हुमायूं कबीर ने टीएमसी और एआईएमआईएम पर 20 करोड़ रुपए की सौदेबाजी का लगाया आरोप
सारांश
Key Takeaways
- हुमायूं कबीर ने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- टीएमसी और एआईएमआईएम के बीच 20 करोड़ रुपए की डील का आरोप।
- फर्जी वीडियो के चलते गठबंधन टूटने की संभावना।
कोलकाता, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विवादास्पद वीडियो के प्रकाश में आने के बाद, हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने एआईएमआईएम के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है। इस विवाद के बीच, एजेयूपी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने तृणमूल कांग्रेस पर उनके खिलाफ 'डील' करने का आरोप लगाया।
हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले आम जनता उन्नयन पार्टी को बदनाम करने के लिए तृणमूल ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर एक 'फर्जी वीडियो' जारी किया है। उन्होंने इस मामले को न्यायालय में ले जाने की भी चेतावनी दी। शनिवार को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुमायूं ने टीएमसी और एआईएमआईएम के नेतृत्व को निशाने पर लिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने एआईएमआईएम के कुछ नेताओं के साथ मिलकर विशाल मात्रा में पैसे का लेन-देन किया है। भरतपुर से निवर्तमान विधायक ने कहा कि जो वीडियो सामने आया है, जिसने राज्य की राजनीति में हलचल मचाई है, वह सत्य नहीं है।
गठबंधन टूटने के लिए एआईएमआईएम के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष इमरान सोलंकी और मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्ष असदुल शेख को जिम्मेदार ठहराते हुए हुमायूं ने कहा कि जंगीपुर से तृणमूल सांसद खलीलुर रहमान और तृणमूल के एक प्रतिनिधि ने एआईएमआईएम के दो नेताओं के साथ २० करोड़ रुपए की 'डील' की थी। उन्हें पहले ही २ करोड़ रुपए का 'एडवांस' मिल चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके वीडियो की सच्चाई को बिना जांचे, एआईएमआईएम नेताओं ने तृणमूल नेताओं से पैसे लिए और इसे असदुद्दीन ओवैसी के पास भेज दिया, और इसी कारण यह गठबंधन समाप्त हुआ।
एआईएमआईएम के मुर्शिदाबाद जिला अध्यक्ष असदुल ने हुमायूं के आरोपों को नकार दिया है। हाल ही में उन्होंने अपने पुराने सहयोगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर का सोचने का तरीका सही नहीं है। जब तक वह यह साबित नहीं करते कि यह वीडियो 'फर्जी' है, तब तक एआईएमआईएम उनके साथ नहीं रह सकती। वीडियो के प्रकाश में आने के बाद हमने असदुद्दीन ओवैसी को एक रिपोर्ट भेजी थी। उसी के आधार पर हमारी पार्टी ने गठबंधन समाप्त करने का निर्णय लिया है।