16 जुलाई 2026
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मौलाना जर्जिस अंसारी के श्रीकृष्ण पर विवादित बयान के बाद लखनऊ में FIR दर्ज, BNS की धारा 302 व 66 लागू

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मौलाना जर्जिस अंसारी के श्रीकृष्ण पर विवादित बयान के बाद लखनऊ में FIR दर्ज, BNS की धारा 302 व 66 लागू

सारांश

मौलाना जर्जिस अंसारी का कथित बयान — कि 'कृष्ण मुस्लिम थे' — सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लखनऊ में FIR दर्ज हो गई। हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी की शिकायत पर BNS की धारा 302 व 66 के तहत मुकदमा, विहिप और BJP ने सख्त कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ 16 जुलाई 2026 को लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज की गई।
मामला BNS की धारा 302 और धारा 66 के तहत हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी की शिकायत पर दर्ज हुआ।
वायरल वीडियो में मौलाना ने कथित तौर पर कहा कि 'कृष्ण मुस्लिम थे और पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ते थे।' विश्व हिंदू परिषद (विहिप) नेता विनोद बंसल ने कड़ी निंदा करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की।
BJP नेताओं और विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी बयान की निंदा की और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की अपील की।

लखनऊ के हजरतगंज थाने में 16 जुलाई 2026 को मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 और धारा 66 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी की शिकायत पर थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने दर्ज किया। विवाद की जड़ में मौलाना का एक वीडियो है जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ था।

वायरल वीडियो और विवादित बयान

वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कथित तौर पर कहा कि 'कृष्ण मुस्लिम थे और पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ते थे।' इस बयान के सामने आते ही विभिन्न हिंदू संगठनों में तीव्र आक्रोश फैल गया और उन्होंने तत्काल कानूनी कार्रवाई की माँग की। यह बयान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया जा रहा है।

विश्व हिंदू परिषद की कड़ी प्रतिक्रिया

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विनोद बंसल ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'मौलाना जर्जिस जैसे लोगों को शर्म नहीं आती। ऐसे लोग लगातार बेहूदा बयान देते रहते हैं। शासन-प्रशासन को इनके खिलाफ सख्त व्यवस्था करनी चाहिए।'

बंसल ने यह भी आरोप लगाया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, इससे पहले मौलाना अरशद मदनी ने भी दिल्ली की एक सभा में भगवान शिव को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

भाजपा और हिंदू संगठनों की निंदा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं सहित अनेक हिंदूवादी संगठनों ने इस बयान की कड़ी निंदा की है और मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है। विनोद बंसल ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व लगातार हिंदू आस्था और धार्मिक विश्वासों को आहत करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि अन्य धर्मों के बारे में इस प्रकार की टिप्पणी की जाए तो तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है, किंतु हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की जाती हैं — जो उनके अनुसार पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।

आगे क्या होगा

मामला दर्ज होने के बाद हजरतगंज पुलिस जाँच में जुट गई है। BNS की धारा 302 और 66 के तहत दर्ज यह मुकदमा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित है। आने वाले दिनों में मौलाना के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पैटर्न के रूप में देखी जा रही है। असली सवाल यह है कि क्या FIR दर्ज होने से आगे भी कानूनी प्रक्रिया प्रभावी ढंग से चलती है, या यह मामला भी पूर्व के ऐसे विवादों की तरह जाँच के स्तर पर ही रुक जाता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ FIR क्यों दर्ज हुई?
मौलाना जर्जिस अंसारी के एक वायरल वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि 'कृष्ण मुस्लिम थे और पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ते थे।' इस बयान को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला मानते हुए हिंदूवादी नेता शिशिर चतुर्वेदी ने लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।
FIR में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 और धारा 66 के तहत यह मुकदमा दर्ज किया है। ये धाराएँ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित मामलों में लागू होती हैं।
विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले पर क्या कहा?
विहिप नेता विनोद बंसल ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 'मौलाना जर्जिस जैसे लोगों को शर्म नहीं आती' और शासन-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले मौलाना अरशद मदनी ने भी दिल्ली में भगवान शिव पर विवादित टिप्पणी की थी।
क्या BJP ने भी इस बयान की निंदा की है?
हाँ, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेताओं ने हिंदूवादी संगठनों के साथ मिलकर इस बयान की कड़ी निंदा की है और मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
FIR दर्ज होने के बाद हजरतगंज पुलिस जाँच कर रही है। BNS की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ सकती है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन की ओर से त्वरित कदम उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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