माई भारत कन्वेंशन लखनऊ: मांडविया बोले — अमृत काल के 25 वर्ष युवाओं के, 1 लाख नेता तैयार होंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल और श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 17 जुलाई 2026 को लखनऊ में आयोजित 'माई भारत' नेशनल यूथ वॉलंटियर्स कन्वेंशन में कहा कि अमृत काल के अगले 25 वर्ष देश के युवाओं को समर्पित हैं और आज की पीढ़ी ही विकसित भारत 2047 में जीवन व्यतीत करेगी। उत्तर प्रदेश की राजधानी में आयोजित इस सम्मेलन में राज्यभर से 1,500 से अधिक युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
सम्मेलन का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
युवा मामले और खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग द्वारा आयोजित इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, स्वयंसेवा की भावना और सामुदायिक भागीदारी को सुदृढ़ करना था। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब केंद्र सरकार 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप को ज़मीनी स्तर पर युवाओं के माध्यम से मूर्त रूप देने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है — एक जनसांख्यिकीय लाभांश जिसे सरकार संगठित स्वयंसेवा और नेतृत्व प्रशिक्षण के ज़रिए राष्ट्र निर्माण की दिशा में मोड़ना चाहती है।
मांडविया का संबोधन: युवा नेतृत्व और राष्ट्र प्रथम
डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप बिना किसी राजनीतिक या पारिवारिक पृष्ठभूमि वाले 1 लाख युवा लीडर्स को तैयार किया जा रहा है, ताकि गाँवों, आदिवासी क्षेत्रों, कस्बों और शहरों से नई नेतृत्व क्षमता उभर सके। उन्होंने युवाओं से कर्तव्य भाव, सेवा और 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने माई भारत पोर्टल को युवा सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि यह प्लेटफ़ॉर्म स्वयंसेवा के अवसरों, करियर विकास, अनुभव आधारित सीखने के कार्यक्रमों, सामुदायिक सेवा और नवाचार से युवाओं को जोड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि 'विकसित भारत युवा लीडर संवाद' से प्राप्त कई सुझावों ने नीति निर्माण को प्रभावित किया है।
स्वयंसेवकों को लक्ष्य और 'नशा मुक्त' अभियान
डॉ. मांडविया ने माई भारत के स्वयंसेवकों से अपील की कि वे अगले तीन महीनों में कम से कम 300 युवाओं को इस प्लेटफ़ॉर्म से जोड़ें और 100 सक्रिय युवा क्लबों के पंजीकरण में सहयोग करें। उनके अनुसार प्रत्येक युवा क्लब को सेवा, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का केंद्र बनना चाहिए।
उन्होंने स्वयंसेवकों से 'नशा मुक्त युवा — विकसित भारत' अभियान को और मज़बूत करने तथा नशे के विरुद्ध जनजागरूकता फैलाने का विशेष आग्रह किया। सम्मेलन का समापन स्वयंसेवकों द्वारा नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।
उत्तर प्रदेश में माई भारत की बढ़ती पहुँच
उत्तर प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि देशभर में 2.25 करोड़ से अधिक युवा माई भारत से जुड़ चुके हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में पंजीकृत युवाओं की संख्या 13.5 लाख से बढ़कर 23 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामुदायिक अभियानों के ज़रिए युवाओं को समाज से जोड़ने की इस पहल को प्रभावी बताया।
'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के विजेता सम्मानित
सम्मेलन में 'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के शीर्ष पाँच विजेताओं को सम्मानित किया गया। इनमें महाराष्ट्र के अभिषेक रामदास नाइकवाड़ी, तेलंगाना के टी. रमेश और नामरेड्डी ऋत्विक रेड्डी, आंध्र प्रदेश के स्वामीकेरी वेंकट लोकेश तथा उत्तर प्रदेश के कृष्णानंद जायसवाल शामिल रहे। माई भारत पोर्टल, युवा नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी पर संवाद सत्र भी आयोजित किए गए।
यह कन्वेंशन इस बात का संकेत है कि सरकार युवा ऊर्जा को संस्थागत ढाँचे में ढालने की कोशिश कर रही है — अब देखना यह होगा कि माई भारत के ये संकल्प ज़मीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।