हुमायूं कबीर ने टीएमसी के वीडियो को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर की याचिका
सारांश
Key Takeaways
- हुमायूं कबीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
- वीडियो क्लिप में अल्पसंख्यक वोटों को भाजपा के पक्ष में बांटने की बात की गई है।
- कबीर ने वीडियो को फर्जी करार दिया है।
- भाजपा ने आरोपों को खारिज किया है।
- याचिका की सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
कोलकाता, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने टीएमसी द्वारा जारी किए गए अपने वीडियो क्लिप की जांच की मांग की है। हाल ही में, कबीर ने अपना अलग राजनीतिक दल स्थापित किया है और वह विधानसभा चुनाव में भाग ले रहे हैं।
इस वीडियो क्लिप में, कबीर को एक अज्ञात व्यक्ति से बातचीत करते हुए दिखाया गया है, जिसमें वह आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक वोटों को भाजपा के पक्ष में विभाजित करने के लिए 1000 करोड़ रुपए की डील की चर्चा कर रहे थे।
कबीर ने इस वीडियो को फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से निर्मित करार देते हुए आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस ने जानबूझकर इसे उनके खिलाफ चुनाव से पहले जारी किया है।
कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ में दायर याचिका में कबीर ने इस वीडियो को बनाने और प्रसारित करने वालों की पहचान कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
यह याचिका स्वीकार कर ली गई है और इसे 22 अप्रैल को सुनवाई के लिए लाने की संभावना है।
मीडिया से बातचीत में कबीर ने कहा, "हम इन सभी साजिशकर्ताओं को सबक सिखाएंगे और बताएंगे कि इस तरह की राजनीतिक साजिश के कानूनी परिणाम क्या होते हैं। हमारे वकील इस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।"
इस वीडियो के कारण कबीर को राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ा है, क्योंकि असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए कबीर और उनकी पार्टी के साथ पहले घोषित गठबंधन से खुद को अलग कर लिया है।
वहीं भाजपा ने भी तृणमूल कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनका कबीर के साथ कोई गुप्त समझौता नहीं है। भाजपा नेता ने यह भी दावा किया कि पार्टी कभी भी ऐसे व्यक्ति के साथ समझौता नहीं करेगी जो मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद जैसी संरचना बनाने की बात करता है।