चिराग शेट्टी का खुलासा: हांग्जो में 'जय हो' सुनना करियर का सबसे भावुक पल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपने करियर के सबसे भावनात्मक क्षण को याद करते हुए कहा कि एशियन गेम्स 2023 में स्वर्ण पदक जीतने के बाद चीन के हांग्जो एरीना में 'जय हो' गीत की गूंज सुनना उनके जीवन के सबसे अविस्मरणीय अनुभवों में से एक रहा। उसी ऐतिहासिक जीत के साथ चिराग और उनके जोड़ीदार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी पुरुष युगल में विश्व की नंबर एक जोड़ी बन गए थे।
मुख्य घटनाक्रम
चिराग ने पॉडकास्ट में बताया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान उनका एकमात्र लक्ष्य एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतना था। उन्होंने स्वीकार किया कि सेमीफाइनल के बाद जब कोच ने बताया कि वे और सात्विक दुनिया की नंबर एक जोड़ी बन चुके हैं, तब भी उनका पूरा ध्यान फाइनल मैच पर केंद्रित था। चिराग के शब्दों में, "वर्ल्ड नंबर-1 बनने के साथ एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतना हमारे करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।"
बीमारी के बावजूद ऐतिहासिक प्रदर्शन
27 वर्षीय शटलर ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट के दौरान वह इन्फ्लूएंजा से जूझ रहे थे। तेज बुखार के कारण उनकी हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। इसके बावजूद उन्होंने अपने भीतर की जिजीविषा को बनाए रखा और देश के लिए सर्वोच्च सम्मान हासिल किया। यह उनकी मानसिक दृढ़ता और अदम्य संकल्प का प्रमाण है।
'जय हो' का वह यादगार पल
चिराग ने फाइनल के बाद के जश्न को याद करते हुए बताया कि जीत पक्की होते ही हांग्जो एरीना में 'जय हो' गीत बज उठा। विदेशी धरती पर भारतीय गीत की गूंज सुनकर वे और सात्विक कोर्ट पर ही नाचने लगे और अपनी टी-शर्ट दर्शकों की ओर उछालकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि जब किसी दूसरे देश में आपके सम्मान में आपके देश का गीत बजता है, तो वह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
युवा खिलाड़ियों को संदेश
चिराग ने उभरते खिलाड़ियों को सलाह देते हुए कहा कि केवल अंतिम लक्ष्य के पीछे भागने के बजाय पूरी प्रक्रिया का आनंद लेना चाहिए। उनके अनुसार कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखने की इच्छाशक्ति ही किसी भी खिलाड़ी को शीर्ष तक पहुँचाती है। सात्विक-चिराग की जोड़ी आज भारतीय बैडमिंटन के सबसे चमकदार अध्याय का प्रतिनिधित्व करती है और उनकी यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती रहेगी।