16 जुलाई 2026
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पांचवां चीन-शीत्सांग ट्रांस-हिमालय सहयोग मंच न्यिंगची में शुरू, हरित विकास पर रहेगा फोकस

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पांचवां चीन-शीत्सांग ट्रांस-हिमालय सहयोग मंच न्यिंगची में शुरू, हरित विकास पर रहेगा फोकस

सारांश

पांचवां चीन-शीत्सांग ट्रांस-हिमालय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच 16 जुलाई को न्यिंगची में शुरू हुआ। 'मानव और प्रकृति के सामंजस्य' की थीम के साथ यह आयोजन हिमालय क्षेत्र के देशों को हरित विकास, पर्यटन, खेल और स्वास्थ्य सहयोग पर एकजुट करने का प्रयास है।

मुख्य बातें

पांचवां चीन-शीत्सांग ट्रांस-हिमालय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच 16 जुलाई को न्यिंगची , शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश में शुरू हुआ।
आयोजन शनिवार तक चलेगा; इस वर्ष की थीम 'मानव और प्रकृति का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व' है।
मंच में एक मुख्य सत्र और चार समानांतर सत्र — जलवायु परिवर्तन, सांस्कृतिक पर्यटन, खेल सहयोग और हरित स्वास्थ्य — शामिल हैं।
यह मंच 2018 से न्यिंगची में आयोजित हो रहा है और अब तक चार बार सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है।
मंच का उद्देश्य हिमालय क्षेत्र के पड़ोसी देशों के साथ शीत्सांग के मैत्रीपूर्ण संबंध और अंतर्राष्ट्रीय खुलेपन को बढ़ावा देना है।

दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के न्यिंगची शहर में गुरुवार, 16 जुलाई को पांचवें चीन-शीत्सांग 'ट्रांस-हिमालय' अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच का शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय आयोजन शनिवार तक चलेगा और हिमालय क्षेत्र के देशों के बीच पेशेवर संवाद एवं सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास करेगा।

मंच का विषय और केंद्रीय संदेश

इस वर्ष के मंच की केंद्रीय थीम 'मानव और प्रकृति का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व, विकास सहयोग के परिणाम साझा करना' रखी गई है। यह थीम विशेष रूप से 'हरित विकास को बढ़ावा देना, सुंदर गृह का निर्माण' पर केंद्रित है, जो पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में क्षेत्रीय सहयोग को रेखांकित करती है।

मुख्य सत्र और समानांतर विमर्श

मंच में एक मुख्य सत्र के साथ-साथ चार समानांतर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों के विषय हैं — 'पठार का जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक सुरक्षा', 'पठार के सांस्कृतिक पर्यटन का उच्च गुणवत्ता वाला विकास', 'पठार का खेल सहयोग', और 'पठार का हरित स्वास्थ्य'। ये सत्र हिमालय क्षेत्र के देशों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाते हैं।

मंच की पृष्ठभूमि और विस्तार

गौरतलब है कि यह मंच वर्ष 2018 में न्यिंगची में पहली बार आयोजित हुआ था और तब से अब तक चार बार सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। यह पांचवां संस्करण है। वर्षों में इस मंच ने शीत्सांग की विकास उपलब्धियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने, क्षेत्रीय समझ बढ़ाने तथा पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

क्षेत्रीय महत्व

यह मंच ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तेज़ी से महसूस किए जा रहे हैं। पठार की पारिस्थितिकी, सांस्कृतिक धरोहर और स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित विमर्श इस क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक नीतिगत दिशा तय करने में सहायक हो सकता है। आगामी सत्रों में हिमालयी देशों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाले संवाद के परिणामों पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु यह देखना ज़रूरी है कि इन सत्रों के ठोस परिणाम क्षेत्र के वास्तविक पारिस्थितिक और सामाजिक चुनौतियों से कैसे जुड़ते हैं। पड़ोसी देशों की भागीदारी का स्तर और मंच के प्रस्तावों का क्रियान्वयन — ये दो कसौटियाँ तय करेंगी कि यह आयोजन महज़ एक प्रदर्शनी है या वास्तविक बहुपक्षीय सहयोग की नींव।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीन-शीत्सांग ट्रांस-हिमालय अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच क्या है?
यह चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश द्वारा आयोजित एक वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय मंच है, जो हिमालय क्षेत्र के देशों के बीच विकास, पर्यावरण, पर्यटन और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देता है। यह 2018 से न्यिंगची शहर में आयोजित हो रहा है।
पांचवें मंच का आयोजन कब और कहाँ हो रहा है?
पांचवां मंच 16 जुलाई से शनिवार तक दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के न्यिंगची शहर में आयोजित हो रहा है।
इस वर्ष के मंच की थीम क्या है?
इस वर्ष की थीम 'मानव और प्रकृति का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व, विकास सहयोग के परिणाम साझा करना' है, जो 'हरित विकास को बढ़ावा देना, सुंदर गृह का निर्माण' पर केंद्रित है।
मंच में कौन-से विषयों पर सत्र आयोजित हो रहे हैं?
मंच में एक मुख्य सत्र के अलावा चार समानांतर सत्र हैं — पठार का जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन का उच्च गुणवत्ता वाला विकास, पठार का खेल सहयोग, और पठार का हरित स्वास्थ्य।
यह मंच हिमालय क्षेत्र के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मंच हिमालयी देशों को पारिस्थितिक सुरक्षा, टिकाऊ पर्यटन और जलवायु परिवर्तन जैसे साझा मुद्दों पर संवाद का अवसर देता है। 2018 से अब तक यह क्षेत्रीय समझ और मैत्रीपूर्ण आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने में सकारात्मक भूमिका निभाता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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