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मौलाना जर्जिस अंसारी के श्रीकृष्ण पर विवादित बयान से बवाल, भाजपा-एनडीए नेताओं ने की कार्रवाई की मांग

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मौलाना जर्जिस अंसारी के श्रीकृष्ण पर विवादित बयान से बवाल, भाजपा-एनडीए नेताओं ने की कार्रवाई की मांग

सारांश

मौलाना जर्जिस अंसारी के एक वायरल वीडियो में भगवान श्रीकृष्ण को मुस्लिम बताने के दावे ने राजनीतिक बवाल खड़ा कर दिया। भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर निशाना साधा, तो ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी मौलाना की आलोचना करते हुए कार्रवाई की माँग की।

मुख्य बातें

मौलाना जर्जिस अंसारी ने एक वायरल वीडियो में कथित तौर पर दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे और पाँच वक्त की नमाज़ पढ़ते थे।
भाजपा-एनडीए नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए मौलाना पर तत्काल कार्रवाई की माँग की।
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने सपा और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे ऐसे मौलवियों को सनातन संस्कृति पर हमले के लिए 'पालती' हैं।
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने भी बयान की निंदा की और कहा कि ऐसे लोग इस्लाम को बदनाम करते हैं।
याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने माफी की माँग करते हुए कहा कि इस्लाम 1,400 साल पुराना है जबकि भगवान कृष्ण 5,000 साल से भी पहले हुए थे।

नई दिल्ली, 16 जुलाई — एक वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कथित तौर पर दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे, दीन (इस्लाम) का प्रचार करते थे और पाँच वक्त की नमाज़ अदा करते थे। इस बयान के सामने आते ही भाजपा-एनडीए नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई और मौलाना के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की माँग की।

नेताओं की प्रतिक्रिया

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि जब इस्लाम का जन्म भी नहीं हुआ था, उस समय भगवान श्रीकृष्ण अपनी शिक्षाएँ दे रहे थे। उन्होंने कहा, 'उनकी दिव्य शक्ति को पूरे आर्यावर्त में पूजा जाता था और लोग उनके सामने नतमस्तक होते थे।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'वह यह बात किसे समझाने की कोशिश कर रहे हैं? हिंदू पहले से ही भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं — राधा-कृष्ण का जाप हिंदुओं की ओर से किया जाता है।'

भाजपा नेता मोहसिन रजा ने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी (SP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) जैसी विपक्षी पार्टियाँ ऐसे मौलवियों को अपने साथ रखती हैं ताकि वे देवी-देवताओं का अपमान कर सकें और सनातन संस्कृति पर हमला कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यह मौलवी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जनपद से आता है और इसकी जाँच होनी चाहिए।

याचिकाकर्ता की माँग

श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले के याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने इस बयान को 'अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए माँग की कि मौलाना जर्जिस अंसारी तुरंत सनातन और हिंदू समुदाय से माफी माँगें। उन्होंने कहा, 'इस्लाम लगभग 1,400 साल पहले आया था, जबकि भगवान कृष्ण 5,000 साल से भी पहले हुए थे।'

मुस्लिम धर्मगुरु की भी आलोचना

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने भी मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए इस तरह की हरकतें करते हैं और इस्लाम को बदनाम करते हैं। उन्होंने सरकार से माँग की कि ऐसे मौलवियों पर कार्रवाई की जाए।

विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े बयानों को लेकर राजनीतिक तापमान पहले से ऊँचा है। यह पहली बार नहीं है जब किसी धार्मिक व्यक्तित्व के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई हो। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक हैं, चाहे वे किसी भी समुदाय की ओर से आएँ। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड जैसी मुस्लिम संस्था का भी इसकी निंदा करना यह दर्शाता है कि यह विवाद हिंदू-मुस्लिम नहीं, बल्कि जिम्मेदार धार्मिक प्रवचन बनाम सस्ती लोकप्रियता का है। भाजपा नेताओं का विपक्ष पर यह आरोप कि वे ऐसे मौलवियों को 'पालते' हैं, एक राजनीतिक दावा है जिसके लिए ठोस साक्ष्य अभी सामने नहीं आए हैं — मीडिया को इसे आरोप के रूप में ही रिपोर्ट करना चाहिए, तथ्य के रूप में नहीं। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस वायरल वीडियो की कानूनी जाँच करेगा या यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना जर्जिस अंसारी ने भगवान श्रीकृष्ण के बारे में क्या कहा?
एक वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस अंसारी ने कथित तौर पर दावा किया कि भगवान श्रीकृष्ण मुस्लिम थे, दीन (इस्लाम) का प्रचार करते थे और पाँच वक्त की नमाज़ अदा करते थे। इस बयान को हिंदू संगठनों और भाजपा-एनडीए नेताओं ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया।
भाजपा नेताओं ने इस विवाद पर क्या माँग की?
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने मौलाना जर्जिस अंसारी के संगठन की जाँच और कार्रवाई की माँग की। उन्होंने विपक्षी दलों — विशेषकर सपा और कांग्रेस — पर आरोप लगाया कि वे ऐसे मौलवियों को सनातन संस्कृति पर हमले के लिए संरक्षण देती हैं।
क्या किसी मुस्लिम धर्मगुरु ने भी इस बयान की निंदा की?
हाँ, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए इस्लाम को बदनाम करते हैं और सरकार को इन पर कार्रवाई करनी चाहिए।
महेंद्र प्रताप सिंह ने इस बयान पर क्या कहा?
श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बयान को निंदनीय बताते हुए तुरंत माफी की माँग की। उन्होंने कहा कि इस्लाम लगभग 1,400 साल पुराना है जबकि भगवान कृष्ण 5,000 साल से भी पहले हुए थे, इसलिए यह दावा तथ्यात्मक रूप से असंभव है।
इस विवाद में अखिलेश यादव का नाम क्यों आया?
भाजपा नेता मोहसिन रजा ने दावा किया कि मौलाना जर्जिस अंसारी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के जनपद से आते हैं। उन्होंने इस आधार पर जाँच की माँग की, हालाँकि अखिलेश यादव या सपा की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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