16 जुलाई 2026
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परिसीमन विधेयक संसद में दोबारा पेश हो तो डीएमके विरोध करे: कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम

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परिसीमन विधेयक संसद में दोबारा पेश हो तो डीएमके विरोध करे: कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम

सारांश

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और सांसद कार्ति चिदंबरम ने DMK से आग्रह किया है कि वह परिसीमन विधेयक पर अपना विरोध बरकरार रखे। BJP 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में यह विधेयक दोबारा पेश करने की तैयारी में है, जो अप्रैल 2026 में पारित नहीं हो सका था।

मुख्य बातें

चिदंबरम और सांसद कार्ति चिदंबरम ने 16 जुलाई 2026 को DMK से परिसीमन विधेयक का विरोध जारी रखने का आग्रह किया।
रिपोर्टों के अनुसार BJP 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में परिसीमन संवैधानिक संशोधन विधेयक दोबारा पेश करने की योजना बना रही है।
यह विधेयक इससे पहले अप्रैल 2026 के संसद सत्र में पेश किया गया था, लेकिन आवश्यक बहुमत न मिलने से पारित नहीं हो सका।
कार्ति चिदंबरम ने तमिलनाडु सरकार के मूल्यांकन के लिए उसके पहले पूर्ण बजट तक प्रतीक्षा करने की बात कही।
हिरासत में मौतों पर उन्होंने पुलिस सुधार और संस्थागत संस्कृति में बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम और कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने 16 जुलाई 2026 को चेन्नई में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) से आग्रह किया कि वह प्रस्तावित परिसीमन संवैधानिक संशोधन विधेयक के खिलाफ अपना विरोध बरकरार रखे। दोनों नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि DMK अपने पूर्व रुख से पीछे हटती है, तो यह पार्टी के अपने मूल सिद्धांतों के साथ विश्वासघात माना जाएगा।

मानसून सत्र में विधेयक फिर लाने की तैयारी

रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) संसद के मानसून सत्र — जो 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला है — में संसदीय परिसीमन पर प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन को पुनः पेश करने की योजना बना रही है। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2026 के सत्र में यह विधेयक संसद में लाया गया था, लेकिन उसे आवश्यक बहुमत नहीं मिल पाया था।

कार्ति चिदंबरम का बयान

मीडिया से बातचीत में कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि DMK वही रुख अपनाएगी जो उसने इस वर्ष की शुरुआत में विधेयक पर बहस के दौरान अख्तियार किया था। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि यह कानून संसद में दोबारा लाया जाता है, तो पार्टी इसका विरोध जारी रखेगी। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिणी राज्यों में परिसीमन को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।

तमिलनाडु सरकार और राजनीतिक स्थिरता

तमिलनाडु की नई चुनी हुई सरकार के कामकाज पर कार्ति ने कहा कि उसका उचित मूल्यांकन उसके पहले पूर्ण बजट पेश होने के बाद ही संभव होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत है, इसलिए उसे राजनीतिक अस्थिरता या विपक्षी दलों को कमजोर करने की रणनीति अपनाने की कोई जरूरत नहीं है और वह अपना पाँच वर्षीय कार्यकाल पूरा करने की स्थिति में है।

हिरासत में मौतें और पुलिस सुधार

हिरासत में होने वाली मौतों के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाएं अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में होती रही हैं और इन्हें केवल किसी एक प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस व्यवस्था में गहरे संस्थागत सुधार की आवश्यकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संस्थागत संस्कृति में बदलाव अनिवार्य है। भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मंत्रियों या विधायकों के मामलों में उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित कार्रवाई पर भी उन्होंने जोर दिया।

छात्र हिंसा और सामाजिक जवाबदेही

छात्रों से जुड़ी हिंसा की घटनाओं पर कार्ति चिदंबरम ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी केवल सरकार पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों और छात्रों सभी के बीच अधिक जवाबदेही और जागरूकता की जरूरत पर बल दिया। परिसीमन विधेयक पर आगे की राजनीतिक दिशा अब मानसून सत्र की शुरुआत के साथ स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उस पर 'पाला बदलने' का दबाव क्यों बनाया जा रहा है — यह कांग्रेस की अपनी गठबंधन राजनीति की असुरक्षा को भी दर्शाता है। अप्रैल 2026 में विधेयक की विफलता यह बताती है कि सरकार के पास अभी भी पर्याप्त संख्याबल नहीं है; मानसून सत्र असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परिसीमन संवैधानिक संशोधन विधेयक क्या है?
यह विधेयक संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को जनसंख्या के आधार पर पुनर्निर्धारित करने से संबंधित संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव है। दक्षिणी राज्यों को आशंका है कि इससे उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं क्योंकि उनकी जनसंख्या वृद्धि दर उत्तर भारतीय राज्यों की तुलना में कम रही है।
अप्रैल 2026 में यह विधेयक क्यों पारित नहीं हुआ?
अप्रैल 2026 के संसद सत्र में यह विधेयक पेश किया गया था, लेकिन संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक विशेष बहुमत नहीं मिल सका। विपक्षी दलों और कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के विरोध के कारण यह पारित नहीं हो पाया।
कांग्रेस ने DMK से विरोध जारी रखने का आग्रह क्यों किया?
कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम का मानना है कि परिसीमन विधेयक दक्षिणी राज्यों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए हानिकारक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि DMK अपने पूर्व रुख से पीछे हटती है तो यह उसके सिद्धांतों के साथ विश्वासघात होगा।
मानसून सत्र 2026 कब शुरू होगा और इसमें क्या होने की संभावना है?
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला है। रिपोर्टों के अनुसार BJP इस सत्र में परिसीमन संवैधानिक संशोधन विधेयक दोबारा पेश करने की योजना बना रही है।
तमिलनाडु सरकार के बारे में कार्ति चिदंबरम ने क्या कहा?
कार्ति चिदंबरम ने कहा कि तमिलनाडु की नई सरकार का मूल्यांकन उसके पहले पूर्ण बजट के बाद ही उचित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत है और वह पाँच वर्षीय कार्यकाल पूरा करने की अच्छी स्थिति में है।
राष्ट्र प्रेस
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