16 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कच्छ में तीन मिनट में तीन भूकंप: 3.6 और 3.2 तीव्रता के झटकों से दहशत, नुकसान नहीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कच्छ में तीन मिनट में तीन भूकंप: 3.6 और 3.2 तीव्रता के झटकों से दहशत, नुकसान नहीं

सारांश

गुजरात के कच्छ में 16 जुलाई को महज तीन मिनट के भीतर तीन भूकंप के झटके आए — सबसे तेज़ 3.6 तीव्रता का। ISR के अनुसार कोई नुकसान नहीं, लेकिन यह घटना राज्य में बढ़ती भूकंपीय गतिविधियों की उस श्रृंखला की ताज़ा कड़ी है जो मार्च 2026 से जारी है।

मुख्य बातें

16 जुलाई 2026 को कच्छ जिले में दोपहर 2:20 बजे से तीन मिनट के भीतर तीन भूकंप के झटके दर्ज किए गए।
पहले झटके की तीव्रता 3.6 रिक्टर, केंद्र खावड़ा से 32 किमी उत्तर-उत्तर-पूर्व , गहराई 22.6 किमी ।
दूसरे झटके की तीव्रता 3.2 रिक्टर, केंद्र धोलावीरा से 32 किमी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम , गहराई 12.9 किमी ।
अब तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं, हालाँकि इलाके में अस्थायी दहशत रही।
मार्च-अप्रैल 2026 में भी अमरेली, राजकोट, आणंद में कई भूकंप दर्ज हो चुके हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार कच्छ, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात सक्रिय फॉल्ट लाइनों के कारण अत्यंत संवेदनशील हैं।

गुजरात के कच्छ जिले में 16 जुलाई 2026 को दोपहर कुछ ही मिनटों के अंतराल पर तीन भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (ISR), गांधीनगर के अनुसार इन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 और 3.2 दर्ज की गई। अब तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

पहला झटका दोपहर 2:20 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.6 रही। ISR के अनुसार इसका केंद्र खावड़ा से 32 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व में और गहराई 22.6 किलोमीटर थी। इसके ठीक तीन मिनट बाद 2:23 बजे दूसरा झटका 3.2 तीव्रता के साथ आया, जिसका केंद्र धोलावीरा से 32 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में 12.9 किलोमीटर की गहराई पर था। इसी स्थान के निकट एक तीसरा हल्का भूकंपीय कंपन भी दर्ज किया गया।

आम जनता पर असर

लगातार आए इन झटकों से कच्छ के आसपास के इलाकों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालाँकि, अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी प्रकार की क्षति या हताहत की सूचना नहीं मिली है।

गुजरात में भूकंपीय गतिविधियों का पैटर्न

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में हाल के महीनों में भूकंपीय गतिविधियाँ लगातार दर्ज हो रही हैं। 22 अप्रैल 2026 को आणंद और आसपास के इलाकों में 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र आणंद से 36 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। इससे पहले 21 अप्रैल को राजकोट जिले में 3.2 तीव्रता और 29 मार्च को अमरेली जिले में 3.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था — जिसका केंद्र अमरेली से करीब 42 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में 11.6 किलोमीटर की गहराई पर था।

गौरतलब है कि 28-29 मार्च के बीच अमरेली जिले के सावरकुंडला और मितियाला क्षेत्र में स्थानीय निवासियों ने 14 हल्के से मध्यम तीव्रता के झटके महसूस किए थे, जिसने इलाके में भय का वातावरण बना दिया था।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार गुजरात देश के सर्वाधिक भूकंप-संवेदनशील राज्यों में है। राज्य कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों के निकट स्थित है, जिसके कारण यहाँ समय-समय पर भूकंपीय हलचल होती रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक कच्छ, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के क्षेत्र भूकंपीय जोखिम के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। आने वाले दिनों में ISR की निगरानी टीमें इन क्षेत्रों में भूकंपीय गतिविधियों पर नज़र बनाए रखेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

राजकोट और आणंद में बार-बार सामने आ रही है। 2001 के भुज भूकंप के बाद कच्छ में बुनियादी ढाँचे को भूकंप-प्रतिरोधी बनाने के दावे तो हुए, लेकिन ग्रामीण और अर्ध-शहरी निर्माण में मानकों का पालन आज भी एक खुला सवाल है। छोटी तीव्रता के ये झटके तत्काल तबाही नहीं लाते, परंतु ये फॉल्ट लाइनों पर जमा हो रहे तनाव के संकेत हो सकते हैं — और ISR के पास इसकी निगरानी के लिए पर्याप्त संसाधन व सार्वजनिक अलर्ट प्रणाली है या नहीं, यह सवाल उठना ज़रूरी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16 जुलाई 2026 को कच्छ में कितने भूकंप आए और उनकी तीव्रता क्या थी?
16 जुलाई 2026 को कच्छ में तीन मिनट के भीतर तीन भूकंप के झटके आए। पहले झटके की तीव्रता 3.6 और दूसरे की 3.2 रिक्टर स्केल पर दर्ज की गई; तीसरा हल्का कंपन भी महसूस किया गया।
कच्छ भूकंप का केंद्र कहाँ था?
ISR, गांधीनगर के अनुसार पहले झटके का केंद्र खावड़ा से 32 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व में 22.6 किमी की गहराई पर था। दूसरे झटके का केंद्र धोलावीरा से 32 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में 12.9 किमी की गहराई पर था।
क्या कच्छ भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। झटकों से इलाके में कुछ देर के लिए दहशत ज़रूर रही, लेकिन कोई हताहत या संपत्ति क्षति की सूचना नहीं है।
गुजरात में हाल के महीनों में भूकंप क्यों बार-बार आ रहे हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार गुजरात कई सक्रिय फॉल्ट लाइनों के निकट स्थित है, जिससे यह देश के सर्वाधिक भूकंप-संवेदनशील राज्यों में आता है। मार्च-अप्रैल 2026 में अमरेली, राजकोट और आणंद में भी कई झटके दर्ज हो चुके हैं।
कच्छ में पिछली बार बड़ा भूकंप कब आया था?
कच्छ में सबसे विनाशकारी भूकंप 26 जनवरी 2001 को आया था, जिसकी तीव्रता 7.7 थी और जिसमें हज़ारों लोगों की जान गई थी। उसके बाद से कच्छ क्षेत्र में छोटे-मध्यम भूकंपीय झटके समय-समय पर आते रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले