अकोला में प्रतिबंधित गुटखा फैक्ट्री पर महाराष्ट्र एफडीए का छापा, ₹1.23 करोड़ का माल जब्त; मुख्य आरोपी फरार
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने 16 जुलाई को अकोला के एमआईडीसी फेज-4 स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर ₹1.23 करोड़ मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया। मेसर्स महाकाया ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत इस परिसर में गुटखा, पान मसाला, सुगंधित तंबाकू और सुगंधित सुपारी का अवैध निर्माण हो रहा था। मामले का मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
छापेमारी का विवरण
एफडीए अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा आयुक्त, महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के निर्देश पर प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। एफडीए की टीम ने प्लॉट नंबर एएन-71, एमआईडीसी फेज-4, अकोला में पहुँचकर परिसर का निरीक्षण किया। जाँच में सामने आया कि यहाँ एक साथ कई ब्रांडों के प्रतिबंधित उत्पादों का उत्पादन चल रहा था।
बरामद सामग्री में तैयार प्रतिबंधित उत्पादों के अलावा पान मसाला निर्माण में काम आने वाला कच्चा माल, उत्पादन मशीनें और पैकेजिंग सामग्री भी शामिल है। जब्त किए गए कुल माल की अनुमानित कीमत ₹1.23 करोड़ आँकी गई है।
आरोपी कौन हैं
इस मामले में तीन युवक हिरासत में आए हैं — मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा निवासी अक्षय घसीटा यादव (19 वर्ष), सिवनी निवासी राहुल करांसी यादव (19 वर्ष) और बैतूल निवासी रोहित राजेश दुर्वे (17 वर्ष)। तीनों मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हैं, जो इस नेटवर्क के अंतर्राज्यीय स्वरूप की ओर संकेत करता है।
मुख्य आरोपी गौरव अशोक शर्मा फरार है और उसकी तलाश जारी है। भूमि स्वामी के रूप में पद्मिनी हिम्मत शिरेकर को भी मामले में शामिल किया गया है।
कानूनी कार्रवाई
एफडीए अधिकारियों ने बताया कि अकोला के एमआईडीसी पुलिस थाने में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाले पर प्रतिबंध वर्षों से लागू है, फिर भी ऐसी अवैध इकाइयाँ सक्रिय रहती हैं।
अभियान आगे भी जारी रहेगा
एफडीए ने स्पष्ट किया है कि राज्य में प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान निरंतर चलता रहेगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब स्वास्थ्य विशेषज्ञ तंबाकू उत्पादों की अवैध आपूर्ति शृंखला पर लगातार चिंता जता रहे हैं।