देवास पटाखा विस्फोट: फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर NSA, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए जोरदार विस्फोट के बाद जिला प्रशासन ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगा दिया है। इस धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 15 से अधिक मजदूर घायल हो गए थे। मालवीय को गिरफ्तार कर लिया गया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
देवास के जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट में पटाखा बनाने के लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और विस्फोटक नियमों के तहत निर्धारित सुरक्षा शर्तों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा, 'पुलिस रिपोर्ट में पटाखा बनाने के लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और विस्फोटक नियम के तहत तय सुरक्षा शर्तों के उल्लंघन का जिक्र किया गया था। इन नतीजों के आधार पर NSA के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।'
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री से जुड़े तीन ठेकेदारों समेत चार लोगों के खिलाफ अलग से मामले भी तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या विस्फोटक सामग्री को संभालने में लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण यह धमाका हुआ।
न्यायिक जांच के आदेश
उज्जैन के संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, ताकि विस्फोट की सटीक वजह का पता लगाया जा सके और सुरक्षा नियमों के पालन में किसी चूक की पहचान की जा सके। उज्जैन के अतिरिक्त कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी नमिता तिवारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 'जांच टीम को एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। यह जांच धमाके की वजह का पता लगाएगी, विस्फोटक नियम और राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के पालन की पुष्टि करेगी, और फैक्ट्री चलाने के लिए जारी किए गए लाइसेंसों की जांच करेगी।'
सरकार की प्रतिक्रिया
उप-मुख्यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने विस्फोट स्थल का दौरा किया और अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने देवास जिला अस्पताल और अमलतास अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से मुलाकात की।
देवड़ा ने कहा, 'राज्य सरकार इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। घायलों को हर संभव सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम जनता और मजदूरों पर असर
गौरतलब है कि प्रशासन ने जिले में चल रही अन्य पटाखा निर्माण इकाइयों में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि टोंककला विस्फोट को एक पृथक घटना नहीं, बल्कि व्यापक नियामक चूक के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में अवैध पटाखा इकाइयों से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है।
क्या होगा आगे
जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। NSA के तहत हिरासत में लिए गए अनिल मालवीय को बिना मुकदमे के 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। चार अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप-पत्र तैयार किए जा रहे हैं। जिले की शेष पटाखा इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट भी शीघ्र किए जाने की संभावना है।