16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पटना: शोषित समाधान केंद्र के 20वें स्थापना दिवस पर राज्यपाल हसनैन ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पटना: शोषित समाधान केंद्र के 20वें स्थापना दिवस पर राज्यपाल हसनैन ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

सारांश

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने पटना में शोषित समाधान केंद्र के 20वें स्थापना दिवस पर युवाओं को बड़े सपने देखने और देश सेवा का मार्ग चुनने की प्रेरणा दी। बिहार रेजीमेंट के सिपाही के बेटे लेफ्टिनेंट विशाल कुमार की 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' की मिसाल देकर उन्होंने साबित किया कि संकल्प से हर बाधा पार होती है।

मुख्य बातें

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने 16 जुलाई को शोषित समाधान केंद्र, पटना के 20वें स्थापना दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।
बिहार रेजीमेंट के सिपाही के बेटे लेफ्टिनेंट विशाल कुमार को भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' मिलने का उदाहरण देकर युवाओं को प्रेरित किया।
राज्यपाल ने कहा कि सफलता परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से तय होती है, न कि पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से।
अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और सपनों का हर परिस्थिति में समर्थन करें।
संस्थान के विद्यार्थियों से विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान की उम्मीद जताई।

बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने गुरुवार, 16 जुलाई को पटना स्थित शोषित समाधान केंद्र के 20वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और सेना, पुलिस तथा अन्य सार्वजनिक सेवाओं के माध्यम से देश की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

परिश्रम और अनुशासन ही सफलता की कुंजी

अपने संबोधन में राज्यपाल हसनैन ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति की सफलता उसकी पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि पर नहीं, बल्कि उसके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण पर निर्भर करती है। उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून की पासिंग आउट परेड में प्रतिष्ठित 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' हासिल करने वाले बिहार के लेफ्टिनेंट विशाल कुमार का उदाहरण सामने रखा। उन्होंने बताया कि बिहार रेजीमेंट के एक साधारण सिपाही के बेटे विशाल कुमार ने अपनी लगन और मेहनत के बल पर यह उपलब्धि अर्जित की — यह प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प से कोई भी युवा ऊँचाइयाँ छू सकता है।

अभिभावकों से आग्रह: बच्चों के सपनों को दें उड़ान

राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे हर परिस्थिति में अपने बच्चों की शिक्षा और उनके सपनों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि माता-पिता स्वयं जीवन में जो हासिल कर पाए हों या न कर पाए हों, लेकिन उन्हें अपने बच्चों को उनसे आगे बढ़ने का अवसर अवश्य देना चाहिए। यह संदेश विशेष रूप से उन परिवारों के लिए प्रासंगिक है जो आर्थिक सीमाओं के बीच अपने बच्चों की शिक्षा जारी रखने का संघर्ष कर रहे हैं।

शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य: जिम्मेदार नागरिक निर्माण

राज्यपाल हसनैन ने शिक्षा के व्यापक उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य केवल ज्ञान देना या परीक्षाओं में अच्छे अंक दिलाना नहीं है, बल्कि ऐसे जिम्मेदार, संवेदनशील और आत्मविश्वासी नागरिक तैयार करना है जो समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें और सकारात्मक योगदान दें। उन्होंने मातृभाषा के साथ-साथ अंग्रेजी जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषा की दक्षता को आज के युग में नई संभावनाओं का द्वार बताया। विद्यार्थियों द्वारा विज्ञान और अन्य विषयों पर अंग्रेजी में दिए गए प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण की उन्होंने विशेष सराहना की।

शोषित समाधान केंद्र की भूमिका की सराहना

राज्यपाल ने शोषित समाधान केंद्र द्वारा शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान ग्रामीण और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समारोह के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट चित्रकला और कार्यक्रम संचालन के लिए कई विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया और कहा कि बच्चों की छोटी-छोटी उपलब्धियों की भी खुलकर सराहना होनी चाहिए, क्योंकि प्रोत्साहन ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

विकसित भारत 2047 में योगदान की उम्मीद

राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में इस संस्थान के विद्यार्थी विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। समारोह में संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि वंचित तबकों के लिए काम करने वाले संस्थान समाज परिवर्तन की दिशा में सतत प्रयासरत हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि ऐसे संस्थान कितने विद्यार्थियों को व्यवस्थित रूप से इस मुकाम तक पहुँचा पाते हैं। बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता और ग्रामीण युवाओं की आकांक्षाओं के बीच की खाई अभी भी गहरी है, और शोषित समाधान केंद्र जैसे संस्थानों की भूमिका इसी संदर्भ में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शोषित समाधान केंद्र का 20वाँ स्थापना दिवस कब और कहाँ मनाया गया?
शोषित समाधान केंद्र का 20वाँ स्थापना दिवस 16 जुलाई को पटना में मनाया गया। इस समारोह में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन मुख्य अतिथि थे।
राज्यपाल हसनैन ने युवाओं को क्या संदेश दिया?
राज्यपाल हसनैन ने युवाओं से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और सेना, पुलिस तथा सार्वजनिक सेवाओं में देश सेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सफलता परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से तय होती है, न कि पारिवारिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से।
लेफ्टिनेंट विशाल कुमार कौन हैं और उनका उदाहरण क्यों दिया गया?
लेफ्टिनेंट विशाल कुमार बिहार रेजीमेंट के एक सिपाही के बेटे हैं, जिन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून की पासिंग आउट परेड में प्रतिष्ठित 'स्वॉर्ड ऑफ ऑनर' हासिल किया। राज्यपाल ने उनका उदाहरण यह दिखाने के लिए दिया कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले युवा भी दृढ़ संकल्प से असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।
शोषित समाधान केंद्र क्या कार्य करता है?
शोषित समाधान केंद्र पटना में स्थित एक सामाजिक संस्थान है जो ग्रामीण और वंचित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का कार्य करता है। राज्यपाल ने इसकी शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में भूमिका को अनुकरणीय बताया।
राज्यपाल ने अभिभावकों से क्या अपेक्षा जताई?
राज्यपाल हसनैन ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे हर परिस्थिति में अपने बच्चों की शिक्षा और सपनों का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों को उनसे आगे बढ़ने का अवसर अवश्य देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले