CWG 2026: मार्टिना देवी मैबाम 86+ किग्रा में पाँचवें स्थान पर, ब्रॉन्ज से 5 किग्रा दूर रहा भारत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला वेटलिफ्टर मार्टिना देवी मैबाम 30 जुलाई 2026 को ग्लासगो के एसईसी आर्माडिलो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 86+ किग्रा भारवर्ग में कुल 245 किग्रा वजन उठाकर पाँचवें स्थान पर रहीं और भारत को पदक दिलाने से चूक गईं। वह ब्रॉन्ज मेडल विजेता से महज 5 किग्रा पीछे रहीं — एक छोटे से अंतर ने देश की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
मार्टिना का प्रदर्शन: संघर्ष और संकल्प
स्नैच राउंड में मार्टिना ने पहले दो प्रयासों में 103 किग्रा वजन उठाने की कोशिश की, लेकिन दोनों बार असफल रहीं। हार न मानते हुए उन्होंने वजन 2 किग्रा बढ़ाकर 105 किग्रा किया और तीसरे प्रयास में सफलतापूर्वक उठाने में कामयाब रहीं — इस पल उनकी आँखों में आँसू थे।
क्लीन एंड जर्क में मार्टिना ने पहले प्रयास में 140 किग्रा सफलतापूर्वक उठाया। हालाँकि, इसके बाद 144 किग्रा और 146 किग्रा के अगले दोनों प्रयास नाकाम रहे, जिससे उनका कुल स्कोर 245 किग्रा पर रुक गया।
पदक विजेताओं का प्रदर्शन
इंग्लैंड की एमिली कैंपबेल ने कुल 278 किग्रा के साथ स्वर्ण पदक जीता, जो एक गेम्स रिकॉर्ड है। उन्होंने स्नैच में 115 किग्रा उठाया और क्लीन एंड जर्क में क्रमशः 148 किग्रा, 155 किग्रा और 163 किग्रा — अंतिम लिफ्ट भी कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड रही।
मलेशिया की सिती अकीलाह फरहाना ड्रामन ने कुल 253 किग्रा (स्नैच: 113 किग्रा; क्लीन एंड जर्क: 140 किग्रा) के साथ रजत पदक हासिल किया। कनाडा की एटा मे लव ने कुल 250 किग्रा उठाकर काँस्य पदक जीता — स्नैच में 106 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 140 किग्रा।
भारत का समग्र पदक तालिका में स्थान
इस स्पर्धा के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का कुल पदक योग 15 हो गया है — जिसमें 3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 काँस्य शामिल हैं। वेटलिफ्टिंग में भारत की उम्मीदें इस भारवर्ग में पूरी नहीं हो सकीं।
संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। गौरतलब है कि 86+ किग्रा भारवर्ग में अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा का स्तर उच्च रहा, और एमिली कैंपबेल का गेम्स रिकॉर्ड इस वर्ग की प्रतिस्पर्धात्मकता को रेखांकित करता है। मार्टिना का यह अनुभव उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए और मज़बूत बनाएगा।