CWG 2026: बिंद्यारानी देवी ने 199 किग्रा उठाकर जीता ब्रॉन्ज, राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं — 'देश का मान बढ़ाया'
सारांश
मुख्य बातें
मणिपुर की वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम ने 28 जुलाई 2026 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं की 58 किग्रा वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत की पदक तालिका में एक और नाम जोड़ा। उन्होंने कुल 199 किग्रा वजन उठाया — स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा — और वेटलिफ्टिंग में भारत का पाँचवाँ पदक सुनिश्चित किया।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर बिंद्यारानी को बधाई देते हुए लिखा, 'आपके जज्बे और दृढ़ संकल्प ने देश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि देश भर के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करती है।' उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भी बधाई दी और कहा कि 'आपकी ताकत, हिम्मत और बेहतरीन प्रदर्शन की अटूट लगन ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को एक और गर्व का पल दिलाया है।'
केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एक्स पर लिखा, 'जज्बा, पकड़ और कामयाबी। महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने और वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए पाँचवाँ मेडल पक्का करने पर बिंद्यारानी देवी को बहुत-बहुत बधाई।' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर लिखा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के 58 किग्रा वेटलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर आपने हमें गौरवान्वित किया है।'
प्रतियोगिता का पूरा परिणाम
इस इवेंट में नाइजीरिया की राफियातू फोलाशादे लावल ने कुल 229 किग्रा (स्नैच 103 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 126 किग्रा) वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। कनाडा की एन सोफी टैशरेउ ने कुल 215 किग्रा (स्नैच 94 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 121 किग्रा) के साथ सिल्वर पर कब्जा किया। बिंद्यारानी 30 किग्रा के अंतर से गोल्ड विजेता से पीछे रहीं।
बिंद्यारानी का सफर और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि बिंद्यारानी देवी ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में 55 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था। यह उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक है, जो दर्शाता है कि मणिपुर की यह खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की वेटलिफ्टिंग की धुरी बनती जा रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ग्लासगो में वेटलिफ्टिंग में अपना दबदबा कायम रखने में सफल रहा है।
आगे की राह
बिंद्यारानी की यह उपलब्धि उन्हें आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए एक प्रबल दावेदार के रूप में स्थापित करती है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि 58 किग्रा वर्ग में उनके प्रदर्शन में निरंतरता उन्हें ओलंपिक चक्र में भी भारत की प्रमुख उम्मीद बनाए रखेगी।