मणिपुर में भूकंप के झटके: रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.2 दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मंगलवार सुबह 5:59 बजे, म्यांमार-भारत सीमा क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.2 रही। गांधीनगर स्थित भूकंपीय अनुसंधान संस्थान ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भूकंप की गहराई 84 किलोमीटर थी।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) ने बताया कि मणिपुर में भी 5.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसके साथ ही नगालैंड, असम और मेघालय में भी भूकंप के झटके अनुभव किए गए। एनसीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र कामजोंग में था।
इससे पहले, 18 अप्रैल को कश्मीर की घाटी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस दिन रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 5.3 रही, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत में था। लोगों ने घरों में पंखे और अन्य वस्तुएं हिलती हुई देखी और वे बाहर निकल आए, लेकिन किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं थी।
आपदा प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार, 18 अप्रैल को सुबह 8:24 बजे रिक्टर स्केल पर 5.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 190 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप विज्ञान के अनुसार, कश्मीर घाटी भूकंप की आशंका वाले क्षेत्र में है।
14 अप्रैल को भी जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, लेकिन किसी भी स्थान पर नुकसान की खबर नहीं मिली। जानकारी के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर दिया था।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, 14 अप्रैल की सुबह 4:55 बजे डोडा जिले की भदेरवाह घाटी और आसपास के क्षेत्रों में रिक्टर स्केल पर 2.9 तीव्रता का भूकंप आया।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भी 14 अप्रैल को सुबह 7:07 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसकी तीव्रता 3.4 थी। जिला प्रशासन ने स्थिति की जानकारी मिलते ही निरीक्षण के लिए भूकंप केंद्र पहुंचा।
11 अप्रैल को महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में हिंगोली जिले के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई थी। पड़ोसी जिलों नांदेड़ और परभणी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।