16 जुलाई 2026
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131वें संविधान संशोधन पर BJP नेता प्रतुल शाहदेव का पलटवार, चिदंबरम पर कांग्रेस की 'मौकापरस्त राजनीति' का आरोप

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131वें संविधान संशोधन पर BJP नेता प्रतुल शाहदेव का पलटवार, चिदंबरम पर कांग्रेस की 'मौकापरस्त राजनीति' का आरोप

सारांश

BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने चिदंबरम के 131वें संविधान संशोधन संबंधी बयान को 'अटकलबाज़ी' करार दिया और कांग्रेस पर तंज कसा कि जो पार्टी DMK को छोड़ TVK की गोद में बैठ गई, वही अब DMK से समर्थन की उम्मीद रखती है — यही है उनकी 'मौकापरस्त राजनीति'।

मुख्य बातें

BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने 16 जुलाई को पी.
चिदंबरम के 131वें संविधान संशोधन संबंधी बयान को अटकलें बताकर खारिज किया।
शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक 131वें संविधान संशोधन विधेयक लाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
चिदंबरम ने 15 जुलाई को एक्स पर आरोप लगाया था कि BJP मानसून सत्र में यह विधेयक पारित कराने के लिए DMK और NCP-SP को साधने की कोशिश कर रही है।
DMK ने BJP को समर्थन देने की संभावना से साफ इनकार किया; BJP ने चिदंबरम के आरोप खारिज किए।
शाहदेव ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने सत्ता के लिए DMK को छोड़ा और अब उसी से समर्थन की उम्मीद रख रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रतुल शाहदेव ने 16 जुलाई को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें चिदंबरम ने आरोप लगाया था कि BJP 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी — शरद पवार गुट (NCP-SP) को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। शाहदेव ने कांग्रेस पर 'मौकापरस्त राजनीति' का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक केंद्र सरकार इस संशोधन की आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक इस तरह के बयान महज़ अटकलें हैं।

शाहदेव का चिदंबरम पर सीधा हमला

शाहदेव ने कहा, 'केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है कि वह 131वाँ संविधान संशोधन लाने का विचार कर रही है।' उनके अनुसार, जब तक सरकार स्वयं इसकी पुष्टि न करे, तब तक इस विषय पर बड़े-बड़े बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि चिदंबरम केवल अटकलों के आधार पर राजनीतिक बयानबाज़ी कर रहे हैं।

कांग्रेस-DMK संबंधों पर तंज

शाहदेव ने कांग्रेस और DMK के बीच के बदलते समीकरणों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लालच में DMK को छोड़ दिया और तमिलनाडु में तमिझागा वेत्री कषगम (TVK) के साथ जा बैठी। इसके जवाब में DMK ने भी कांग्रेस से दूरी बना ली और यहाँ तक कह दिया कि वे लोकसभा में भी अलग बैठेंगे। शाहदेव ने कहा, 'मौका मिलते ही सत्ता के लोभ में सहयोगियों को छोड़ देना और जब ज़रूरत पड़े तो उन्हीं से समर्थन की आशा करना — यही कांग्रेस की पुरानी फ़ितरत है।'

चिदंबरम ने क्या कहा था

15 जुलाई को पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया था कि BJP आगामी मानसून सत्र में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को दोबारा पेश करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक दिखावे के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की बात करता है, लेकिन इसका असली मक़सद परिसीमन और निर्वाचन क्षेत्रों के संभावित पुनर्गठन का रास्ता साफ करना है।

DMK और BJP की प्रतिक्रिया

चिदंबरम के आरोपों के बाद DMK ने BJP को समर्थन देने की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया। वहीं BJP ने भी चिदंबरम के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब संसद का मानसून सत्र नज़दीक है और परिसीमन का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

आगे क्या होगा

131वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है। जब तक केंद्र सरकार इस विधेयक को संसद में पेश करने की आधिकारिक घोषणा नहीं करती, तब तक यह बहस अटकलों और आरोप-प्रत्यारोप के दायरे में ही रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता तब तक सीमित है जब तक कोई ठोस साक्ष्य सामने न आए। दूसरी ओर, शाहदेव का कांग्रेस-DMK संबंधों पर तंज वास्तविक राजनीतिक घटनाक्रम पर आधारित है — तमिलनाडु में कांग्रेस का TVK की ओर झुकाव और DMK का लोकसभा में अलग बैठने का बयान सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। असली मुद्दा — परिसीमन और दक्षिण भारत की सीटों पर उसका असर — इस आरोप-प्रत्यारोप में दब जाता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

131वाँ संविधान संशोधन विधेयक क्या है?
131वाँ संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान करता है। आलोचकों का कहना है कि इसका क्रियान्वयन परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा है, जिससे निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन भी हो सकता है।
पी. चिदंबरम ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
पी. चिदंबरम ने 15 जुलाई को एक्स पर आरोप लगाया कि BJP आगामी मानसून सत्र में 131वाँ संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए DMK और NCP-SP को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार यह विधेयक दिखावे में महिला आरक्षण का है, लेकिन असल में परिसीमन का रास्ता साफ करने के लिए है।
BJP नेता प्रतुल शाहदेव ने चिदंबरम को क्या जवाब दिया?
शाहदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने 131वाँ संविधान संशोधन लाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए चिदंबरम के बयान महज़ अटकलें हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने खुद DMK को छोड़ा था, अब उसी से समर्थन की उम्मीद करना मौकापरस्ती है।
DMK ने BJP को समर्थन देने पर क्या कहा?
DMK ने BJP को 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर समर्थन देने की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया। DMK ने यह भी कहा था कि वे लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठेंगे।
कांग्रेस और DMK के बीच संबंध क्यों बिगड़े?
शाहदेव के अनुसार, कांग्रेस ने सत्ता में आने के लिए तमिलनाडु में DMK को छोड़कर TVK (तमिझागा वेत्री कषगम) के साथ गठजोड़ किया। इसके बाद DMK ने कांग्रेस से दूरी बना ली। यह गठबंधन राजनीति में बदलाव का एक उदाहरण है जो BJP ने कांग्रेस की 'मौकापरस्त राजनीति' को उजागर करने के लिए उद्धृत किया।
राष्ट्र प्रेस
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