देवास पटाखा विस्फोट: फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर NSA, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

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देवास पटाखा विस्फोट: फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर NSA, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

सारांश

देवास के टोंककला गांव में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने 3 जानें लीं और 15 से अधिक को घायल किया। अब फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर NSA लगा दिया गया है, फैक्ट्री सील है और मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया गया है — जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में अपेक्षित है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला गांव की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से 3 लोगों की मौत और 15 से अधिक घायल।
फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाया गया; फैक्ट्री सील।
उज्जैन संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए; रिपोर्ट एक सप्ताह में अपेक्षित।
जांच अधिकारी: अतिरिक्त कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर और नमिता तिवारी ।
तीन ठेकेदारों समेत चार लोगों के खिलाफ अलग से मामले तैयार किए जा रहे हैं।
उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया; घायलों को पूरी सहायता का आश्वासन।

मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला गांव में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में हुए जोरदार विस्फोट के बाद जिला प्रशासन ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगा दिया है। इस धमाके में तीन लोगों की मौत हो गई थी और 15 से अधिक मजदूर घायल हो गए थे। मालवीय को गिरफ्तार कर लिया गया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

देवास के जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने बताया कि पुलिस रिपोर्ट में पटाखा बनाने के लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और विस्फोटक नियमों के तहत निर्धारित सुरक्षा शर्तों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा, 'पुलिस रिपोर्ट में पटाखा बनाने के लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और विस्फोटक नियम के तहत तय सुरक्षा शर्तों के उल्लंघन का जिक्र किया गया था। इन नतीजों के आधार पर NSA के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।'

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री से जुड़े तीन ठेकेदारों समेत चार लोगों के खिलाफ अलग से मामले भी तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या विस्फोटक सामग्री को संभालने में लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण यह धमाका हुआ।

न्यायिक जांच के आदेश

उज्जैन के संभागीय आयुक्त आशीष सिंह ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं, ताकि विस्फोट की सटीक वजह का पता लगाया जा सके और सुरक्षा नियमों के पालन में किसी चूक की पहचान की जा सके। उज्जैन के अतिरिक्त कलेक्टर अतेन्द्र सिंह गुर्जर और औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी नमिता तिवारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 'जांच टीम को एक हफ्ते के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है। यह जांच धमाके की वजह का पता लगाएगी, विस्फोटक नियम और राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के पालन की पुष्टि करेगी, और फैक्ट्री चलाने के लिए जारी किए गए लाइसेंसों की जांच करेगी।'

सरकार की प्रतिक्रिया

उप-मुख्यमंत्री एवं देवास जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने विस्फोट स्थल का दौरा किया और अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने देवास जिला अस्पताल और अमलतास अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से मुलाकात की।

देवड़ा ने कहा, 'राज्य सरकार इस मुश्किल समय में प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। घायलों को हर संभव सहायता और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता और मजदूरों पर असर

गौरतलब है कि प्रशासन ने जिले में चल रही अन्य पटाखा निर्माण इकाइयों में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। यह कदम इस बात का संकेत है कि टोंककला विस्फोट को एक पृथक घटना नहीं, बल्कि व्यापक नियामक चूक के रूप में देखा जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में अवैध पटाखा इकाइयों से जुड़ी दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ रही है।

क्या होगा आगे

जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। NSA के तहत हिरासत में लिए गए अनिल मालवीय को बिना मुकदमे के 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। चार अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप-पत्र तैयार किए जा रहे हैं। जिले की शेष पटाखा इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट भी शीघ्र किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जानबूझकर की गई नियामक अवज्ञा मान रहा है। असली सवाल यह है कि लाइसेंस जारी करने वाले विभाग ने इतने लंबे समय तक सुरक्षा उल्लंघनों को नजरअंदाज कैसे किया। देश में पटाखा इकाइयों से जुड़ी दुर्घटनाओं का एक लंबा इतिहास है जिसमें जांच तो होती है पर जवाबदेही तय नहीं होती। एक सप्ताह की जांच समयसीमा कड़ी है — देखना होगा कि रिपोर्ट केवल मालिक तक सीमित रहती है या लाइसेंसिंग तंत्र की विफलताओं को भी उजागर करती है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में क्या हुआ?
मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला गांव स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 15 से अधिक मजदूर घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार विस्फोटक सामग्री को संभालने में लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच की जा रही है।
अनिल मालवीय पर NSA क्यों लगाया गया?
पुलिस रिपोर्ट में पटाखा बनाने के लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और विस्फोटक नियमों के तहत सुरक्षा शर्तों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया था। इन्हीं निष्कर्षों के आधार पर जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की।
मजिस्ट्रेट जांच में क्या देखा जाएगा?
जांच टीम विस्फोट की सटीक वजह, विस्फोटक नियम और राष्ट्रीय भवन संहिता-2016 के पालन, तथा फैक्ट्री के लाइसेंसों की जांच करेगी। जांच अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इस मामले में और कितने लोगों पर कार्रवाई होगी?
फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय के अलावा तीन ठेकेदारों समेत कुल चार लोगों के खिलाफ अलग से मामले तैयार किए जा रहे हैं। जांच में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने दिया है।
घायल मजदूरों के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने देवास जिला अस्पताल और अमलतास अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की और हर संभव चिकित्सा सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासन जिले की अन्य पटाखा इकाइयों में भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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