनुकूल उपायों को बढ़ावा दिया जा सकता है।

उत्तर प्रदेश में भी इसी राह पर योगी सरकार

गौरतलब है कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मुख्य सचिव, डीजीपी, सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया था। काफिले से अनावश्यक वाहन हटाने के आदेश भी उस बैठक में दिए गए थे।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने पीएनजी, मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों के उपयोग पर विशेष बल दिया। सरकारी बैठकों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप को वर्चुअल माध्यम से आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।

आगे की दिशा

केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर यह एक साझा प्रवृत्ति उभरती दिख रही है — सरकारी प्रोटोकॉल को दुरुस्त करना, फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाना और हरित विकल्पों को अपनाना। यदि यह पहल व्यापक नीतिगत ढाँचे में तब्दील होती है, तो यह भारत सरकार के नेट ज़ीरो लक्ष्यों और राजकोषीय अनुशासन दोनों के अनुरूप होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह संकेत नीतिगत बाध्यता में बदलता है। भारत में वीआईपी संस्कृति और सरकारी वाहन बेड़े की फिजूलखर्ची पर वर्षों से सवाल उठते रहे हैं, फिर भी व्यवस्थागत बदलाव सीमित रहा है। यह कदम तब और अधिक विश्वसनीय बनेगा जब इसे मापने योग्य लक्ष्यों — जैसे ईंधन बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और बेड़े के आकार की वार्षिक रिपोर्टिंग — से जोड़ा जाए। अन्यथा, यह उन अच्छी नीयत वाली घोषणाओं की श्रेणी में जा सकता है जो क्रियान्वयन की कमी के कारण असर नहीं छोड़तीं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी ने काफिले में कितनी कटौती का निर्देश दिया है?
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने SPG को निर्देश दिया है कि काफिले में शामिल वाहनों की संख्या में करीब 50 प्रतिशत तक कमी की जाए। हाल की दिल्ली से बाहर की यात्राओं में काफिला पहले से छोटा देखा भी गया है।
क्या काफिले के लिए नई इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ खरीदी जाएंगी?
नहीं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस उद्देश्य के लिए कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी। मौजूदा बेड़े में उपलब्ध इलेक्ट्रिक वाहनों का बेहतर उपयोग कर यह बदलाव लागू किया जाएगा।
काफिले में कटौती के बाद PM की सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?
सुरक्षा एजेंसियाँ सुनिश्चित कर रही हैं कि वाहनों की संख्या घटने के बावजूद प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कोई कमी न आए। ब्लू बुक में तय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जारी रखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने काफिले को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 फीसदी कटौती का निर्देश दिया था। साथ ही वर्क फ्रॉम होम, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने की भी अपील की गई।
यह पहल केंद्र सरकार की किस व्यापक नीति का हिस्सा है?
यह कदम केंद्र सरकार के प्रशासनिक सुधार, राजकोषीय अनुशासन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के व्यापक एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में अन्य विभागों में भी मितव्ययिता और पर्यावरण-अनुकूल उपायों को लागू किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस