बिंद्यारानी देवी ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जीता ब्रॉन्ज, 2028 ओलंपिक के लिए 53 किग्रा में उतरने का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
भारत की स्टार वेटलिफ्टर बिंद्यारानी देवी सोरोखाइबम ने 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं की 58 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। मणिपुर की इस खिलाड़ी ने कुल 199 किग्रा वजन उठाया — स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा — और तीसरा स्थान हासिल किया। यह उनका लगातार दूसरा कॉमनवेल्थ पदक है; इससे पहले उन्होंने बर्मिंघम 2022 में 55 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता था।
स्पर्धा का स्कोरकार्ड
गोल्ड मेडल नाइजीरिया की राफियातू फोलाशादे लावल ने जीता, जिन्होंने कुल 229 किग्रा (स्नैच 103 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 126 किग्रा) वजन उठाया। कनाडा की एन सोफी ताशेरो ने कुल 215 किग्रा (स्नैच 94 किग्रा + क्लीन एंड जर्क 121 किग्रा) के साथ सिल्वर पर कब्जा किया। बिंद्यारानी के एक लिफ्ट में चूकने से उनका कुल योग प्रभावित हुआ, जिससे वे शीर्ष दो से पीछे रह गईं।
बिंद्यारानी का ओलंपिक रोडमैप
मेडल जीतने के बाद बिंद्यारानी देवी ने कहा, 'ये मेरा दूसरा कॉमनवेल्थ गेम्स है, जिसमें मैंने मेडल जीता है। मेडल जीतकर मुझे काफी अच्छा लग रहा है। आगामी एशियन गेम्स में भी मेडल जीतने की कोशिश करूंगी।' उन्होंने अपनी भार-वर्ग रणनीति भी स्पष्ट की: 'पहले 55 किग्रा कैटेगरी ओलंपिक में नहीं थी, जिसकी वजह से मैंने 58 किग्रा वर्ग में खेलना शुरू किया। उसके बाद 55 किग्रा ओलंपिक में शामिल हो गया। मैं एशियन गेम्स तक 58 किग्रा वर्ग में खेलूंगी, जिसके बाद 53 किग्रा वर्ग में लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की तैयारी करूंगी।'
भारतीय वेटलिफ्टिंग दल का प्रदर्शन
ग्लासगो में भारतीय वेटलिफ्टरों ने कुल मिलाकर शानदार प्रदर्शन किया। मीराबाई चानू ने 48 किग्रा भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का परचम बुलंद किया। ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किग्रा स्पर्धा में सिल्वर हासिल किया, जबकि मुथुपांडी राजा ने 65 किग्रा वर्ग में सिल्वर जीता। ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गौरतलब है कि फेडरेशन ने टीम के लिए बर्मिंघम में एक महीने का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था।
हेड कोच की प्रतिक्रिया और एशियन गेम्स की उम्मीद
हेड कोच विजय शर्मा ने कहा, 'जैसा हमने अनुमान लगाया था, वैसे ही मेडल मिल रहे हैं। हमें खुशी है कि एथलीट्स ने बेहतर प्रदर्शन किया है। ज्ञानेश्वरी ने अपने बेस्ट में 6 किलोग्राम जोड़ा है। हालांकि, बिंद्यारानी के एक लिफ्ट में चूकने से उनका कुल योग कम हो गया।' उन्होंने आगे कहा कि कुछ युवा एथलीट पहले ही एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं और उन्हें उम्मीद है कि टीम 25 साल से चले आ रहे एशियन गेम्स में मेडल के सूखे को इस बार खत्म करेगी। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय वेटलिफ्टिंग लॉस एंजिल्स 2028 को ध्यान में रखकर व्यवस्थित तैयारी कर रही है।