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युन्नान के ताली में 2026 वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता मंच, 16 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल

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युन्नान के ताली में 2026 वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता मंच, 16 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल

सारांश

युन्नान के ताली में आयोजित 2026 वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता मंच में 16 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने हरित नवाचार और कम-कार्बन परिवर्तन पर विचार साझा किए। यह आयोजन वैश्विक जलवायु सहयोग में चीन की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

2026 वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता (एरहाई झील) मंच का मुख्य सम्मेलन 30 मई 2026 को युन्नान प्रांत के ताली शहर में आयोजित हुआ।
16 देशों — जिनमें चीन, जर्मनी, कनाडा और थाईलैंड शामिल हैं — के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन का विषय था: 'एक खूबसूरत चीन के लिए मिलकर नवाचार को आगे बढ़ाना' ।
प्रतिभागियों ने तकनीकी नवाचार, कम-कार्बन परिवर्तन और वैश्विक पर्यावरण शासन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
चीनी पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय ने 'सुंदर चीन' निर्माण की नीतियाँ और भावी प्रतिबद्धताएँ साझा कीं।

2026 वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता निर्माण (एरहाई झील) मंच का मुख्य सम्मेलन 30 मई 2026 को दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के ताली शहर में संपन्न हुआ, जिसमें चीन, जर्मनी, कनाडा और थाईलैंड सहित 16 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। 'एक खूबसूरत चीन के लिए मिलकर नवाचार को आगे बढ़ाना' विषय के इर्द-गिर्द केंद्रित इस आयोजन में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और वैश्विक जलवायु शासन पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

सम्मेलन का मुख्य एजेंडा

प्रतिभागियों ने एकमत से माना कि पारिस्थितिक सभ्यता के निर्माण में तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग की भूमिका निर्णायक है। वक्ताओं के अनुसार, नवाचार-आधारित विकास मॉडल अपनाकर कम-कार्बन परिवर्तन को गति दी जा सकती है और उच्च गुणवत्ता वाले वैश्विक विकास के लिए नई ऊर्जा हासिल की जा सकती है। व्यावहारिक सहयोग के ज़रिये साझा शासन और पारस्परिक लाभ को और सुदृढ़ करने पर भी ज़ोर दिया गया।

थाईलैंड का दृष्टिकोण

थाईलैंड से आए एक प्रतिनिधि ने कहा कि चीन के पास पारिस्थितिक संरक्षण, गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण पुनरुत्थान और नई ऊर्जा विकास के क्षेत्रों में समृद्ध अनुभव है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि थाईलैंड के पास भी अपने विशिष्ट संसाधन और विकास संबंधी लाभ हैं, और दोनों देशों को आपसी आदान-प्रदान एवं जनसंपर्क को और विस्तार देना चाहिए।

चीन की पर्यावरण नीति और उपलब्धियाँ

चीनी पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने सम्मेलन में 'सुंदर चीन' निर्माण से जुड़ी नीतियों और अब तक की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आगे चलकर चीन प्रदूषण-विरोधी अभियान को और गहरा करेगा, पारिस्थितिक तंत्रों के अनुकूलन को जारी रखेगा और हरित व कम-कार्बन परिवर्तन में तेज़ी लाएगा। साथ ही, वैश्विक पर्यावरण एवं जलवायु शासन में चीन की सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई।

आगे की राह

यह मंच ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग की माँग तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि एरहाई झील क्षेत्र को चीन में पारिस्थितिक पुनरुद्धार के एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इस मंच से निकले संकल्प और साझेदारी के प्रस्ताव आने वाले महीनों में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों की दिशा तय कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आलोचक यह भी पूछते हैं कि चीन के भीतर कोयला उत्पादन और औद्योगिक उत्सर्जन के आँकड़े इस हरित छवि से कितने मेल खाते हैं। वैश्विक जलवायु मंचों पर बहुपक्षीय सहभागिता स्वागतयोग्य है, परंतु ठोस, सत्यापन-योग्य प्रतिबद्धताओं के बिना ऐसे आयोजन घोषणाओं तक सीमित रह जाते हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 वैश्विक पारिस्थितिक सभ्यता (एरहाई झील) मंच क्या है?
यह चीन के युन्नान प्रांत के ताली शहर में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य पारिस्थितिक सभ्यता निर्माण, हरित विकास और वैश्विक जलवायु सहयोग पर विचार-विमर्श करना है। 30 मई 2026 को संपन्न इस मंच में 16 देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
इस सम्मेलन में किन देशों ने भाग लिया?
सम्मेलन में चीन, जर्मनी, कनाडा और थाईलैंड सहित कुल 16 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन सभी ने पारिस्थितिक संरक्षण और कम-कार्बन परिवर्तन पर अपने-अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा किए।
सम्मेलन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
प्रतिभागियों ने तकनीकी नवाचार, कम-कार्बन परिवर्तन, पारिस्थितिक तंत्र संरक्षण और वैश्विक पर्यावरण शासन में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। व्यावहारिक साझेदारी के ज़रिये पारस्परिक लाभ सुनिश्चित करने पर भी ज़ोर दिया गया।
चीन ने इस मंच में क्या प्रतिबद्धताएँ जताईं?
चीनी पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि चीन प्रदूषण-विरोधी अभियान को गहरा करेगा, हरित व कम-कार्बन परिवर्तन में तेज़ी लाएगा और वैश्विक पर्यावरण एवं जलवायु शासन में सक्रिय भागीदारी जारी रखेगा।
एरहाई झील मंच का क्या महत्व है?
एरहाई झील को चीन में पारिस्थितिक पुनरुद्धार के एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। इस मंच का आयोजन उसी क्षेत्र में करना चीन की उस नीति को दर्शाता है जिसमें स्थानीय पर्यावरण सफलताओं को वैश्विक सहयोग के लिए एक मंच के रूप में उपयोग किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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