नासिक क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन: 30 किलो गांजा जब्त, 5 तस्कर गिरफ्तार; ₹12 लाख से अधिक का माल बरामद

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नासिक क्राइम ब्रांच का बड़ा ऑपरेशन: 30 किलो गांजा जब्त, 5 तस्कर गिरफ्तार; ₹12 लाख से अधिक का माल बरामद

सारांश

नासिक पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड ने व्हाट्सएप टिप पर कार्रवाई करते हुए मुंबई-आगरा हाईवे पर 30 किलो गांजा जब्त किया और मुंबई व धुले तक जाँच फैलाकर पाँच तस्करों को दबोचा। ₹12 लाख से अधिक का माल बरामद, एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज।

मुख्य बातें

नासिक एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड और क्राइम ब्रांच ने 20 मई 2026 को संयुक्त अभियान में 30 किलो गांजा जब्त किया।
जब्त मादक पदार्थ की कीमत ₹6 लाख 1 हजार 760 रुपए ; वाहन समेत कुल बरामदगी ₹12 लाख 1 हजार 760 रुपए ।
पहली गिरफ्तारी अडगांव शिवार (मुंबई-आगरा महामार्ग) पर; बाद में मुंबई के गोवंडी, चेंबूर और शिरपुर (धुले) से चार और आरोपी पकड़े गए।
सभी पाँच आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 8(बी), 20(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज।
अदालत ने सभी को सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेजा; आगे की जाँच जारी।

नासिक शहर पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड और क्राइम ब्रांच ने 20 मई 2026 को संयुक्त अभियान चलाते हुए 30 किलो गांजा जब्त किया और पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त मादक पदार्थ और वाहन समेत कुल ₹12 लाख 1 हजार 760 रुपए की सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई नागरिकों के लिए शुरू की गई व्हाट्सएप सूचना प्रणाली पर मिली एक टिप के आधार पर की गई।

कैसे मिली सूचना और कैसे बिछाया जाल

पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाई जा रही नागरिक-सूचना व्हाट्सएप सेवा पर एक सूचना मिली, जिसमें बताया गया था कि एक व्यक्ति होंडा सिटी कार से मुंबई-आगरा राष्ट्रीय महामार्ग के रास्ते गांजा ले जा रहा है। इस जानकारी के आधार पर एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड की अधिकारी सुशीला कोल्हे के नेतृत्व में टीम ने अडगांव शिवार में आगरा-मुंबई महामार्ग पर घेरा डाला।

संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली, जिसमें गाड़ी की डिक्की में खाकी रंग के टेप से पैक किए गए तीन बंडलों में 30 किलो गांजा मिला।

पहली गिरफ्तारी और जब्ती का ब्यौरा

मौके पर अरबान शकील खान मनियार (उम्र 26, निवासी शिरपुर, जिला धुले) को हिरासत में लिया गया। जब्त गांजे की कीमत ₹6 लाख 1 हजार 760 रुपए आँकी गई है, जबकि बरामद वाहन की कीमत करीब ₹6 लाख रुपए बताई गई है।

मुंबई और धुले तक फैली जाँच, चार और गिरफ्तार

प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच की दो अलग टीमों ने जाँच आगे बढ़ाई। मुंबई के गोवंडी और चेंबूर क्षेत्रों से तौसीफ रहमत खान (उम्र 52) और अमन शौकत शेख (उम्र 24) को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा शिरपुर, जिला धुले से विजय वाला पवारा (उम्र 35) को भी हिरासत में लिया गया। इस तरह कुल पाँच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए।

कानूनी कार्रवाई और अदालती आदेश

सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 8(बी), 20(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत में पेश किए जाने पर सभी को सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। आगे की जाँच एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड द्वारा जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन

यह पूरा अभियान पुलिस उपायुक्त (अपराध) और सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। गौरतलब है कि नासिक पुलिस की व्हाट्सएप-आधारित नागरिक-सूचना प्रणाली इस ऑपरेशन की नींव बनी, जो सामुदायिक भागीदारी से नशा-तस्करी रोकने की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में जाँच के दायरे के और विस्तृत होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्हाट्सएप-आधारित नागरिक-सूचना तंत्र की व्यावहारिक सफलता का प्रमाण है — एक मॉडल जिसे अन्य शहरों में भी अपनाया जा सकता है। हालाँकि, तस्करी का नेटवर्क मुंबई के गोवंडी-चेंबूर से लेकर धुले के शिरपुर तक फैला मिला, जो दर्शाता है कि यह मामला स्थानीय नहीं, बल्कि अंतर-जिला आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा है। असली सवाल यह है कि गांजे की आपूर्ति कहाँ से हो रही थी और क्या यह नेटवर्क अभी भी सक्रिय है — जिसका जवाब जाँच के अगले चरण में मिलेगा।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक क्राइम ब्रांच ने कितना गांजा जब्त किया और कब?
नासिक एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड और क्राइम ब्रांच ने 20 मई 2026 को संयुक्त कार्रवाई में 30 किलो गांजा जब्त किया। जब्त मादक पदार्थ और वाहन समेत कुल ₹12 लाख 1 हजार 760 रुपए की सामग्री बरामद हुई।
इस ऑपरेशन में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया और वे कौन हैं?
कुल पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया — अरबान शकील खान मनियार (शिरपुर, धुले), तौसीफ रहमत खान और अमन शौकत शेख (मुंबई के गोवंडी-चेंबूर), तथा विजय वाला पवारा (शिरपुर, धुले)। सभी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस को इस तस्करी की सूचना कैसे मिली?
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाई जा रही व्हाट्सएप नागरिक-सूचना सेवा पर एक टिप मिली, जिसमें बताया गया कि एक व्यक्ति होंडा सिटी कार से मुंबई-आगरा राष्ट्रीय महामार्ग से गांजा ले जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर अडगांव शिवार में जाल बिछाया गया।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं और उनकी हिरासत कब तक है?
सभी आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 8(बी), 20(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उन्हें सोमवार तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
क्या नासिक में ड्रग तस्करी की यह कोई बड़ी घटना है?
यह मामला इसलिए उल्लेखनीय है क्योंकि तस्करी का नेटवर्क मुंबई के गोवंडी-चेंबूर से लेकर धुले के शिरपुर तक फैला पाया गया, जो अंतर-जिला आपूर्ति श्रृंखला की ओर संकेत करता है। जाँच एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड द्वारा जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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