अफगानिस्तान में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर मापी गई तीव्रता 5.4
सारांश
Key Takeaways
- भूकंप का केंद्र ३६.९३ डिग्री उत्तरी अक्षांश पर था।
- तेज झटकों से लोग भयभीत हो गए।
- पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके अनुभव किए गए।
- अफगानिस्तान भूकंप के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र है।
- किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
काबुल, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भूकंप के तीव्र झटके महसूस किए गए हैं। बुधवार को आए इस भूकंप की तीव्रता जर्मनी की भूविज्ञान अनुसंधान केंद्र द्वारा ५.४ मापी गई है, जबकि कुछ स्थानों पर इसे ५.७ भी बताया गया है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने पुष्टि की है कि अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में ५.६ तीव्रता का भूकंप आया। स्थानीय समयानुसार बुधवार को ४ बजकर ४२ मिनट पर भूकंप के तेज झटके से लोग भयभीत हो गए।
भूकंप का केंद्र (एपिसेंटर) ३६.९३ डिग्री उत्तरी अक्षांश और ७१.६१ डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था, जबकि इसका हाइपोसेंटर जमीन की सतह से ९०.२ किलोमीटर की गहराई पर दर्ज किया गया।
भूकंप के झटके पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी महसूस किए गए। पाकिस्तान के भूवैज्ञानिक विभाग के अनुसार, झटके इस्लामाबाद, स्वात, पेशावर, चित्राल और अन्य शहरों में भी अनुभव किए गए।
प्रभावित क्षेत्रों में निवासियों ने तेज झटकों की सूचना दी, जिसके कारण कई लोगों को अपने घर और कार्यालय खाली करने पड़े और वे सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। अब तक किसी प्रकार के नुकसान या हताहत होने की कोई सूचना नहीं आई है।
२० फरवरी को भी अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में ५.८ तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने काबुल और अन्य प्रांतों को हिलाकर रख दिया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, उस भूकंप का केंद्र पंजशीर प्रांत की राजधानी बाजारक से लगभग ३८ किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था, जो ९० किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।
पिछले साल नवंबर में आए एक भूकंप ने अफगानिस्तान में भारी तबाही मचाई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। अफगानिस्तान भूकंप के लिए एक संवेदनशील क्षेत्र रहा है। ३१ अगस्त २०२५ को पाकिस्तान सीमा के पास पूर्वी अफगानिस्तान में आए ६.० तीव्रता के भूकंप में २ हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी। इससे पहले ७ अक्टूबर २०२३ को आए ६.३ तीव्रता के भूकंप और उसके बाद के झटकों में ४ हजार से अधिक लोगों की मृत्यु हुई थी, जिसकी पुष्टि तालिबान शासन ने स्वयं की थी।