पांचवां चीन-शीत्सांग ट्रांस-हिमालय सहयोग मंच न्यिंगची में शुरू, हरित विकास पर रहेगा फोकस
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण-पश्चिम चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के न्यिंगची शहर में गुरुवार, 16 जुलाई को पांचवें चीन-शीत्सांग 'ट्रांस-हिमालय' अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंच का शुभारंभ हुआ। यह तीन दिवसीय आयोजन शनिवार तक चलेगा और हिमालय क्षेत्र के देशों के बीच पेशेवर संवाद एवं सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास करेगा।
मंच का विषय और केंद्रीय संदेश
इस वर्ष के मंच की केंद्रीय थीम 'मानव और प्रकृति का सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व, विकास सहयोग के परिणाम साझा करना' रखी गई है। यह थीम विशेष रूप से 'हरित विकास को बढ़ावा देना, सुंदर गृह का निर्माण' पर केंद्रित है, जो पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में क्षेत्रीय सहयोग को रेखांकित करती है।
मुख्य सत्र और समानांतर विमर्श
मंच में एक मुख्य सत्र के साथ-साथ चार समानांतर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों के विषय हैं — 'पठार का जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक सुरक्षा', 'पठार के सांस्कृतिक पर्यटन का उच्च गुणवत्ता वाला विकास', 'पठार का खेल सहयोग', और 'पठार का हरित स्वास्थ्य'। ये सत्र हिमालय क्षेत्र के देशों के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाते हैं।
मंच की पृष्ठभूमि और विस्तार
गौरतलब है कि यह मंच वर्ष 2018 में न्यिंगची में पहली बार आयोजित हुआ था और तब से अब तक चार बार सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। यह पांचवां संस्करण है। वर्षों में इस मंच ने शीत्सांग की विकास उपलब्धियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने, क्षेत्रीय समझ बढ़ाने तथा पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
क्षेत्रीय महत्व
यह मंच ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब हिमालय क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव तेज़ी से महसूस किए जा रहे हैं। पठार की पारिस्थितिकी, सांस्कृतिक धरोहर और स्वास्थ्य सेवाओं पर केंद्रित विमर्श इस क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक नीतिगत दिशा तय करने में सहायक हो सकता है। आगामी सत्रों में हिमालयी देशों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाले संवाद के परिणामों पर सभी की नज़र रहेगी।