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लखनऊ में 17 जुलाई को माय भारत युवा सम्मेलन, 1,500 से अधिक स्वयंसेवक होंगे शामिल

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लखनऊ में 17 जुलाई को माय भारत युवा सम्मेलन, 1,500 से अधिक स्वयंसेवक होंगे शामिल

सारांश

लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 17 जुलाई को माय भारत का राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन होगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के 1,500 से अधिक युवा भाग लेंगे। इसके बाद 18-19 जुलाई को 'विकसित भारत 2047' की दिशा में कार्ययोजना बनाने के लिए दो दिवसीय चिंतन शिविर आयोजित होगा।

मुख्य बातें

17 जुलाई को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में माय भारत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन का आयोजन।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 1,500 से अधिक युवा स्वयंसेवक भाग लेंगे।
मनसुख मंडाविया , राज्य मंत्री रक्षा खडसे और माय भारत सीईओ डॉ.
प्रियंका शुक्ला उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगी।
'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के शीर्ष 5 विजेताओं को सम्मेलन में सम्मानित किया जाएगा।
18-19 जुलाई को चिंतन शिविर — पहले दिन 'संवाद से समाधान' , दूसरे दिन 'समाधान से संकल्प' विषय पर।
शिविर का लक्ष्य 'विकसित भारत 2047' के अनुरूप युवा नीति की भावी कार्ययोजना तैयार करना।

केंद्र सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्य विभाग द्वारा 17 जुलाई को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'माय भारत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 1,500 से अधिक युवा स्वयंसेवक भाग लेंगे। इस सम्मेलन के तुरंत बाद 18 और 19 जुलाई को दो दिवसीय चिंतन शिविर का भी आयोजन होगा। दोनों कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य जमीनी स्तर पर युवाओं की भागीदारी सुदृढ़ करना, संस्थागत समन्वय बढ़ाना और युवा नेतृत्व आधारित राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त ढाँचा तैयार करना है।

उद्घाटन सत्र में कौन होंगे शामिल

सम्मेलन और चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, केंद्रीय राज्य मंत्री (युवा कार्यक्रम एवं खेल) रक्षा खडसे, उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव और युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल उपस्थित रहेंगी। इसके अतिरिक्त युवा कार्य विभाग के अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा और माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला भी युवा स्वयंसेवकों एवं क्षेत्रीय अधिकारियों से सीधा संवाद करेंगी।

सम्मेलन में क्या होगा खास

युवा स्वयंसेवक सम्मेलन क्षमता निर्माण पर केंद्रित रहेगा। प्रतिभागियों को माय भारत पोर्टल की विशेषताओं, नेतृत्व विकास, सामुदायिक जागरूकता और जनसंपर्क रणनीतियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' और 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' जैसे राष्ट्रीय अभियानों में युवाओं की भूमिका भी स्पष्ट की जाएगी।

सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण 'नेशन फर्स्ट चैलेंज' के शीर्ष 5 विजेताओं का सम्मान होगा। यह राष्ट्रव्यापी पहल माय भारत द्वारा मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद शुरू की गई थी, जिसमें उन्होंने नागरिकों से जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने और सामूहिक प्रयासों से राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया था। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और प्रशिक्षण सत्र भी शामिल हैं।

चिंतन शिविर का एजेंडा

18 जुलाई को चिंतन शिविर के पहले दिन का विषय 'संवाद से समाधान' रखा गया है। इस दिन विभिन्न राज्यों के बीच अनुभव साझा करने, नीतिगत समन्वय बढ़ाने और परस्पर सीखने की प्रक्रिया पर ज़ोर दिया जाएगा। उद्घाटन सत्र में डॉ. मंडाविया 'युवा विकास के लिए दृष्टिकोण, शासन की प्राथमिकताएँ और रणनीतिक आवश्यकताएँ' विषय पर मुख्य संबोधन देंगे।

19 जुलाई को दूसरे दिन का विषय 'समाधान से संकल्प' होगा। इस दिन प्रतिभागी समूह चर्चाओं, नीति प्रयोगशालाओं, केस स्टडी प्रस्तुतियों और समाधान आधारित विचार-विमर्श में भाग लेंगे। यह शिविर 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप भावी कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।

आगे की राह

यह आयोजन माय भारत मंच के विस्तार और युवा स्वयंसेवकों को नीति-निर्माण प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में एक ठोस कदम है। गौरतलब है कि माय भारत पोर्टल को युवाओं को स्वयंसेवी गतिविधियों और सरकारी कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विकसित किया गया है। इस सम्मेलन से निकलने वाले निष्कर्ष आने वाले महीनों में युवा नीति की दिशा तय करने में सहायक होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इस क्षमता निर्माण का जमीनी प्रभाव कितना मापनीय होगा। 1,500 स्वयंसेवकों की उपस्थिति प्रभावशाली संख्या है, पर 'विकसित भारत 2047' जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए एकदिवसीय सम्मेलनों से आगे निरंतर संस्थागत जुड़ाव की आवश्यकता होगी। चिंतन शिविर का 'संवाद से समाधान' और 'समाधान से संकल्प' का क्रम सही दिशा में है, बशर्ते इसके निष्कर्ष नीतिगत दस्तावेजों में वास्तव में परिलक्षित हों।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माय भारत राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
यह सम्मेलन 17 जुलाई को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा। इसके बाद 18-19 जुलाई को उसी स्थान पर दो दिवसीय चिंतन शिविर भी होगा।
माय भारत युवा सम्मेलन में कितने युवा भाग लेंगे?
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से 1,500 से अधिक माय भारत युवा स्वयंसेवक इस सम्मेलन में भाग लेंगे।
चिंतन शिविर का उद्देश्य क्या है?
18-19 जुलाई को आयोजित चिंतन शिविर का उद्देश्य चल रही युवा योजनाओं की समीक्षा करना, बेहतर कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करना और 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य के अनुरूप भावी कार्ययोजना तैयार करना है।
'नेशन फर्स्ट चैलेंज' क्या है और इसे कब शुरू किया गया?
'नेशन फर्स्ट चैलेंज' माय भारत की एक राष्ट्रव्यापी पहल है, जो मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद शुरू की गई थी। इस सम्मेलन में इसके शीर्ष 5 विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
सम्मेलन में कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे?
उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया , राज्य मंत्री रक्षा खडसे , उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव , युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल और माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला शामिल होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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