देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: 2 मजदूरों की मौत, 12 से अधिक घायल; CM मोहन यादव ने दिए जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार, 14 मई को सुबह साढ़े 11 बजे भीषण विस्फोट हो गया, जिसमें दो मजदूरों की मौत हो गई और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।
मुख्य घटनाक्रम
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की पूरी इमारत हिल गई और आसपास के इलाकों में धुएं का गुबार छा गया। फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूरों में भगदड़ मच गई और आसपास के निवासी दहशत में आ गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि घायलों को देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
गंभीर रूप से घायल मजदूरों को बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस हादसे को 'हृदय विदारक' बताते हुए कहा कि उन्होंने जिले के प्रभारी एवं उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर तत्काल पहुँचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की उच्चस्तरीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
पीड़ितों को मुआवजा
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है। इसके अलावा सभी घायलों का निःशुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने सांत्वना संदेश में बाबा महाकाल से दिवंगतों की आत्मशांति, शोकाकुल परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की।
आम जनता पर असर
यह हादसा ऐसे समय में आया है जब पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। टोंककला क्षेत्र के स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है। गौरतलब है कि देश में पटाखा फैक्ट्रियों में विस्फोट की यह कोई पहली घटना नहीं है — इससे पहले भी कई राज्यों में ऐसे हादसे श्रमिकों की जान ले चुके हैं।
क्या होगा आगे
जांच दल के घटनास्थल पर पहुँचने के बाद विस्फोट के कारणों की पड़ताल शुरू होगी। प्रशासन के अनुसार फैक्ट्री के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जाएगी। घायलों की स्थिति पर नज़र रखी जा रही है और मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।