17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अकोला में प्रतिबंधित गुटखा फैक्ट्री पर महाराष्ट्र एफडीए का छापा, ₹1.23 करोड़ का माल जब्त; मुख्य आरोपी फरार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अकोला में प्रतिबंधित गुटखा फैक्ट्री पर महाराष्ट्र एफडीए का छापा, ₹1.23 करोड़ का माल जब्त; मुख्य आरोपी फरार

सारांश

महाराष्ट्र एफडीए ने अकोला के एमआईडीसी में एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया जहाँ कई ब्रांडों के प्रतिबंधित गुटखा और पान मसाले बनाए जा रहे थे। ₹1.23 करोड़ का माल जब्त, तीन गिरफ्तार — लेकिन मुख्य आरोपी गौरव शर्मा अभी भी फरार है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र एफडीए ने 16 जुलाई को अकोला के एमआईडीसी फेज-4 में प्रतिबंधित गुटखा-पान मसाला फैक्ट्री पर छापा मारा।
जब्त माल की कुल कीमत ₹1.23 करोड़ ; इसमें तैयार उत्पाद, कच्चा माल, मशीनरी और पैकेजिंग सामग्री शामिल।
फैक्ट्री मेसर्स महाकाया ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत थी।
तीन आरोपी — अक्षय घसीटा यादव, राहुल करांसी यादव और रोहित राजेश दुर्वे — मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से हैं।
मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा फरार; एमआईडीसी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 16 जुलाई को अकोला के एमआईडीसी फेज-4 स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर ₹1.23 करोड़ मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया। मेसर्स महाकाया ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत इस परिसर में गुटखा, पान मसाला, सुगंधित तंबाकू और सुगंधित सुपारी का अवैध निर्माण हो रहा था। मामले का मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा फिलहाल फरार बताया जा रहा है।

छापेमारी का विवरण

एफडीए अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के निर्देश पर प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। एफडीए की टीम ने प्लॉट नंबर एएन-71, एमआईडीसी फेज-4, अकोला में पहुँचकर परिसर का निरीक्षण किया। जाँच में सामने आया कि यहाँ एक साथ कई ब्रांडों के प्रतिबंधित उत्पादों का उत्पादन चल रहा था।

बरामद सामग्री में तैयार प्रतिबंधित उत्पादों के अलावा पान मसाला निर्माण में काम आने वाला कच्चा माल, उत्पादन मशीनें और पैकेजिंग सामग्री भी शामिल है। जब्त किए गए कुल माल की अनुमानित कीमत ₹1.23 करोड़ आँकी गई है।

आरोपी कौन हैं

इस मामले में तीन युवक हिरासत में आए हैं — मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी अक्षय घसीटा यादव (19 वर्ष), सिवनी निवासी राहुल करांसी यादव (19 वर्ष) और बैतूल निवासी रोहित राजेश दुर्वे (17 वर्ष)। तीनों मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हैं, जो इस नेटवर्क के अंतर्राज्यीय स्वरूप की ओर संकेत करता है।

मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा फरार है और उसकी तलाश जारी है। भूमि स्वामी के रूप में पद्मिनी हिम्मत शिरेकर को भी मामले में शामिल किया गया है।

कानूनी कार्रवाई

एफडीए अधिकारियों ने बताया कि अकोला के एमआईडीसी पुलिस थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाले पर प्रतिबंध वर्षों से लागू है, फिर भी ऐसी अवैध इकाइयाँ सक्रिय रहती हैं।

अभियान आगे भी जारी रहेगा

एफडीए ने स्पष्ट किया है कि राज्य में प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब स्वास्थ्य विशेषज्ञ तंबाकू उत्पादों की अवैध आपूर्ति शृंखला पर लगातार चिंता जता रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि 'महाकाया ग्रीन एनर्जी' जैसा नाम रखकर एक गुटखा फैक्ट्री एमआईडीसी जैसे नियमित औद्योगिक क्षेत्र में कितने समय से चल रही थी और नियामक निगरानी कहाँ थी। मुख्य आरोपी का फरार होना यह भी दर्शाता है कि ऑपरेशन को पहले से भनक लग गई थी। महाराष्ट्र में गुटखा प्रतिबंध वर्षों पुराना है, फिर भी ऐसी इकाइयाँ बार-बार सामने आती हैं — जो यह संकेत देती हैं कि केवल छापेमारी पर्याप्त नहीं, आपूर्ति शृंखला और वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना ज़रूरी है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र एफडीए ने अकोला में क्या कार्रवाई की?
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने 16 जुलाई को अकोला के एमआईडीसी फेज-4 में मेसर्स महाकाया ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री पर छापा मारकर ₹1.23 करोड़ मूल्य का प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू जब्त किया। तीन आरोपी पकड़े गए और मुख्य आरोपी फरार है।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और मुख्य आरोपी कौन है?
तीन युवक — अक्षय घसीटा यादव (19), राहुल करांसी यादव (19) और रोहित राजेश दुर्वे (17) — पकड़े गए, जो मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, सिवनी और बैतूल के निवासी हैं। मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा फरार है और उसकी तलाश जारी है।
जब्त माल में क्या-क्या शामिल था?
जब्त सामग्री में तैयार प्रतिबंधित उत्पाद (गुटखा, पान मसाला, सुगंधित तंबाकू, सुगंधित सुपारी), कच्चा माल, उत्पादन मशीनें और पैकेजिंग सामग्री शामिल हैं। इन सबकी कुल अनुमानित कीमत ₹1.23 करोड़ बताई गई है।
आरोपियों पर कौन-से कानून के तहत कार्रवाई होगी?
आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। अकोला के एमआईडीसी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
क्या महाराष्ट्र में गुटखा और पान मसाला प्रतिबंधित है?
हाँ, महाराष्ट्र में तंबाकू युक्त पान मसाला और गुटखा पर प्रतिबंध वर्षों से लागू है। एफडीए ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले